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पिता किसान और माँ क्लर्क, प्रयागराज के गांव से निकलकर मात्र दूसरे प्रयास में बने IAS अधिकारी


शिक्षा के महत्व को समझने के लिए बड़े घर या शहरों में रहने की जरूरत नहीं होती। ऐसा बहुत बार देखा गया है कि छोटे परिवार, अति गरीब परिवार और छोटे से गांव के रहने वाले लड़कों ने भी ऐसी सफलता हासिल की है जिससे उन्होंने अपने साथ-साथ, अपने गांव का भी नाम रोशन किया है। आज की यह कहानी इलाहाबाद के छोटे से गांव के रहने वाले लड़के की है। जिन्होंने दूसरे प्रयास में यूपीएससी परीक्षा को सिर्फ पास ही नही किया बल्कि टॉपर लिस्ट में स्थान भी बनाया। आइए पढ़ते हैं इनके बारे में कुछ विशेष बातें की इन्होंने छोटे से गांव से होकर भी कैसे तैयारी की।

यह हैं अनुभव सिंह

अनुभव सिंह (Anubhav Singh) का जन्म उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के एक सिंपल फैमिली में हुआ। इनके पिता किसान एवं मां गवर्मेंट स्कूल में क्लर्क की नौकरी कर अपना जीवन व्यतीत किया करतें। इनका स्वभाव गंभीर और दिमाग पढ़ाई में लगा रहता। इनकी प्रारम्भिक शिक्षा दसेर 12वीं शिवकुटी से सम्पन्न की है। कुल मिलाकर इन्होंने अपनी पढ़ाई हिंदी मीडियम स्कूल से कियें हैं। यह हमेशा पढ़ाई में अव्वल आया करतें। इन्होंने IIT पास किया है। इन्होंने अपनी पढ़ाई का ध्वज UPSC CSE लहराया है। यह दूसरी प्रयास में UPSC 8वीं रैंक से पास कियें हैं।
1 अटेम्प्ट में हुए चयनि

वैसे तो अनुभव का सिलेक्शन पहली बार में ही हो गया लेकिन इनके अंक कम थे इस कारण इंडियन रिवेन्यू सर्विस में नियुक्ति मिली। उन्होंने इसे ज्वाइन करते हुए अपने यूपीएससी की पढ़ाई को शुरू रखा। यह ट्रेनिंग करते और पढ़ाई भी करते। कुछ वक्त के लिए इन्होंने छुट्टी लिया और जम कर पढ़ाई किया। अब दूसरे बार में यह यूपीएससी में सिर्फ सफलता ही हासिल नहीं कि बल्कि 8 वीं रैंक पाकर उसके टॉपर भी बने। इन्होंने UPSC कैंडिडेटस के लिए कुछ जानकारी अपने इंटरव्यू में दिया है।

एनसीईआरटी की किताबें जरूर पढ़ें

इन्होंने यह बताया कि परीक्षा के सबसे महत्वपूर्ण भाग 3 होते हैं। पहला प्री दूसरा मेंस और तीसरा इंटरव्यू। इन तीनों की तैयारी एकाग्रचित्त मन से करें। आपको जो एग्जाम पहले मिल रहा है उस पर अधिक ध्यान दें और उस विषय को अच्छी तरह तैयार करें। आप पहले इसके सिलेबस को देखें और फिर जरूरत के अनुसार अपने किताबों को चुने। अनुभव ने यह बताया कि एनसीईआरटी का किताब यूपीएससी कैंडिडेट के लिए अच्छा रहता है। आप इस किताब को पढ़े और इसका प्रैक्टिस बार-बार करते रहे क्योंकि पढ़ाई से जरूरी होता है प्रैक्टिस करना। हालांकि इनका मानना यह भी है कि आप कोई भी किताब सेलेक्ट कर रहे हैं उससे कोई फर्क नहीं पड़ता। लेकिन आप जो भी सिलेक्ट करें उसे हमेशा पढ़ते रहें ताकि आप उसे अच्छी तरह समझ ले। ताकि एग्जाम के दौरान आपको दिक्कतें ना आये।

टेस्ट सीरीज से जुड़े

अगर आपका प्री निकल गया है और आप मेंस की तैयारी कर रहे हैं तो इसके लिए आप टेस्ट सीरीज से जरूर जुड़े। इससे आपको अपने बारे में पता चल जाता है कि आपने किस तरह तैयारी की है। हालांकि यह बताते हैं कि ज्यादा टेस्ट सीरीज से भी नहीं जुड़ना चाहिए क्योंकि इसमें हमारा समय ज्यादा लगता है। सिर्फ हमें इतना ही प्रेक्टिस करना चाहिए कि परीक्षा के पैटर्न को हम अच्छी तरह समझ पाए।

ऑप्शनल ध्यानपूर्वक चुनें और एस्से पर भी ध्यान दें

उन्होंने बताया कि परीक्षा में जैसे अन्य विषय पर ध्यान दे रहे हैं उसी तरह एस्से पर भी ध्यान दें। एस्से के लिए भी हमें तैयारी जरूर करनी चाहिए। हमें इसे लिखकर देखना चाहिए कि परीक्षा में कोई दिक्कत का सामना तो नहीं करना पड़ेगा। आगे ऑप्शनल बहुत जरूरी है इसीलिए इसे अपने अनुसार इसे सेलेक्ट करें। इनका ऑप्शनल मैच था और इन्होंने अपने ऑप्शनल में बहुत अच्छे रैंक लायें। इन्होंने यह बताया कि जिस विषय मे अधिक रुचि हो उसे ऑप्शनल चुने।

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