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हिमाचल प्रदेश के बारे में जाने एक नजर में इतिहास के कुछ पेहलू

Know about Himachal Pradesh at a glance

इतिहास: हिमाचल प्रदेश का इतिहास उतना ही प्राचीन है, जितना की मानव अस्तित्व का अपना इतिहास है I इसके समृद्ध और विविध इतिहास को कई अलग युगों में विभाजित किया गया है I

एक नजर में: क्षेत्र के प्राचीनतम ज्ञात जन जातिय निवासियों को दास कहा जाता था I बाद में आर्य आये और वे जनजातियों में रहने लगे I बाद की शताब्दियों में, पहाड़ी सरदारों ने मौर्य साम्राज्य, कुषाण, गुप्त और कन्नौज शासकों का अधिराज्तव स्वीकार किया I मुग़ल साम्राज्य के दौरान, पहाड़ी राज्यों के राजाओं ने परस्पर सहयोग से ऐसी व्यवस्था बनाई जिससे उनके संबंध प्रगाढ़ हुए I 19वीं शताब्दी में महाराजा रणजीत सिंह ने बहुत से राज्यों को अपने अधीन कर लिया I अंग्रेज जब भारत आये तो उन्होंने गोरखाओं को पराजित किया, बाद में कुछ राजाओं के साथ उन्होंने संधियाँ की और अन्य राज्यों पर अपना कब्ज़ा जमा लिया I 1947 ई तक स्थिति लगभग वैसी ही बनी रही I स्वतंत्रता के पश्चात क्षेत्र की 30 पहाड़ी रियासतों को एकजुट करके 15 अप्रैल 1948 को हिमाचल प्रदेश की स्थापना की गयी I 1 नवम्बर 1966 को पंजाब के अस्तित्व में आने पर कुछ अन्य सम्बंधित क्षेत्रों को हिमाचल में मिला लिया गया I 25 जनवरी 1971 को हिमाचल प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा प्राप्त हो गया I राज्य उत्तर में जम्मू-कश्मीर से, दक्षिण-पश्चिम में पंजाब से, दक्षिण में हरियाणा से, दक्षिण-पूर्व में उत्तराखंड से तथा पूर्व में तिब्बत(चीन) की सीमाओं से घिरा हैI |

तीर्थाटन: प्राचीन समय से हिमाचल को देवताओं का स्थान "देवभूमि" के नाम से जाना जाता था I हिमालय पर्वत की शानदार ऊंचाई, अपनी विहंगम सुन्दरता और आध्यात्मिक शांति की आभा के साथ देवताओं का प्राकृतिक घर के सामान प्रतीत होता है I पूरे प्रदेश में 2 हज़ार से ज़्यादा मंदिर हैं जो कि इस तथ्य को अपने आप में दोहराते हैं I

उच्च पर्वत मालाओं और पृथक घाटियों का राज्य होने के नाते, मंदिर वास्तुकला की कई अलग-अलग शैलियों का विकास किया और यहाँ पर नक्काशीदार पत्थर शिखर, पैगोड़ाशैली के धार्मिक स्थल, बौद्ध मठों की तरह मंदिर या सिक्ख गुरुद्वारा है I उनमे से तीर्थ यात्रा के महत्वपूर्ण स्थान है और हर साल देश-भर से हज़ारों श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं I

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