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Post office की 5 दमदार स्कीम्स, बेहतरीन ब्याज के साथ मिलता है डबल फायदा


बेहतर कल के लिए हम हमेशा नए विकल्पों की तलाश में रहते हैं. देश में म्यूचुअल फंड और शेयर मार्केट के निवेश के विकल्प होने के बाद भी कई निवेशक अब भी सुरक्षा को ज्यादा महत्व देते हैं. सुरक्षित रिटर्न देने वाले साधनों में पोस्ट ऑफिस की स्कीमों का बड़ा आकर्षण रहा है. अच्छे रिटर्न के लिए लोग अक्सर गलत जगह अपना पैसा फंसा बैठते हैं. लेकिन, जरूरत है ऐसी स्कीम्स की, जो न सिर्फ बेहतर रिटर्न दे बल्कि जोखिम भी कम हो. ऐसा ही विकल्प है पोस्ट ऑफिस, जहां कई ऐसी स्कीम्स हैं, जो आपके कल को सुरक्षित रखती हैं और साथ ही रिटर्न भी काफी अच्छा है.

मिलता है डबल फायदा: पोस्ट ऑफिस की छोटी बचत योजनाएं बड़े काम की हैं. इनमें निवेश करने पर न सिर्फ सरकारी गारंटी मिलती है. बल्कि अच्छे रिटर्न के साथ टैक्स छूट का भी फायदा मिलता है. इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C के तहत एक वित्तीय वर्ष में 1.5 लाख रुपए तक की छूट मिलती है. आप इन बचत योजनाओं का इस्तेमाल टैक्स छूट के दावे में कर सकते हैं.

मंथली इनकम स्कीम (MIS) अगर आप ज्यादा जोखिम वाली स्कीमों में निवेश नहीं करना चाहते तो मंथली इनकम स्कीम (MIS) आपके लिए बेहतर ऑप्शन है. मंथली इनकम स्कीम में कस्टमर को 6.60 प्रतिशत ब्याज मिलता है. मंथली इनकम स्कीम के नाम से ही जाहिर होता है कि इसमें ब्याज की रकम हर महीने दी जाती है. ब्याज की रकम हर महीने आपके बचत खाते में डाल दी जाती है. MIS की अवधि 6 साल की होती है. इसमें मिनिमम 1500 रुपए अपने खाते में रखना होता है. अधिकतम 4.5 लाख रुपए ही खाते में रख सकते हैं. स्कीम में ज्वाइंट अकाउंट की भी सुविधा है. इसकी अधिकतम लिमिट 9 लाख रुपए है.

सेविंग अकाउंट (SA): पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट खुलवाने वाले कस्टमर्स को सालाना 4 फीसदी ब्याज मिलता है. 20 रुपए की नकद राशि से कोई भी व्यक्ति डाकघर में सेविंग अकाउंट खोल सकता है. वहीं, रेकरिंग डिपॉजिट अकाउंट में ब्याज 5.8 फीसदी है. रेकरिंग डिपॉजिट स्कीम में हर महीने जमा आधार न्यूनतम 10 रुपए है. अधिकतम कोई सीमा नहीं है. अगले पांच वर्ष के लिए उसी ब्याज दर पर बढ़ने की सुविधा भी मिलती है.

सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (SCSS) पोस्ट ऑफिस सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (POSCSS) वरिष्ठ नागरिकों के लिए पांच साल की एक योजना है. फिलहाल इस योजना में सालाना 7.4 प्रतिशत की ब्याज दर मिल रही है. ब्याज को तिमाही आधार पर अकाउंट में क्रेडिट किया जाता है. इस योजना में भी निवेश पर इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C में छूट का फायदा मिलता है. अगर ब्याज राशि सालाना 10000 रुपए से ज्यादा है, तो स्रोत पर टैक्स कटौती यानी TDS काटा जाता है.

नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट(NSC) नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट बिल्कुल फिक्सड डिपोजिट की तरह है. PPF की तरह यहां भी ब्याज टैक्स फ्री होता है और 8 फीसदी ब्याज मिलता है. ब्याज की गणना सालाना आधार पर होती है, लेकिन ब्याज की राशि मैच्योरिटी पर मिलती है. नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट में जमा राशि पर आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के तहत कर छूट मिलती है. NSC ऐसी स्कीम है, जिसे डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक अफेयर्स ऑपरेट करता है.

टाइम डिपोजिट स्कीम (TDS) टाइम डिपोजिट योजना पांच साल के लिए होती है. जिसे 200 रुपए से शुरू किया जाता है. पहले तीन साल तक ब्याज दर 5.50 प्रतिशत है. पांचवें साल में 6.70 प्रतिशत ब्याज मिलता है. ब्याज वार्षिक रूप में मिलता है. लेकिन, तिमाही के आधार पर जोड़ा जाता है. योजना में मिलने वाला ब्याज बिल्कुल टैक्स फ्री है.

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