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कैसे करें किसी भी एग्जाम की तैयारी: जब बचा हो एक महीना या एक हफ्ता या फिर एक दिन

कैसे करें किसी भी एग्जाम की तैयारी: जब बचा हो एक महीना या एक हफ्ता या फिर एक दिन

जब भी कोई एग्जाम शुरू होने वाला होता है तो बहुत से छात्रों को अक्सर एक बड़ी समस्या का सामना करना पड़ता है और वह समस्या यह है कि उन्हें कम समय में बहुत ज्यादा सिलेबस तैयार करना पड़ता है l यह समस्या उन छात्रों को लिए बहुत बड़ी होती है जिन्होंने ने पूरा साल कुछ भी नहीं पढ़ा होता l

अक्सर छात्र इंटरनेट में कुछ इस तरह के सवालों के उत्तर ढूढ़ते रहते है जैसे: एग्जाम की तैयारी एक महीनें में कैसे करें या एक हफ्ते में कैसे करें या फिर एक दिन में कैसे करें l आज हम यहाँ आपको कुछ टिप्स देंगे जिनसे आप बहुत कम समय में ज़्यादा से ज़्यादा पढ़ाई कर सकतें है और एग्जाम में बहुत अच्छा स्कोर हासिल कर सकते हैं l

यह ख़ास टिप्स आपकी हर परिस्थिति में मददगार होंगी फिर चाहे एग्जाम की तैयारी में एक महीना बचा हो, एक हफ्ता बचा हो या फिर एक दिन l यह एग्जाम छमाही परीक्षा (Half Yearly) हो सकती है, बोर्ड परीक्षा हो सकती है या फिर कोई अन्य प्रतियोगी परीक्षा l


आइये जानते है कुछ ख़ास टिप्स :

1 # सबसे पहले पुराने पेपर और सिलेबस देखें (थोड़ा रिसर्च करें): किसी भी एग्जाम की तैयारी शुरू करने से पहले पूरा सिलेबस और पुराने पेपर्स देख कर थोड़ा रिसर्च जरूर करें l पहले जानें की सिलेबस में कितने चैप्टर और टॉपिक दिए गए है l फिर पुराने पेपर्स देख कर यह जानने की कोशिश करें की


• किस चैप्टर से सवाल ज़रूर पूछे गए

• किस चैप्टर से सबसे ज़्यादा सवाल पूछे गए

• किस चैप्टर से सबसे कम सवाल पूछे गए

• किस चैप्टर से सरल सवाल आये और किस चैप्टर से कठिन

इस पूरी एनालिसिस के बाद आपको समझ आ जाएगा कि कौन सा चैप्टर (और कौन सा टॉपिक) एग्जाम के लिए सबसे ज़्यादा महत्वपूर्ण है l आपको यह भी समझ आ जाएगा कि कौन सा चैप्टर आप आसानी से तैयार कर सकते हैं और किस चैप्टर में सबसे ज़्यादा मुश्किल l

अगर आप के पास एग्जाम की तैयारी के लिए एक महीने का समय बचा है तो आप इस एनालिसिस में आधे से एक दिन का समय दे सकते है l अगर आपके पास एक दिन का समय है तो यह एनालिसिस आपको 10 से 15 मिनट में कर लेनी चाहिए

2 # चैप्टर्स को तैयार करने के लिए एक प्राथमिकता और टाइम टेबल सेट करें:

सिलेबस और पुराने पेपर्स की एनालिसिस के बाद चैप्टर्स को तैयार करने के लिए एक प्राथमिकता सेट करें और एक टाइम टेबल भी बनाए l हो सकता है कोई चैप्टर तैयार करते वक़्त 10 - 15 मिनट कम या ज्यादा समय लग सकता हैं, इसलिए टाइम टेबल बनाते वक़्त हर चैप्टर या टॉपिक के लिए कुछ समय का मार्जिन ले l

एक बार टाइम टेबल बनाने के बाद उसमें किसी भी तरह के बदलाव से बचे l अगर आप बार-बार टाइम टेबल बदलेंगे तो आप टाइम टेबल ही बदलते रह जाएंगे और आपकी तैयारी नहीं हो पाएगी या हो भी पाएगी तो बहुत कम l इसलिए जो भी टाइम टेबल बनाए एक बार में बनाए और उसका सख्ती से पालन करें l एक चैप्टर को तय समय के अंदर या उससे पहले तैयार करने की कोशिश करें l

3 # आसान चैप्टर्स को पहले तैयार करें

तैयारी करते समय आसान चैप्टर्स को सबसे पहले समय तैयार करें इससे आपका कॉन्फिडेंस लेवल बढ़ेगा l
कुछ लोग पहले कठिन चैप्टर्स को पहले पढ़ने लगते है उनका तर्क होता है कि आसान चैप्टर्स में ज़्यादा कुछ करना नहीं होगा और उनको बाद में आसानी पढ़ा जा सकता है l बहुत बार ऐसा होता है कि लोग कठिन चैप्टर्स में ही फंसे रह जाते हैं और उन चैप्टर्स में बहुत ज़्यादा समय ले लेते हैं l
इस चक्कर में आसान चैप्टर्स भी नहीं तैयार हो पाते इसलिए कठिन चैप्टर्स को बाद में पढ़ना चाहिए l
मान लीजिये की आपको तीन चैप्टर तैयार करने है और तीनों ही आपके लिए आसान हैं तो सबसे पहले वो चैप्टर तैयार करें जिससे एग्जाम में सबसे ज़्यादा नंबर के प्रश्न पूछे जाते हों l

