Breaking News

अच्छी खबर, 6 रुपए प्रति यूनिट मिलेगी बिजली और स्थाई शुल्क होगा केवल 135 रुपए

Good news, electricity will be Rs 6 per unit and permanent fee will be only Rs 135

राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने के लिए चार्जिंग स्टेशन संचालकों या आम उपभोक्ताओं को बिजली कॉमर्शियल के बजाय घरेलू दर से मिलेगी। दर 6 रुपए प्रति यूनिट होगी और स्थाई शुल्क 135 रुपए की जगह 40 रुपए प्रतिमाह लगेगा। पहली बार टाइम ऑफ डे (टीओडी) की व्यवस्था भी लागू की गई है।

इसके तहत चार्जिंग स्टेशन पर रात 11 से सुबह 6 बजे तक वाहन चार्ज करने पर बिजली दर में 15 प्रतिशत की छूट मिलेगी। रात में अतिरिक्त बिजली होने के कारण टीओडी व्यवस्था की गई है। परिवहन विभाग की ओर से बनाई जा रही ई-वाहन पॉलिसी में इसे शामिल किया गया है और अब ड्रॉफ्ट जारी करने की तैयारी है। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए विद्युत विनियामक आयोग पहले कंसेप्ट पेपर भी जारी कर चुका है।

यह सुविधा भी मिलेगी
- बिजली बिल भुगतान तय तिथि से 7 दिन पहले करने पर बिजली उपभोग व स्थाई शुल्क में 0.15 प्रतिशत और 10 दिन पहले करने पर 0.35 प्रतिशत की छूट।

- प्रीपेड मीटरिंग प्रणाली का विकल्प चुनने पर प्रति यूनिट 15 पैसे की छूट।

6.21 प्रतिशत हिस्सा राजस्थान में
सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2030 तक सड़कों पर 100 फीसदी ई-वाहन हों। नीति आयोग की रिपोर्ट में इसका जिक्र भी है। देश में बिकने वाले ई-वाहनों में राजस्थान का हिस्सा 6.21 प्रतिशत है।

देश में स्थिति
- 36744 ई-वाहन दौड़ रहे हैं सड़कों पर
- 1.13 करोड़ लीटर ईंधन की बचत हो रही इनसे
- 37241 लीटर ईंधन बच रहा प्रतिदिन
- 84755 किलोग्राम कार्बनडाइ ऑक्साइड में कमी प्रतिदिन
- 2.56 करोड़ किलोग्राम कार्बनडाइ ऑक्साइड कम हुई अब तक

राजस्थान में ई-वाहनों की स्थिति
चौपहिया वाहन (एम-1) : 1
तिपहिया (एलएसएम) : 13
तिपहिया (ई-रिक्शा) : 293
तिपहिया (ई-कार्ट) : 1
दोपहिया (एल-1) : 1484

(सड़क परिवहन औरराजमार्ग मंत्रालय व भारी उद्योग मंत्रालय के अनुसार)

कॉमर्शियल दर चुका रहे, ई-वाहन श्रेणी में केवल एक आवेदन
जयपुर समेत राज्य में अभी ज्यादातर ई-वाहन चार्जिंग के लिए कॉमर्शियल दर चुका रहे हैं। इनमें ज्यादातर ई-रिक्शा हैं। ई-वाहन श्रेणी के चार्जिंग स्टेशन के लिए अभी केवल एक आवेदन आया है। डिस्कॉम के कोटपूतली सब डिविजन में मल्टीनेशनल कंपनी चार्जिंग स्टेशन लगाना चाहती है। फास्टर अडॉप्शन एण्ड मेन्यूफेक्चरिंग ऑफ हाईब्रिज एण्ड इलेक्ट्रिक व्हीकल (फेम) के तहत चार्जिंग स्टेशन बनाने का काम हो रहा है।

यह देने पर भी मंथन
- परिवहन विभाग की ड्राफ्ट पॉलिसी में 2024 तक 25 प्रतिशत ई-वाहन करने का लक्ष्य प्रस्तावित।
- दोपहिया वाहन, कार, ऑटो-रिक्शा, मालवाहक वाहन, ई-रिक्शा पर 30 हजार रुपए तक की सब्सिडी।
- ई-वाहनों के लिए पंजीकरण शुल्क और रोड टैक्स में छूट।
- स्क्रैपिंग प्रोत्साहन, ई-वाहनों की खरीद पर कम ब्याज ऋण।

ई-वाहन पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। सरकार इलेक्ट्रॉनिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए कई तरह की सुविधाएं देने जा रही है। आपत्ति-सुझाव के बाद इसे शीघ्र लागू करेंगे।

No comments