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आज से खुलेंगे स्कूल, हिमाचल में 10 महीने के बाद विद्यालयों में रौनक

आज से खुलेंगे स्कूल, हिमाचल में 10 महीने के बाद विद्यालयों में रौनक

लंबे इंतजार व चर्चाओं के बीच आखिरकार सोमवार को स्कूलों में रौनक लौटेगी। दस माह से छात्रों के बिना सूने पड़े स्कूलों में एक बार फिर नए नियमों के साथ पढ़ाई शुरू होगी। हालांकि सुबह की प्रार्थना सभाओं से लेकर खेल गतिविधियों का आयोजन नहीं होगा। सोमवार से ग्रीष्मकालीन स्कूलों में पांचवीं, आठवीं व नौवीं से लेकर जमा दो तक के छात्रों की पढ़ाई होगी। हालांकि मंडी जिला के सरकाघाट उपमंडल के सभी सरकारी स्कूल बंद रहेंगे। इसके अलावा तमाम गर्मियों के स्कूलों में कोविड की जारी गाइडलाइन को देखते हुए सोमवार से कक्षाएं शुरू होगी। रविवार को शिक्षा विभाग की ओर से जारी नए आदेशों में कहा गया है कि स्कूल प्रिंसीपल अपने लेवल पर कोई भी फैसला ले सकते हैं। इसके अलावा अगर किसी स्कूल में शिक्षक कोरोना पॉजिटिव आ जाते है, तो ऐसे में स्कूल प्रबंधन ही यह बड़ा फैसला ले सकते है कि स्कूलों को बंद रखना है, या नहीं। इसके अलावा स्कूलों में छात्रों को सुबह किस समय में बुलाना है, यह भी प्रिंसीपल तय करेंगे। शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि जिन स्कूलों में छात्रों की संख्या ज्यादा है, वहां पर प्रिंसीपल को अलग-अलग टाइमिंग बनानी होगी।

उसी के आधार पर बोर्ड व नॉन बोर्ड के छात्रों को स्कूलों में बुलाना होगा। फिलहाल दस माह बाद जब स्कूल खुलते हैं, तो देखना होगा कि कितने छात्र व शिक्षक स्कूलों में आते है। शिक्षा विभाग छात्रों की संख्या की रिपोर्ट सभी स्कूलों से मांगेगा। अहम यह है कि सोमवार से ही आईटीआई, इंजीनियरिंग कॉलेज, पोलीटेक्नीक कालेजों के अलावा दूसरे शिक्षण संस्थान भी खुल जाएंगे। इसके साथ ही 15 फरवरी से विंटर क्लोजिंग स्कूलों में भी शिक्षक व छात्रों को आना होगा। विंटर क्लोजिंग स्कूलों में 12 फरवरी तक अवकाश रहेगा, वहीं 13 व 14 फरवरी को सरकारी अवकाश है। सरकार ने फैसला लिया है कि स्कूल, कालेज खुलने के बाद सरकारी व प्राइवेट स्कूल प्रबंधन को कोविड की गाइडलाइन का पालन खुद करवाना होगा। हालांकि सरकार ने पहले चरण में पाचवीं और आठवीं से 12वीं कक्षा तक के छात्रों की कक्षाएं शुरू करने की घोषणा अभी की है। इसके साथ ही कालेजों की अगर बात करें, तो प्रदेश में आठ फरवरी के बाद कालेज भी खुल जाएंगे। मौजूदा समय में प्रदेश के सरकारी कालेजों में छह फरवरी तक अवकाश है, इसके साथ सात जनवरी को संडे है।

यही वजह है कि सरकार ने आठ फरवरी से कालेज खोलने की घोषणा की है। इसके साथ ही शिक्षा विभाग ने निर्देश दिए है कि पूरी सेनेटाइजेशन का भी छात्रों को ध्यान रखना होगा। इसके साथ ही पूरानी कोविड की गाइडलाइन को ध्यान में रखते हुए, छात्रों को मास्क, थर्मल स्कैनिंग के साथ छात्रों व शिक्षकों को एंट्री दिए जाने के निर्देश दिए गए है। फिलहाल लंबे समय के अंतराल बाद अब हिमाचल प्रदेश के स्कूल व कालेजों को खोलने की शुरुआत हो गई है। बताया जा रहा है कि स्कूलों में छात्रों की हाजिरी को अनिवार्य नहीं किया जाएंगा। अगर अभिभावक व छात्र अभी तक संक्रमण को लेकर डर रहे है, तो उनका आना अनिवार्य नहीं होगा। स्कूलों में दो

गज की दूरी रखना चुनौती : प्रदेश के सरकारी व प्राइवेट स्कूलों में दो गज की दूरी बनाना मुश्किल हो जाएगा। राज्य के कई सरकारी स्कूलों में एक ही कक्षा में सौ से दो सौ छात्र भी है, ऐसे में इन छात्रों को एक क्लासरूम के बीच सोशल डिस्टेंसिंग कैसे रखनी है, यह बड़ा सवाल है। फिलहाल सरकार ने कोविड-19 की सभी गाइडलाइन का पालन करने के लिए स्कूलों मैनेजमेंट को ही जिम्मा दिया है।

हाजिरी जरूरी नहीं

शिक्षा विभाग ने अभी छात्रों के लिए हाजिरी अनिवार्य नहीं की है। इस बार होने वाली फाइनल की परीक्षा में हाजिरी को अनिवार्य नहीं किया गया है।

ये शर्तें माननी होंगी

स्कूल आने के लिए छात्रों को अलग-अलग समय देना होगा। छात्रों को स्कूल के कैंपस में एकत्र नहीं होने दिया जाएगा, न ही खेलकूद की गतिविधियां और प्रार्थना भी नहीं करवाई जाएगी। जिस छात्र में जुखाम, खांसी और बुखार जैसे लक्षण है, उन्हें स्कूल में आने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अगर कोई बच्चा बीमार महसूस करता है, तो उसकी तुरंत जानकारी अधिकारियों को शिक्षकों को देनी होगी। इसके साथ ही कैंपस में साफ सफाई की व्यवस्था का भी पूरा प्रबंध किया जाएगा। शनिवार और रविवार को स्कूलों में इसके लिए विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगी।

इन्हें अभी और इंतजार

प्रदेश में अभी पहली, दूसरी, तीसरी, चौथी, छठी, सातवीं छात्रों की फिजिकली कक्षाएं नहीं लगेगी। इन कक्षाआें के छात्रों की हर घर पाठशाला के माध्यम से ऑनलाइन कक्षाएं जारी रहेंगी।

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