5 # पॉइंट्स बनाकर पढ़े

जब भी आप पढ़ाई करें तो पॉइंट्स बनाकर पढ़े l पॉइंट्स बनाकर पढ़ाई करने से आपको रिवीज़न करने में बहुत आसानी रहती है खासकर उस समय जब एग्जाम शुरू होने से पहले कुछ घंटो का समय बचा हो l
सब्जेक्टिव प्रश्नो के उत्तर देते समय अगर आपको मत्वपूर्ण पॉइंट्स याद होंगे तो आप आसानी से बड़ा उत्तर दे सकते हैं l इसलिए प्रश्नो के उत्तरों को हमेशा पॉइंट्स बनाकर पढ़ना अथवा याद करना चाहिए l

6 # जिस चीज की भी जरूरत हो सिर्फ उसे साथ रखें

जब समय काम हो और सिलेबस ज़्यादा तो आपके लिए एक-एक मिनट क़ीमती होता है इसलिए जब पढ़ाई करें तो आपके पास सिर्फ ज़रूरत की चीजें हो जैसे उस सब्जेक्ट से जुड़ीं किताबे, डिक्शनरी, पानी की बोतल इत्यादि l
उस चीज़ को साथ न रखे जिससे आप पढ़ाई में ध्यान केंद्रित न कर पाए l यदि आपकी पढ़ाई के लिए लैपटॉप जरूरी न हो तो का उसका उपयोग न करें l अगर इंटरनेट की बहुत ज़्यादा जरूरत हो तो स्मार्टफोन साथ रखें पर उसके इस्तेमाल से जहां तक हो सके बचें l

7 # पढ़ाई के बीच ज़्यादा ब्रेक न लें और अगर बोर हों तो ग्रुप स्टडी करें

अक्सर आपने लोगों से सुना होगा की पढ़ाई के बीच ज़रूर लेना चाहिए यह बात तभी तक सही है जब आपके पास समय बहुत ज़्यादा हो और सिलेबस बहुत कम l जब आपके पास बहुत कम समय हो तो आपको पढ़ाई के बीच ब्रेक लेने से बचना चाहिए l अगर आप पढ़ाई के बीच में बार - बार ब्रेक लेंगे तो आपकी एकाग्रता भंग होगी l

एक चैप्टर पढ़ते बोर हो गए हैं और आपको ब्रेक लेने का मन कर रहा है तो थोड़ी देर के लिए दूसरा सब्जेक्ट या फिर कोई दूसरा टॉपिक पढ़ सकते हैं l

आप चाहें तो कंबाइंड या ग्रुप स्टडी भी कर सकते है l यहाँ पर ध्यान देने वाली बात यह है कि कंबाइंड या ग्रुप स्टडी शुरू होने से पहले आपके पास पूरा प्लान होना चाहिए की आप तय समय में कितने टॉपिक्स पढ़ेंगे l प्लान बनाकर कंबाइंड या ग्रुप स्टडी करने का सबसे ज़्यादा फायदा होता है l

8 # भरपूर नींद और उचित आहार ले जब आप कम समय में ज़्यादा पढ़ाई करते है तो अपने मस्तिष्क पर ज़्यादा दबाव पड़ता है l इसलिए इस समय आपको भरपूर नींद लेनी चाहिए जिससे आपकी एकाग्रता क्षमता पर कोई प्रभाव न पड़े l इस समय आपको बैलेंस डाइट लेनी चाहिए और आपको मैदे से बने खाने से बचना चाहिए क्यूँकि मैदे से बनीं चीज़ें (या फ़ास्ट फ़ूड) खाने से आलस्य बढ़ता है और आपके मस्तिष्क की कार्य क्षमता घटती है l

सारांश

ये पढ़ाई की कुछ ऐसी टिप्स हैं जिनके द्वारा आप कम समय में ज़्यादा से ज़्यादा पढ़ाई कर सकते हैं और अच्छा स्कोर प्राप्त कर सकते हैं l सबसे महत्वपूर्ण बात जो यहाँ ध्यान रखने वाली है वह यह है की आप एक बार पढ़ाई का टाइम टेबल बनाने के बाद बार-बार बदलाव न करे l अक्सर यह देखा गया है कि छात्र एक बार टाइम टेबल सेट करते है पर उसे ठीक से अमल नहीं कर पाते और समय कम होने पर फिर से नया टाइम टेबल बनाते और फिर किसी वजह से उसे फॉलो नहीं कर पाते l इस तरह यह साइकिल बार-बार चलती रहती और वह क्षमता अनुसार तैयारी नहीं कर पाते l कठिन परिश्रम के द्वारा इन दिक्कतों से आसानी से बचा जा सकता है और अपने लक्ष्य को आसानी से पाया जा सकता हैं l

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