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एक दिन के लिए उत्तराखंड की CM बनीं सृष्टि गोस्वामी, अफसरों को दिए ये निर्देश


उत्तराखंड :
 राष्ट्रीय बालिका दिवस के मौके पर हरिद्वार की सृष्टि गोस्वामी ने एक दिन के लिए उत्तराखंड के सीएम पद की कुर्सी संभाली। देहरादून पहुंच कर बाल विधानसभा में सृष्टि ने एक दिन का मुख्यमंत्री का पदभार ग्रहण किया। मुख्यमंत्री बनने के बाद सभी विधायकों और अधिकारियों ने सृष्टि को शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री का कार्यभार संभालने के बाद बाल विधानसभा शुरू हुई जहां पर विभागीय अधिकारियों ने अपनी विभाग की समीक्षा रिपोर्ट पेश की।

इसके बाद मुख्यमंत्री सृष्टि गोस्वामी ने नेता प्रतिपक्ष से निवेदन किया कि अगर आपके कोई सवाल है तो वे सरकार के समक्ष रखे ताकि उनपर विचार किया जा सके। कार्यक्रम में बाल सरंक्षण आयोग की अध्यक्ष उषा नेगी और उच्च शिक्षा राज्यमंत्री धन सिंह रावत मौजूद रहे।

लड़कियों को स्कूल तक पहुंचाने के लिए दिया जाएं सुरक्षित माहौल

मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठी 19 साल की लड़की और सामने सरकार के मंत्री से लेकर आईएएस, आईपीएस तक उसके ‘निर्देश’ पर यस मैडम, जी मैडम कहते हुए। रविवार को उत्तराखंड विधानसभा में आयोजित समीक्षा बैठक में, बतौर सीएम बैठक ले रही सृष्टि गोस्वामी ने जहां डीआईजी को लड़कियों को स्कूल तक पहुंचने के लिए सुरक्षित माहौल देने के निर्देश दिए, वहीं पीडब्ल्यूडी को भी प्रदेश के जर्जर पुलों को भी ठीक करने को कहा।

बताओ सीएम ली विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक

हरिद्वार जिले की सृष्टि गोस्वामी श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम और प्लान इंडिया संस्था की तरफ से गठित होने वाली बाल विधानसभा की सीएम भी हैं। ऐसे में उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने उन्हें रविवार को राष्ट्रीय बालिका दिवस पर अपने मंत्रीमंडल के सदस्यों और विधायकों सहित विधानसभा में आकर, बतौर सीएम विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक करने का अवसर दिया। इसी क्रम में सृष्टि दोपहर 12 बजे आयोग अध्यक्ष उषा नेगी के साथ फ्लीट लेकर विधानसभा पहुंची।

डीआईजी को दिए निर्देश

बैठक में डीआईजी निलेश भरणे ने पुलिस के काम काज का विवरण रखा। इस पर सृष्टि ने उन्हें शिक्षण संस्थानों के 500 मीटर दायरे में नशे के कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाने और झुग्गी बस्ती में नशे का जाल फैलाने वाले तस्करों पर सख्ती के लिए कहा। उन्होंने पुलिस को स्कूल जाने वाली लड़कियों को सुरक्षित माहौल देने को भी कहा। डीआईजी नीलेश भरणे ने इस पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

असली राजनीति कर पहुंचना चाहेंगी सीएम की कुर्सी तक

सृष्टि गोस्वामी ने कहा कि उन्हें ऐसा महसूस हो रहा है, जैसे कि वो अनिल कपूर की फिल्म नायक में अभिनय कर रही हों। पिछले साल ही 18 साल की उम्र पूरी करने वाली सृष्टि का नाम अब राज्य की वोटर लिस्ट में शामिल हो गया है। उन्होंने कहा कि मौका मिला तो वो असली राजनीति करते हुए भी सीएम की कुर्सी तक पहुंचना चाहेंगी। सृष्टि के पिता प्रवीण पुरी गांव में परचून की दुकान चलाते हैं। उन्होंने बताया कि विभागों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक की रिपोर्ट बाल आयोग के जरिए सरकार को कार्रवाई के लिए भेजी जाएगी।

कौन है सृष्टि गोस्वामी 

19 साल की सृष्टि हरिद्वार के दौलतपुर गांव की रहने वाली हैं और रुड़की के BSM पीजी कॉलेज से ‌BSc एग्रीकल्चर में 7वें सेमेस्टर की छात्रा हैं। उनके पिता प्रवीण पुरी की गांव में छोटी सी दुकान है और मां सुधा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं।

बच्चों की पढ़ाई के लिए प्रेरणा बनीं

सृष्टि गोस्वामी को इससे पहले 2018 में हुई बाल विधानसभा में कानून निर्माता चुना गया था। साल 2019 में वह गर्ल्स इंटरनैशनल लीडरशिप कार्यक्रम में थाइलैंड में भारत की अगुआई कर चुकी हैं। वह दो साल से ‘आरंभ’ नामक योजना चला रही हैं। इसमें इलाके के गरीब बच्चों खासकर लड़कियों को पढ़ाई के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

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