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माँ व दादी का आशीर्वाद लेकर IPS सूकीर्ति माधव मिश्रा ने ज्वाइन किया SP शामली का पद


उत्तर प्रदेश में तैनात 2015 बैच के आईपीएस अधिकारी सूकीर्ति माधव मिश्रा ने अपना प्रमोशन होने के बाद अपना बैच अपनी मां व दादी से लगवा कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। 2015 बैच के आईपीएस अधिकारी सुकृति माधव कुछ दिन पूर्व हुए 43 आईपीएस अधिकारियों की तबादला लिस्ट के बाद शामली के नए कप्तान बने हैं। एसपी शामली का पद ज्वाइन करने से पहले सूकीर्ति माधव मिश्रा ने काशी को प्रणाम करते हुए ट्वीट काट लिखा कि, काशी बहुत दयालु है। मुझे सब कुछ बहुत याद आएगा। काशी की श्रद्धा मेरे जीवन में सदा बनी रहेगी। अलविदा काशी, जल्द फिर मिलेंगे। 

PM के कार्यक्रम में पढ़ी गई थी 'मैं खाकी हूं' कविता
कोरोना महामारी के दौर में जहां हर ओर कोरोना वॉरियर्स की चर्चा थी वहीं मूल रूप से बिहार के जमुई जि‍ले के मलयपुर गांव के होनहार और युवा आईपीएस अधिकारी की चर्चा पूरे देश में हुई और हो भी क्यों ना इस युवा आईपीएस अधिकारी सूकीर्ति माधव मिश्रा की कविता "मैं खाकी हूं" को पूरे देश में सराहा गया। सोशल मीडिया के हर प्लेटफार्म पर कविता तेजी से वायरल हुई इतना ही नहीं पिछले दिनों इसका जिक्र पीएम मोदी के सामने भी किया गया था।

पिता के कहने पर जॉब छोड़ बने आईपीएस
युवा आईपीएस अफसर सुकीर्ति माधव मिश्र इन दिनों पुलिस महकमे में अपने अलग हुनर से पहचान पा चुके हैं. बचपन से पुलिस में आने का सपना देखने वाले सुकीर्ति ने 15 लाख रुपये सालाना की नौकरी छोड़ी थी।पुलिस मीडिया न्यूज़ से बातचीत में सुकीर्ति ने बताया की, जब तक मैं नौकरी कर रहा था, मेरे जेहन में सिविल सर्विसेज को लेकर कोई ख्वाहिश नहीं थी. कोल इंडिया में मैनेजर पद पर काम करते हुए मुझे संतोष था. जब पिता ने कहा कि उनका सपना है कि समाज की सेवा के लिए आईपीएस अफसर बनूं तब मैंने इस बारे में सोचा. तब नौकरी के करीब 2 साल हो चुके थे तो पहले तो उन्होंने सिविल सर्विसेस के बारे में जानना शुरू किया और फिर नौकरी करते-करते ही तैयारी शुरू कर दी. दो साल की कड़ी तैयारी के बाद वर्ष 2014 में सुकीर्ति ने सिविल सर्विसेज का पहला एग्जाम दिया और पहले ही अटेंप्ट में उनका सेलेक्शन हो गया. लेकिन तब उन्हें आईआरएस कैडर मिला था, जिसे छोड़कर उन्होंने फिर तैयारी की और दूसरे अटेंप्ट साल 2015-16 में आईपीएस कैडर मिला.

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