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कप्तान बनने के बाद इन पांच खिलाड़ियों के साथ विराट कोहली की नाइंसाफी


भारत में सौरव गांगुली के समय से ही कप्तान अपने कुछ मुख्य खिलाड़ी का चयन करते हैं, जिन्हें वो बैक करते हैं और फिर उन्हें टीम में जगह देने के लिए कुछ भी कर जाते हैं, ऐसा हम नहीं बल्कि खुद भारतीय खिलाड़ी भी कहते हैं, कई बार युवराज सिंह, हरभजन सिंह और अनिल कुंबले जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के मुंह से सुना गया है, कि सौरव गांगुली उन्हें टीम में जगह देने के लिए चयनकर्ताओं से भी लड़ जाते थे।

ऐसा ही भारतीय कप्तान विराट कोहली भी करते हैं, जब से वो कप्तान बने हैं उन्होंने कुछ खिलाड़ियों को बैक किया है, लेकिन कुछ ऐसे भी खिलाड़ी रहे हैं जिन्हें शायद भारतीय कप्तान पसंद नहीं करते शायद इसीलिए उन्हें टीम इंडिया में भी मौका कम ही मिलता है।

विराट कोहली की कप्तानी में भारतीय टीम शानदार प्रदर्शन भी कर रही है तो साथ ही कई युवा खिलाड़ियों ने अपनी खास पहचान बनायी है लेकिन आपको बताते हैं उन खिलाड़ियों के बारे में जिनके साथ विराट कोहली की कप्तानी में काफी नाइंसाफी हुई है तो डालते हैं ऐसे ही 

पांच खिलाड़ियों पर एक नजर…

शुभमन गिल भारतीय क्रिकेट टीम के युवा प्रतिभाशाली बल्लेबाज शुभमन गिल इस समय तो धीरे-धीरे अपने आपको साबित करने में लगे हुए हैं। शुभमन गिल का नाम पहली बार साल 2018 के अंडर-19 विश्व कप में सुर्खियों में आया जिसके बाद तो पंजाब के इस बल्लेबाज ने आईपीएल के साथ ही घरेलू क्रिकेट में बहुत ही शानदार प्रदर्शन किया।

इसी साल 2019 में शुभमन गिल को भारत के लिए डेब्यू का मौका मिला, लेकिन कुछ वनडे मैच खेलने के बाद वो टीम से दूर हैं। शुभमन गिल ने हाल ही में न्यूजीलैंड में भारत ए के लिए बहुत ही बेहतर किया था, जिसके बाद उन्हें भारत की टेस्ट टीम में जगह भी दी गई लेकिन प्लेइंग इलेवन से बाहर ही रखा। अब तक शुभमन गिल के साथ कोहली नाइंसाफी कर रहे हैं, वहीं रोहित शर्मा की कप्तानी में उन्हें डेब्यू का मौका मिला था।

संजू सैमसन भारतीय क्रिकेट टीम में युवा प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कोई कमी नहीं है। भारतीय टीम में एक से एक युवा खिलाड़ी हैं जिसमें केरल के विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन को कैसे भुलाया जा सकता है। संजू सैमसन सालों से घरेलू क्रिकेट और भारत ए के साथ ही आईपीएल में चमकदार प्रदर्श कर रहे हैं लेकिन उन्हें मौके के नाम पर अब तक केवल गिनती के टी20 मैच खेलने मिले हैं।

संजू सैमसन ने साल 2015 में टी20 मैच के साथ डेब्यू किया था जिसके बाद उन्हें साल 2020 में फिर से टीम में जगह मिली लेकिन इस बार उन्हें कुछ ही मैच खेलने को मिले। सबसे बड़ी बात तो संजू को किसी खिलाड़ी के चोटिल होने पर टीम में शामिल किया जाता है। यानि साफ है कोहली संजू के साथ गलत कर रहे हैं।

दिनेश कार्तिक भारतीय क्रिकेट टीम में विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक में जबरदस्त प्रतिभा रही है। दिनेश कार्तिक को अपने करियर में अंदर-बाहर के खेल से लंबे समय तक सामना करना पड़ा। दिनेश कार्तिक ने वैसे वापसी भी की और अपनी योग्यता भी साबित की लेकिन विराट कोहली ने इसका साथ ज्यादा इंसाफ नहीं किया।

दिनेश कार्तिक की बात करें तो वो फिलहाल टीम से बाहर हैं। उनके साथ कोहली ने कुछ ज्यादा ही अनदेखी की है। कार्तिक को साल 2017 के चैंपियंस ट्रॉफी में मौका मिला जहां भारत फाइनल तक पहुंचा, लेकिन कार्तिक को कोई मैच खेलने नहीं मिला। इसी तरह से दिनेश कार्तिक को पिछले साल विश्व कप में भी मौका मिला लेकिन प्लेइंग इलेवन में उन्हें केवल दो मैच खेलने का मौका मिला जिसके बाद टीम से ही बाहर कर दिया।

अंबाती रायडू भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज अंबाती रायडू को महेन्द्र सिंह धोनी की कप्तानी में अच्छा खासा मौका मिला। आईपीएल में अपनी पहचान बनाने के बाद रायडू को वनडे में मौका मिला जिन्होंने 2015 का विश्व कप खेलने में भी सफलता हासिल की। अंबाती रायडू को विश्व कप के बाद टीम से बाहर कर दिया था।

अंबाती रायडू ने इसके बाद अपने अच्छे प्रदर्श के बूते साल 2018 में फिर से टीम में वापसी की और लगातार खेलते रहे। रायडू विश्व कप 2019 के पहले तक तो टीम का खास हिस्सा थे, लेकिन इसके बाद विश्व कप की स्क्वॉड से रायडू को बाहर कर दिया। अंबाती रायडू को अच्छी फॉर्म में होने के बाद भी कप्तान कोहली ने नाइंसाफी कर टीम से बाहर कर दिया।

गौतम गंभीर भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर का भारतीय क्रिकेट में जिस तरह का योगदान रहा वो कभी भुलाया नहीं जा सकता है। गौतम गंभीर ने भारतीय टीम को टी20 विश्व कप 2007 और विश्व कप 2011 जीताने में अहम भूमिका निभायी है। लेकिन गौतम गंभीर के करियर का अंत बहुत ही बुरा हुआ जिनको संन्यास बड़े सम्मान के साथ लेने का भी मौका नहीं मिला।

विश्व कप 2011 के बाद से ही गंभीर को महेन्द्र सिंह धोनी ने अनदेखा करना शुरू कर दिया था। गंभीर को लगातार नजरअंदाज करने का काम विराट कोहली ने भी कप्तानी संभालने के बाद जारी रखा। वैसे गंभीर ने जरूर 2016 में वापसी की लेकिन इसके बाद कुछ ही मैचों में उन्हें टीम से बाहर कर दिया। अगर कप्तान कोहली उन्हें मौका देते तो खास सम्मान मिल सकता था। लेकिन ऐसा नहीं हो सका।


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