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इन सब बीमारियों का रामबाण है गौ-मूत्र, जाने और भी कई गुण

इन सब बीमारियों का रामबाण है गौ-मूत्र, जाने और भी कई गुण

हिंदू धर्म शास्त्रों में गाय को ‘मां’ के रूप में पूजा जाता है. जर्मन के एक वैज्ञानिक अनुसार गौ-मूत्र सुबह खाली पेट पीने से कैंसर ठीक हो जाता है। हिंदू धर्म शास्त्रों में गाय को माता कहा गया है। हिंदू धर्म में यह विश्वास है की गाय प्राकृतिक कृपा की प्रतिनिधि है इसलिए इस की पूजा व रक्षा हर हिंदू का धर्म है। वैदिक मान्यताओं के अनुसार गाय के शारीर में 33 करोड़ देवता वास करते है इसलिए गौ सेवा करने से सभी 33 करोड़ देवता खुश होते है। गौमूत्र से लगभग 108 रोग ठीक होते हैं। इस बात का दावा किया गया है कि गर्भवती गाय का मूत्र सबसे अच्‍छा होता है क्‍योंकि उसमें विशेष हार्मोन और खनिज पाया जाता है।

# गौमूत्र के प्रयोग से बडे़-बडे़ रोग जैसे, दिल की बीमारी, मधुमेह, कैंसर, टीबी, मिर्गी, एड्स और माइग्रेन आदि को भी ठीक किया जा सकता है। तो अब गाय से प्राप्‍त दूध, दही, मठ्ठा आदि सेवन करने के साथ साथ गौमूत्र का भी सेवन कर के देखिये।

# बूढ़ी, अस्वस्थ व गाभिन गाय का मूत्र नहीं लेना चाहिए। गौमूत्र को कांच या मिट्टी के बर्तन में लेकर साफ सूती कपड़े के आठ तहों से छानकर चौथाई कप खाली पेट पीना चाहिए।

# अगर गौमूत्र, त्रिफला और गाय का दूध एक साथ मिक्‍स कर के सेवन किया जाए तो शरीर में एनीमिया की कमी दूर होती है। साथ ही खून भी साफ होता है।

# दिमागी टेंशन की वजह से नर्वस सिस्‍टम पर बुरा असर पड़ता है। लेकिन गौमूत्र पीने से दिमाग और दिल दोनों को ही ताकत मिलती है और उन्‍हें किसी भी किस्‍म की कोई बीमारी नहीं होती।

# एक गिलास पानी में चार बूंद गौमूत्र के साथ दो चम्‍मच शहद और 1 चम्‍मच नींबू का रस मिला कर रोजाना पीने से लाभ मिलता है।

# इसे नियमित पीने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और काई भी बीमारी जल्‍दी नहीं लगती। गौमुत्र कीटनाशक के रूप में भी उपयोगी है। देसी गाय के गौमूत्र को पानी में मिला कर प्रयोग करें।

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