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ये साल PM मोदी जी के लिए भी ठीक नहीं रहा, साल के 40 दिन विदेश में रहने थे 2020 देश में ही बीता

ये साल PM मोदी जी के लिए भी ठीक नहीं रहा, साल के 40 दिन विदेश में रहने थे 2020 देश में ही बीता

कोरोना के चलते साल 2020 ने लोगों को ऐसे सबक सिखाए जिसे शायद ही भविष्य में कोई भुला पाएगा। कोरोना महामारी ने मानो जीवन की रफ्तार पर ब्रेक-सा लगा दिया है। भागती-दौड़ती जिंदगी घरों में कैद होकर रह गई। घर के बाहर निकलना मानो जान हथेली पर रखकर मौत का सामना करने के जैसा हो। वहीं अगर बात हमारे देश के पीएम नरेंद्र मोदी की करें तो वह 2019 में 35 दिन विदेश में थे, लेकिन इस साल (2020) कोरोना के चलते 365 दिन वो भारत में ही रहे। जब से पीएम बने हैं पहला ऐसा साल है जब वे किसी विदेश दौरे पर नहीं जा पाएं हो। हांलाकि मोदी अकेली ऐसी पीएम नहीं जो कोरोना के चलते दूसरे देश का दौरान न कर सके हों। कईं ऐसे नेता है जिन्होंने अपने महत्वपूर्ण दौरों को रद्द करना पड़ा। 

कैसे बीता कोरोना के बीच मोदी का ये साल
कोरोना को चलते मोदी ने इस साल ऑनलाइन इंडिया-बांग्लादेश समिट, इंडिया-उज्बेकिस्तान समिट, ब्रिक्स समिट, आसियान- इंडिया समिट जैसे बड़े इवेंट को संबोधित किया। यानि की साल के 40 दिन विदेश रहने वाले मोदी इस साल प्रधानमंत्री के तौर पर 226 दिन टीवी पर दिखे मतलब हर दूसरे दिन वह टीवी पर नजर आते रहें हैं। कोरोना की जब देश में शुरूआत हुई तो मोदी ने पहला संबोधन 19 मार्च को था, जिसमें 22 मार्च को जनता कफ्र्यू की अपील की थी। कुल 7 संबोधन में मोदी 157 मिनट बोले। जब भी देश में कोरोना के मामले बढ़ते तो मोदी संबोधन कर मोदी जनता का का हौंसला बढ़ाते। प्रधानमंत्री मोदी पिछले साल नवंबर के बाद से ही किसी भी विदेशी दौरे पर नहीं गए हैं।

48 महीने के शासनकाल में 165 दिन रहे थे मोदी देश के बाहर
पिछले साल आरटीआई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेशी दौरे पर हुए अब तक के खर्च को लेकर आरटीआई ने रिपोर्ट जारी की है। आरटीआई के मुताबिक मोदी ने अपने 48 महीने के शासनकाल में अब तक 41 विदेश दौरे किए और इन दौरों पर कुल 355 करोड़ रुपए खर्च हुए थे। बेंगलुरु के एक शख्स ने मोदी के विदेश दौरों और उन पर हुए खर्च की जानकारी मांगी थी जिसके जवाब में आरटीआई ने यह रिपोर्ट जारी की। आरटीआई के मुताबिक मोदी अपने कार्यकाल के दौरान करीब 165 दिन देश से बाहर रहे। आरटीआई के मुताबिक मोदी का सबसे महंगा दौरा अप्रैल 2015 में रहा, जब वे यूरोप, फ्रांस, जर्मनी और कनाडा गए थे। उस दौरान करीब सवा 31 करोड़ रुपए उनके दौरे पर खर्च हुए। वहीं उनका सबसे सस्ता दौरा भूटान था। प्रधानमंत्री बनने के बाद वे भूटान अपने पहले विदेश दौरे पर गए थे इसमें करीब 2 करोड़ से ज्यादा खर्च हुए थे। वहीं प्रधानमंत्री कार्यालय की वेबसाइट पर भी मोदी के 48 महीनों के दौरान की गई विदेश यात्राओं का ब्यौरा है।

मनमोहन सिंह विदेश यात्राओं के मामले में तीसरे स्थान पर
नरेंद्र मोदी से पहले देश के प्रधानमंत्री रहे मनमोहन सिंह विदेश यात्राओं के मामले में तीसरे स्थान पर हैं। इसके बाद चौथे स्थान पर देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू रहे। इनके खाते में 68 विदेश यात्राएं दर्ज हैं। वहीं अटल बिहारी वाजपेयी 48 विदेश यात्राओं के साथ पांचवे स्थान पर हैं। 2014 के बाद से अब तक प्रधानमंत्री मोदी ने साल 2015 में सबसे ज्यादा विदेश यात्राएं कीं। साल 2014 में उन्होंने नौ विदेश यात्राएं की थीं वहीं, 2015 में उन्होंने 26 विदेश यात्राएं कर डाली थीं। साल 2016 में यह संख्या 18, साल 2017 में 14, साल 2018 में 23 और साल 2019 में यह संख्या 11 रही।

मोदी की सबसे महंगी यात्रा
आंकड़ों के मुताबिक मोदी की विदेश यात्रा पर सबसे ज्यादा खर्च 9 अप्रैल से 17 अप्रैल, 2015 तक की 9 दिवसीय फ्रांस, जर्मनी और कनाडा की यात्रा पर आया था। इस यात्रा पर लिए गए चार्टर्ड फ्लाइट पर 31.25 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। इसके बाद 11 नवंबर से 20 नवंबर, 2014 के बीच म्यामांर, ऑस्ट्रेलिया और फीजी की यात्रा पर 22.58 करोड़ खर्च आया जो उनकी दूसरी सबसे महंगी विदेश यात्रा रही।

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