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इंतजार खत्म! आज से कोरोना वैक्सीन का महाअभियान शुरू

इंतजार खत्म! आज से कोरोना वैक्सीन का महाअभियान शुरू

महामारी कोरोना का संकट झेल रहे देश का इंतजार खत्म होने जा रहा है। आज देशव्यापी कोविड-19 टीकाकरण अभियान की शुरुआत होने जा रही है। कोविड-19 के खिलाफ टीकाकरण अभियान के पहले दिन यानी की आज करीब तीन लाख स्वास्थ्य कर्मियों को 2,934 केंद्रों पर टीका लगाया जाएगा। इस अभियान की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करेंगे। इस दौरान वह वीडियो कांफ्रेंस के जरिए देश के विभिन्न हिस्सों के कुछ स्वास्थ्यकर्मियों के साथ संवाद करेंगे।

पीएम मोदी को-विन एप्प करेंगे लांच
प्रधानमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए दिन में साढ़े दस बजे देश में पहले चरण के कोविड-19 टीकाकरण अभियान की शुरुआत करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि यह दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण कार्यक्रम होगा जिसमें समूचे देश को शामिल किया जाएगा और जन भागीदारी के सिद्धांतों पर इसकी शुरुआत के लिए सारी तैयारियां हो चुकी हैं। इस मौके पर को-विन (कोविड वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क) एप्प भी लांच किया जाएगा। को-विन भारत सरकार द्वारा विकसित कोविड-19 टीकाकरण वितरण कार्यक्रम का डिजिटल प्लेटफॉर्म है जिसके जरिए देश भर में टीकाकरण वितरण कार्यक्रम की निगरानी की जाएगी।

हर्षवर्धन ने की तैयारियों की समीक्षा
प्रधानमंत्री से संवाद के लिए कुल 2934 टीकाकरण केंद्रों में से सीमित टीकाकरण केंद्रों का चयन किया गया है। प्रत्येक टीकाकरण सत्र में अधिकतम 100 लाभार्थी होंगे। बता दें कि सरकार द्वारा खरीदी गई कोविशील्ड और कोवैक्सीन टीके की 1.65 करोड़ खुराकें उनके स्थस्थ्यकर्मियों के आंकडों के अनुसार राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों को आवंटित की गई है। मंत्रालय ने कहा, ‘‘इसलिए किसी भी राज्य से भेदभाव का कोई सवाल ही नहीं है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान की तैयारियों की समीक्षा की और स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्माण भवन परिसर में बनाए गए विशेष कोविड-19 नियंत्रण कक्ष का जायजा लिया। उन्हाेंने कहा कि कोविड-19 के खिलाफ भारत का टीकाकरण अभियान दुनिया में सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान होगा।

इनको मिलेगा सबसे पहले टीका
टीकाकरण के पहले चरण में 3 करोड़ लोगों को मुफ्त वैक्सीन लगाई जाएगी।
सबसे पहले सरकारी और निजी दोनों अस्पतालों में काम करने वाले लगभग एक करोड़ स्वास्थ्य कर्मचारियों को टीका लगाया जाएगा।
इसके बाद सभी राज्य और केंद्रीय पुलिस विभाग, सशस्त्र बल, होमगार्ड, आपदा प्रबंधन और नागरिक सुरक्षा संगठन, जेल कर्मचारियों, नगरपालिका के श्रमिकों और राजस्व अधिकारियों से जुड़े लगभग दो करोड़ फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं को मौका मिलेगा।
राज्य सरकार और रक्षा, गृह, आवास और शहरी मामलों के मंत्रालयों से जुड़े श्रमिकों को भी इस चरण में सम्मिलित किया जाएगा।
उनके बाद 50 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को और 50 साल से कम उम्र के अन्य बीमारियों से जूझ रहे लोगों को वैक्सीन लगाई जाएगी।
पहली डोज के बाद ही लोगों को डिजिटल सर्टिफिकेट दिया जाएगा, दूसरी डोज लगने के बाद फाइनल सर्टिफिकेट दिया जाएगा।
इसके बाद सरकार ने देश के करीब 30 करोड़ लोगों को वैक्सीन देने की रूपरेखा तैयार की है।

‘कोविशील्ड' और ‘कोवैक्सीन', सबसे महत्वपूर्ण औजार
सीरम इंस्टिट्यूट द्वारा विकसित ‘कोविशील्ड' और भारत बायोटेक द्वारा विकसित ‘कोवैक्सीन', दोनों टीकों को सुरक्षा के मानकों पर सुरक्षित और असरदार पाया गया है तथा महामारी को रोकने में यह सबसे महत्वपूर्ण औजार है। ‘कोविशील्ड' और ‘कोवैक्सीन' की 1.65 करोड़ खुराकों में से सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को डाटाबेस में उपलब्ध स्वास्थ्यकर्मियों की संख्या के हिसाब से टीकों का आवंटन कर दिया गया है। राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को 10 प्रतिशत खुराकों को सुरक्षित रखने और एक दिन में एक सत्र में 100 लोगों के टीकाकरण के लिए कहा गया है। कोविड-19 महामारी, टीकाकरण की शुरुआत और कोविन सॉफ्टवेयर के संबंध सवालों के जवाब के लिए एक कॉल सेंटर-1075 भी बनाया गया है।

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