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हिमाचल में बर्फ के बीच नववर्ष का जश्‍न मनाना चाहते हैं तो यहां घूमने का बना सकते हैं प्रोग्राम

If you want to celebrate New Year in the middle of snow in Himachal, then you can make a program to roam here, read the news

अगर आप नववर्ष पर घूमने का प्लान बना रहे हैं तो धर्मशाला आ सकते हैं। धौलाधार की तलहटी के बसे हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा का मुख्यालय धर्मशाला में इस बार नववर्ष कुछ खास होगा। इसका कारण यह है कि इस बार पर्यटक यहां 31 दिसंबर रात को बर्फवारी की सफेद चादर के बीच नववर्ष का स्वागत कर सकते हैं। मैक्‍लोडगंज के नड्डी में भारी बर्फबारी हुई है। आइए आपको धर्मशाला और यहां के पर्यटन स्थलों के बारे में जानकारी देते हैं।

धर्मशाला की शान है पर्यटन स्थल मैक्लोडगंज अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम बनने के बाद वैसे तो धर्मशाला शहर की विश्व स्तर पर अपनी ही अलग पहचान है, लेकिन धर्मशाला आएं तो यहां के प्रमुख पर्यटन स्थल मैक्लोडगंज घूमना न भूलें। धर्मशाला से 12 किलोमीटर दूरी पर स्थित मैक्लोडगंज में धर्मगुरु दलाई लामा का निवास स्थल हैं। मैक्लोडगंज के अासपास कई पर्यटन स्थल हैं। यहां इलाई लामा मंदिर, भागसू नाग मंदिर, वाटर फॉल, धर्मकोट, गलू व डल झील नड्डी प्रमुख पर्यटन स्थल हैं। इसके अलावा धर्मशाला शहर के आसपास टी गार्डन, क्रिकेट स्टेडियम, शहर के सात किलोमीटर दूर करमापा बौद्ध मठ हैं।

पैराग्लाइडिंग का भी ले सकते हैं लुत्फ धर्मशाला के इंद्रूनाग मंदिर के पास पैराग्लाइडिंग भी करवाई जाती है। यहां प्रोफेशनल पायलट टैंडम फ्लाइंग करवाते हैं। धर्मशाला में पैराग्लाइडिंग का लुत्फ लेने के लिए प्रति व्यक्ति एक हजार से 1500 रुपये के बीच शुल्क लिया जाता है।

मैक्लोडगंज से ही त्रियुंड जाने को है मार्ग मैक्लोडगंज के गलू से त्रियुंड जाने के लिए रास्ता जाता है। गलू से करीब 10 किलोमीटर दूर खड़ी चढ़ाई चढ़कर त्रियुंड जाया जा सकता है। अभी बर्फवारी होने के चलते अब त्रियुंड ट्रैक बंद हो गया है। जिसे लेकर चेतावनी बोर्ड भी लगाए हैं। इसके विपरीत भी इन दिनों त्रियुंड न जाएं।

31 दिसंबर की रात रहेगी कुछ राहत कोरोना काल के कारण जिला कांगड़ा में रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक नाइट कर्फ्यू लगाया गया है। होटल व्यवसायियों की मांग व क्रिसमस में क्षेत्र में उमड़े पर्यटकों को देखते हुए जिला प्रशासन ने 31 दिसंबर की रात को पर्यटकों के लिए कुछ राहत देने का प्लान बनाया है। 31 दिसंबर मध्य रात्रि 12 बजे से कुछ समय के लिए नववर्ष का स्वागत करने के लिए पर्यटकों को राहत देते हुए बाहर निकलने की अनुमति होगी, लेकिन शारीरिक दूरी का खास ख्याल रखा जाएगा। जिसके चलते हर चौक में पुलिस तैनात रहेगी।

कैसे पहुंचे धर्मशाला अगर आप पठानकोट से अपना वाहन लेकर आ रहे हैं, तो पठानकोट से धर्मशाला की दूरी 100 किलोमीटर है यानि वहां से करीब दो से ढ़ाई घंटे में धर्मशाला पहुंच सकते हैं। धर्मशाला के लिए दिल्ली व चंडीगढ़ में हवाई सेवा का भी प्रबंध है। दोनों जगह से गगल एयरपोर्ट तक स्पाइस जेट व एयर इंडिया के विमान आते हैं। गगल से 15 किलोमीटर सड़क मार्ग से होते हुए धर्मशाला पहुंच सकते हैं।

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