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शहीद हवलदार मेजर कुलदीप सिंह पंचतत्व में विलीन, बेटियों ने दी पिता को मुखाग्नि

शहीद हवलदार मेजर कुलदीप सिंह पंचतत्व में विलीन, बेटियों ने दी पिता को मुखाग्नि

द्रास में शहीद हुए नालागढ़ की जगतपुर पंचायत के जगराला गांव के हवलदार मेजर कुलदीप सिंह रविवार को राजकीय सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन हो गए। शहीद की दोनों बेटियों नवनीत कौर और अमनदीप कौर ने अपने पिता को नम आखों से अंतिम विदाई दी। इस दौरान उनके मुख एक ही बात निकल रही थी कि ‘पापा उठ जाओ’। इससे पहले 41 वर्षीय 79 मीडियम आर्टिलरी रैजीमैंट के हवलदार मेजर कुलदीप सिंह का पार्थिव शरीर जब नालागढ़ की जगतपुर पंचायत में पहुंचा तो पूरा गांव गमगीन हो गया। पूरा गांव हवलदार मेजर कुलदीप सिंह अमर रहे की आवाज से गूंज उठा। शहीद का पार्थिव शरीर घर पहुंचते ही उसके माता-पिता, पत्नी और बच्चे शहीद कुलदीप सिंह से लिपटकर रोने लगे। दोनों बच्चियों ने पिता को सैल्यूट किया। उसके बाद कीरतपुर स्थित पतालपुरी में राजकीय सम्मान के साथ शहीद को मुखाग्नि दी गई।

ऑप्रेशन स्नो लेपर्ड के दौरान शहीद हुए हवलदार मेजर कुलदीप

बता दें कि हवलदार मेजर कुलदीप सिंह द्रास में ऑप्रेशन स्नो लेपर्ड के दौरान शहीद हो गए थे। मौसम खराब होने के चलते रविवार सुबह लेह से शहीद को चंडीगढ़ लाया गया। उसके बाद करीब 2 बजे शहीद का शव उनके पैतृृक गांव जगराला पहुंचा। शहीद की पत्नी रेनू, दोनों बेटियां नवनीत कौर और अमनदीप कौर, माता दया कौर, पिता गुरदास सिंह, भाई जोगिंद्र सिंह व सुरेंद्र सिंह ने अपने भाई के अंतिम दर्शन किए और उसके बाद उसे अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया।

आर्टिलरी रैजीमैंट के जवानों ने दी शहीद को सलामी

79 मीडियम आर्टिलरी रैजीमैंट के सीईओ कर्नल आशीष थामस, सैनिक कल्याण बोर्ड के उपनिदेशक दीपक धवन, कर्नल विशाल, कर्नल कमलजीत, सूबेदार मेजर गुरनाम सिंह, सूबेदार सुरजीत सिंह, विधायक लखविंद्र सिंह राणा, तहसीलदार ऋषभ शर्मा तथा डीएसपी विवेक ने शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्पगुच्छ चढ़ाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं पूर्व विधायक केएल ठाकुर, समाजसेवी हरप्रीत सिंह, डीएसपी अजय ठाकुर, प्रो. सतविंद्र सिंह, जगपाल सिंह, बलजीत सिंह, कैप्टन सिकंदर सिंह, कैप्टन ज्ञान सिंह, एसएचओ बलवीर सिंह, एसएचओ सुच्चा सिंह, प्रधान जगतपुर सिकंदर सिंह व मुख्तयार सिंह ने भी शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद आर्टिलरी रैजीमैंट के जवानों ने शहीद को सलामी दी और दोनों बेटियों नवनीत व अमनदीप ने अपने पिता को मुखाग्नि दी।

बचपन से ही था देश सेवा करने का जज्बा

चंगर क्षेत्र की जगतपुर पंचायत के जगराला गांव के स्वतंत्रता सेनानी दौला सिंह के घर पैदा हुए शहीद कुलदीप सिंह में बचपन से देश सेवा करने का जज्बा था। उनका पूरा परिवार पहले से ही सेना में है। उनके दादा स्वतंत्रता सेनानी थे। उनका बड़ा भाई सुरेन्द्र बीएसएफ से रिटायर हो चुका है। उनके ताया गुरनाम सिंह का बेटा फौज में 21 पंजाब रैजीमैंट में सूबेदार है। उनके चाचा जर्मन सिंह के दोनों बेटे सेना के ही आम्र्ड कोर में अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। इसके अलावा उनके पिता गुरदास के सबसे छोटे भाई महिन्द्र सिंह का बेटा भी आर्मी की सिख रैजीमैंट में है। कुलदीप सिंह अपने पीछे 14 व 10 साल की 2 बेटियों को छोड़ गए हैं।

शहीद की पत्नी को दी जाए सरकारी नौकरी

पंचायत प्रधान सिकंदर सिंह ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानी दौला सिंह का पूरा परिवार ही देश सेवा में लगा हुआ है। शहीद कुलदीप सिंह अपने पीछे 2 बेटियां छोड़ गए हैं। वह सरकार से मांग करते हैं कि उनके परिवार की देश के प्रति सेवा भावना को ध्यान में रखते हुए उनकी पत्नी को सरकारी नौकरी दी जाए, ताकि वह बेहतर तरीके से अपनी बेटियों की परवरिश कर सके।

पुलिस की ओर से नहीं दी गई शहीद को सलामी

नालागढ़ के विधायक लखविंद्र सिंह राणा ने कहा कि हिमाचल सरकार के अधिकारियों की ओर से शहीद कुलदीप सिंह को पूरा सम्मान नहीं दिया गया। पुलिस ने शहीद के शव के साथ पायलट गाड़ी नहीं भेजी, जिसके चलते शहीद के घर से कीरतपुर तक वाहनों को जाम की स्थिति का सामना करना पड़ा। कीरतपुर के पतालपुरी में शहीद को पुलिस की ओर से सलामी नहीं दी गई। उन्होंने शहीद को सम्मान न देने के पुलिस के इस रवैये की निंदा की है।

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