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बिहार आये और इन जगहों पर नहीं घूमे तो क्या खाक बिहार आये

If you came to Bihar and did not travel to these places, then you came to Bihar

1. महाबोधि मंदिर- महाबोधि मंदिर बिहार के परिभ्रमण स्थल में उन स्थलों में शामिल है जिनको विश्व धरोहरों में गिना जाता है। इस मंदिर में ध्यान रख महात्मा बुद्ध की प्रतिमा के दर्शन के बाद परिभ्रमण करने वाले लोगों को बोधि वृक्ष भी देखने का अवसर प्राप्त होता है। इसी बोधि वृक्ष के नीचे गौतम को ज्ञान प्राप्त हुआ था। जिसके पश्चात वह गौतम बुद्ध कहलाने लगे।

2. राजगीर का शांति स्तूप- दोस्तों, राजगीर का शांति स्तूप पहाड़ी पर स्थित सफेद गुंबद के आकार का स्तूप है जिसके चारों दिशाओं में महात्मा बुद्ध के 4 प्रतिमाएं अलग-अलग मुद्राओं में लगी हुई है। इस स्थान पर पहुंचने के लिए रज्जू मार्ग की सुविधा का इस्तेमाल किया जाता है। इस स्थान पर चढ़ने के पश्चात यहां से चारों दिशाओं में मौजूद पहाड़ियों का मनोरम दृश्य को देखा जा सकता है।

3. नालंदा विश्वविद्यालय- नालंदा विश्वविद्यालय वह स्थान है जो प्राचीन काल में अपने ज्ञान के लिए जाना जाता था। हजारों किलोमीटर की दूरी तय करके विद्यार्थी इस विश्वविद्यालय में ज्ञान अर्जित करने आते थे। यहां विश्वविद्यालय पांचवी शताब्दी में स्थापित की गई थी। यह बहुत दुर्भाग्य की बात है कि वहां उस स्थान पर अभी मात्र इस विश्वविद्यालय के अवशेष ही बचे हैं। इस विश्वविद्यालय में जाने के पश्चात संग्रहालय में मौजूद कई दुर्लभ पांडुलिपियों और मूर्तियों देखने का अनुभव प्राप्त होता है।

4. जल मंदिर- यह स्थान पावापुरी में स्थित है। इस मंदिर की विशेषता इस वजह से भी माई की इसी जगह पर भगवान महावीर ने शरीर त्याग कर महापरिनिर्वाण प्राप्त किया था। जल के बीच मौजूद होने के कारण इस स्थान का दृश्य काफी मनोरम होता है।

दोस्तों, यह थी कुछ परिभ्रमण स्थल जो बिहार में मौजूद है। अगर आपको कभी बिहार में परिभ्रमण करने का मौका मिले तो इन जगहों पर जरूर जाए।

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