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Best Tips Hindi: कक्षा 10वी के बाद स्ट्रीम चयन करने के कुछ आसान टिप्स

कक्षा 10वी के बाद स्ट्रीम चयन करने के कुछ आसान टिप्स

कक्षा 10वी के बाद सही स्ट्रीम का चुनाव करना बहुत आवश्यक है. क्यूंकि करियर प्लानिंग का सबसे उचित समय कक्षा 10वी के बाद से ही शुरू होता है. यदि इस समय आपने सही स्ट्रीम का चुनाव नहीं किया तो आपको इस कारण आगे भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. ऐसा भी देखा गया है कि अधिकांश छात्र केवल उन विषयों का चयन करते हैं जो फैशन में हैं. उदाहरण के लिए, कई छात्र अपनी योग्यता को बिना पहचाने, सिर्फ दूसरों को देख या दिखावे के लिए विज्ञान स्ट्रीम का चुनाव कर लेते हैं. कुछ छात्रों का निर्णय उनके माता-पिता की अपेक्षाओं से प्रेरित होता है. हलाकि इसके अलावा ऐसे छात्र भी होते हैं जो पूरी तरह अपने स्ट्रीम के चयन को लेकर दुविधा में होते हैं.

स्पष्ट रूप से कहने का यह मतलब है कि छात्र UP Board, CBSE या किसी अन्य board से हों, हमेशा अपने स्ट्रीम का चुनाव करते समय अपनी रूचि तथा उसके करियर ऑप्शन देख कर ही स्ट्रीम का चुनाव करें वरना आगे यह आपके करियर के ऑप्शन्स को ख़राब कर सकता है. 
 
दसवीं क्लास के बाद ब्राइट फ्यूचर के लिए स्ट्रीम का कैसे चयन करें?

10th या दसवीं क्लास के बाद गोल तय करना हमारे जीवन का एक टर्निंग पॉइंट है इस समय हम अपने करियर को लेकर सीरीयस होते है और यही हमारे करियर की शुरुआत होती है, हमारे फ्यूचर लाइफ कितनी अच्छी होगी वो हमारे एक निर्णय पर ही निर्भर करता है, एक ग़लत निर्णय आपका भविष्य ख़राब कर सकती है, इसलिए अपने रूचि के मुताबिक़ ही अपना स्ट्रीम चुने और जिंदगी मे आगे बढ़ते रहे.

आज इस आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसे टिप्स बताने जा रहें हैं जो आपको स्ट्रीम के सही चुनाव में काफी मददगार साबित होंग:

1. आत्म जागरूकता:
आपको अपनी रुचि और अपनी योग्यता के बारे में अच्छे से पता होना चाहिए. अपनी योग्यता पर पर्याप्त ध्यान देना बहुत ज़रूरी है. उदाहरण के लिए, यदि कोई छात्र जोकि भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, गणित और जीव विज्ञान जैसे किसी भी विषय में कमजोर है और वह यदि CBSE, UP board या अन्य बोर्ड से इंटरमीडिएट में विज्ञान स्ट्रीम का चयन कर के पढ़ना चाहे तो उसके लिए बहुत मुश्किल साबित होगा. यही कारण है कि आपको विस्तृत रूप से अपनी रूचि को सही तरीके से जान कर स्ट्रीम के चुनाव की सलाह दी जा रही है. जोकि आपके आगे के करियर गोल्स को भी पूरा करने में काफी मददगार साबित होगा.

2. सभी स्ट्रीम के बारे में पूरी जाँच कर लें:

अपने निर्णय को सुनिश्चित करने से पहले छात्रों को इस बात का भी ध्यान देना बहुत आवश्यक है कि जिस विषय का वह चयन कर रहें हैं उसमें उन्हें किन-किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है तथा उस फील्ड में आगे करियर ऑप्शन कितने हैं. यह जानना अत्यंत आवश्यक है कि जिस फील्ड में आप आगे बढ़ना चाहते हैं उसमें आपका भविष्य कैसा हो सकता है. सभी चीजों को सही तरीके से सुनिश्चित कर लें ताकि आगे चल कर आपके लिए करियर ऑप्शन्स सिमित न रहे.

3. कोउन्सेलर्स की मदद लें:

यदि आप दुविधा में हैं कि आपके लिए कौन सा स्ट्रीम सही हो सकता है तो आप यह जानने के लिए काउंसलर्स की मदद लें सकते हैं. इसके लिए आप स्टूडेंट्स मार्गदर्शन सेमिनार( students career guidance seminars)या एजुकेशन फेयर(educational fairs)में जा सकते हैं जहाँ एजुकेशन काउंसलर्स आपकी क्षमता और योग्यता के अनुसार सही मार्गदर्शन दे सकते हैं. आप चाहें तो अधित स्पष्टीकरण के लिए काउंसलर्स से सीधे परामर्श कर सकते हैं. जो एक परिक्षण के ज़रिये आपको आपकी रूचि के मुताबिक एक सही मर्गदर्शन दे सकते हैं जिससे आपके लिए सही चुनाव करना आसान हो जायेगा.

4. अपने माता-पिता और अपने शिक्षक से सलाह लें:
अनुभवी लोगों से सलाह लेना भी आपके लिए काफी हद तक सहायक साबित हो सकता है. जिन ऑप्शन्स को लेकर आप दुविधा में हैं उनके बारे में अपने माता-पिता से मदद लें. आपकी रूचि जिस भी फील्ड से जुड़ी है उसके बारे में आप अपने पेरेंट्स से पूछें, आगे उस फील्ड में क्या करियर है या वह फील्ड आपके लिए कितना सही हो सकता है इसमें आपके पेरेंट्स भी आपकी मदद कर सकते हैं तथा इस प्रकार की सलाह आप अपने शिक्षक से भी ले सकते हैं क्यूंकि आपके शिक्षक को काफी हद तक आपकी योग्यता का पता होता है . आप कहाँ चुक कर सकते हैं और कहाँ सुधार की आवश्यकता है यह पता लगाने में आपके टीचर ही एक मात्र सहयोगी साबित हो सकते हैं.

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