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गुड न्यूज़ : सबसे पहले कोरोना वैक्सीन चाहिए तो Co-WIN पर करना होगा रजिस्टर, जानिए पूरा प्रोसेस


कोरोना वायरस वैक्सीन विकसित करने वाली तीन कंपनियों ने देश में वैक्सीन के इमरजेंसी यूज के लिए आवेदन किया है और माना जा रहा है कि जल्द ही टीकाकरण कार्यक्रम शुरू हो सकता है. स्वास्थ्य मंत्रालयने मंगलवार को बताया कि कैसे पूरा टीकाकरण कार्यक्रम चलाया जाएगा, हालांकि अभी भी कोई तारीख फिक्स नहीं की गई है. 

स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने बताया कि केंद्र सरकार ने एक ऐप बनाया है, जो पूरी प्रक्रिया पर निगरानी रखेगा, शुरू से लेकर आखिर तक... Co-WIN एक नया ऐप है, जिसे मुफ्त में डाउनलोड किया जा सकता है. हालांकि Co-WIN, इलेक्ट्रॉनिक वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क (eVIN) का अपग्रेडेड वर्जन है. यहां पढ़िए इस ऐप से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें, जो आपको जाननी चाहिए.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि इस ऐप से टीकाकरण की प्रक्रिया, प्रशासनिक क्रिया कलापों, टीकाकरण कर्मियों और उन लोगों के लिए एक मंच की तरह काम करेगा, जिन्हें वैक्सीन लगाई जानी है. सरकार पहले दो चरण में चुनिंदा लोगों को टीका लगवाएगी. इनमें पहले चरण में सभी फ्रंटलाइन हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स और दूसरे चरण में आपातकालीन सेवाओं से जुड़े लोगों को वैक्सीन का टीका लगेगा. राज्य सरकारें इन लोगों का डाटा इकट्ठा करने में लगी हैं, तीसरे चरण में उन लोगों को वैक्सीन लगाई जाएगी, जो गंभीर बीमारियों के शिकार हैं. इसके साथ ही सेल्फ रजिट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. सेल्फ रजिस्ट्रेशन Co-WIN ऐप के जरिए किया जाएगा.

मंत्रालय के मुताबिक Co-WIN ऐप में 5 मॉड्यूल हैं. पहला प्रशासनिक मॉड्यूल, दूसरा रजिस्ट्रेशन मॉड्यूल, तीसरा वैक्सीनेशन मॉड्यूल, चौथा लाभान्वित स्वीकृति मॉड्यूल और पांचवां रिपोर्ट मॉड्यूल... खबरों के मुताबिक एक व्यक्ति के टीकाकरण में 30 मिनट का समय लगेगा और हर सेशन में 100 लोगों को वैक्सीन लगाई जाएगी. प्रशासनिक मॉड्यूल उन लोगों के लिए है जो टीकाकरण कार्यक्रम को अमलीजामा पहनाएंगे. इस मॉड्यूल के जरिए वे सेशन तय कर सकते हैं, जिसके जरिए टीका लगवाने लोगों और प्रबंधकों को नोटिफिकेशन के जरिए जानकारी मिल जाएगी.

रजिस्ट्रेशन मॉड्यूल  उन लोगों के लिए होगा जो टीकाकरण कार्यक्रम के लिए अपना रजिस्ट्रेशन करवाएंगे. इस मॉड्यूल के जरिए बड़ी संख्या में जानकारी अपलोड की जा सकती है. साथ ही स्थानीय प्रशासन और सर्वेकर्ताओं द्वारा गंभीर बीमारियों से जुड़े एकत्रित डाटा को अपलोड किया जाएगा.

वैक्सीनेशन मॉड्यूल उन लोगों की जानकारियां को वेरिफाई करेगा, जो टीका लगवाने के लिए अपना रजिट्रेशन करेंगे और इस बारे में स्टेटस अपडेट करेगा. लाभान्वित स्वीकृति मॉड्यूल के जरिए टीकाकऱण के लाभान्वित लोगों को मैसेज भेजे जाएंगे. साथ ही इससे क्यूआर कोड भी जनरेट होगा और लोगों को वैक्सीन लगवाने का ई-प्रमाणपत्र मिल जाएगा.

रिपोर्ट मॉड्यूल के जरिए टीकाकरण कार्यक्रम से जुड़ी रिपोर्ट तैयार होंगी, जैसे टीकाकरण के कितने सेशन हुए, कितने लोगों को टीका लगा. कितने लोगों ने रजिस्ट्रेशन के बावजूद टीका नहीं लगवाया. इस ऐप के जरिए उन कोल्ड स्टोरेज के तापमान का रियल डाटा भी उपलब्ध होगा, जहां वैक्सीन के टीके स्टोर किए गए हैं.

स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने मंगलवार को कहा कि देश में उन सभी लोगों को टीका लगेगा, जो लगवाना चाहते हैं, इनमें एक करोड़ के करीब स्वास्थ्य कर्मी, दो करोड़ फ्रंटलाइन वर्कर और 27 करोड़ चुनिंदा उम्र वर्ग के लोग शामिल हैं. हालांकि उन्होंने आगे ये भी जोड़ा कि इस बारे में केंद्र सरकार तय करेगी कि आगे के चरणों में क्या होगा. कोरोना वायरस की उपलब्धता के आधार पर ये सारी चीजें क्रमशः चलती रहेंगी.

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