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भारत के 5 सबसे खूंखार और दिल दहला देने वाले डाकू, जिनसे हर कोई कांपता था

भारत के 5 सबसे खूंखार और दिल दहला देने वाले डाकू, जिनसे हर कोई कांपता था

आज हम आप लोगों के लिए इतिहास के पन्नों से कुछ ऐसे नाम लेकर आये हैं जिनके बारे में जब आस पास के लोग सुनते थे तो थर-थर कांपते थे. वैसे तो भारत में कई ऐसे खूंखार डाकू हुए हैं जिसे लोग काफी डरा करते थे लेकिन आज हम आप लोगों के लिए 5 ऐसे नाम लेकर आये हैं जिनके बारे में आप जरूर जानना चाहेंगे, इतना ही नहीं यह कुछ इसे नाम हैं जिनके ऊपर फ़िल्में भी बन चुकी हैं.

5. डाकू मानसिंह: अक्सर हमें चम्बल की घाटियों और डाकों की बातें सुंनने को मिलती हैं. दरअसल डाकू मान सिंह चंम्बल की घाटियों में रहा करता था और वहां के आस पास के इलाके में यह अपनी लूट पाट करता था. अगर हम इनके परिवार की बात करें तो मान सिंह आगरा के एक राज परिवार से था, और इनके ऊपर 1000 से ऊपर लोगों के साथ लूट पाट करने का आरोप और 125 लोगों की हत्या का आरोप था. जिसके चलते साल 1995 में पुलिस एनकाउंटर में मान सिंह मारा गया.

4. वीरप्पन




यह एक काफी खूंखार डाकू था, इसका आतंक केरल और तमिलनाडु के जंगलों में था. दोस्तों इसकी जिंदगी के ऊपर एक फिल्म भी बनी है जो इसके बारे में कुछ एक बातों को बताती है की यह कितना खूबकर हुआ करता था. यह जंगल से चन्दन और हाथी दांत की तस्करी किया करता था, इतना ही नहीं इसको पकड़ने के लिए सरकार ने 20 करोड़ से ज्यादा रुपये खर्च किये थे जिसके बाद साल 2004 में इसका एनकाउंटर कर दिया गया.

3. निर्भय सिंह गुर्जर


चम्बल के इलाके का यह एक बहुत ही खतरनाक डाकू हुआ करता था, जिसके ऊपर सरकार ने 50000 का इनाम भी रखा था. आपको बता दें की यह इतना खतरनाक डाकू था की इसका खौफ आस पास के 200 गांबों में था. इतना ही नहीं कहा जाता है की इसने अपनी एक फ़ौज भी बनाई हुई थी, जिसमें 50 लोग शामिल थे. साल 2005 में इसको पुलिस ने एक एनकाउंटर में मार गिराया.

2. सुल्तान डाकू



इसके बारे में कुछ ज्यादा तो मालूम नहीं है लेकिन कहा जाता है की यह उत्तर प्रदेश का रहने वाला था और इसके नाम से वहां पर एक किला भी है. और यह भी कहा जाता है की यह उत्तर प्रदेश का सबसे खतरनाक डाकू था. लेकिन वहीँ दूसरी तरफ यह गरीबों का मसीहा भी हुआ करता था, जसिके चलते यह गरीबों को अक्सर खाना और पैसे दिया करता था.

1. फूलन देवी



फूलन देवी की कहानी काफी दर्द भरी और खौफनाक है, दरअसल अपने ऊपर हुए जुल्मों के खिलाफ इसने हथ्यार उठा लिया. जिसके बाद इसने एक साथ 21 ठाकुरों को एक साथ खड़ा करके गोली मार दी थी. इतना ही नहीं यह एक ऐसा नाम थी जिससे की पूरा भारत के लोग डरते थे. लेकिन 1983 में इंदिरा गांधी के कहने पर इसने अपने आप को पुलिस के हवाले कर दिया और 11 साल की सजा के बाद एक आम औरत बकर अपनी जिंदगी बितायी.

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