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बेटे को IAS बनाने के लिए इस पिता ने बेच दिया था मकान, खुद करते हैं पेट्रोल पंप पर काम, और अब बेटा ही..


संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने शुक्रवार शाम सिविल सेवा परीक्षा-2018 का फाइनल रिजल्ट घोषित कर दिया है | मध्य प्रदेश के इंदौर के प्रदीप सिंह ने UPSC में 93वीं रैंक हासिल की है | शाम को जैसे ही प्रदीप का रिजल्ट आया और उसके चयन होने की सूचना मिली तो खुशियों की लहर दौड़ गई | हर कोई इनके घर बधाई देने पहुंचने लगा |
यूपीएससी 2018 के परिणाम में 93वीं रैंक हासिल करने वाले प्रदीप सिंह यूं तो मूलरूप से बिहार के रहने वाले हैं, मगर पिछले 25 साल से इनका परिवार इंदौर में रह रहा है | प्रदीप के पिता मनोज सिंह इंदौर के देवास रोड ​स्थित पेट्रोल पम्प पर काम करते हैं | मनोज सिंह के दो बेटे हैं, बेटा संदीप ने एमबीए कर रखा है | वहीं दूसरा बेटा अब IAS बन गया, प्रदीप ने देवी अहिल्या इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज से 2017 में बीकॉम ऑनर्स की पढ़ाई पूरी की थी |

प्रदीप का रिजल्ट आया तब भी उसके पापा पेट्रोल पम्प पर काम कर रहे थे | उसी समय उनके पास मीडिया भी पहुंच गया, मनोज सिंह ने बताया कि वे बेटे की सफलता काफी खुश है | बेटे को पढ़ाने-लिखाने में उन्होंने काफी संघर्ष किया, वहीं बेटे ने भी मेहनत करने में कोई कसर नहीं छोड़ी, रोजाना 17-18 से घंटे पढ़ता था 

मनोज सिंह ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, मगर दोनों बेटों को पढ़ने-लिखने का भरपूर अवसर किया | बेटे प्रदीप ने ​प्रशासनिक सेवा जाने में इच्छा जताई तो आर्थिक दिक्कत आ गई थी | बेटे के ख्वाब को पूरा करने के लिए मकान तक बेचना पड़ा, लेकिन अब बेटे ने कामयाब होकर दिखा दिया |


वहीं जयपुर के कनिष्क कटारिया बने यूपीएससी टॉपर, अक्षत दूसरे स्थान पर-
यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) की परीक्षा में राजस्थान का डंका बजा है | UPSC की ओर से 5 अप्रेल 2019 को जारी परीक्षा परिणाम में राजस्थान के कनिष्क कटारिया ने अखिल भारतीय स्तर पर प्रथम व अक्षत जैन ने दूसरा स्थान प्राप्त किया है | ये दोनों ही होनहार जयपुर के रहने वाले हैं | एक आईएएस तो दूसरा आईपीएस के परिवार से है | कनिष्क कटारिया ने पहले और अक्षत जैन ने दूसरे प्रयास ने आईएएस बनने में सफलता हासिल की है |

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