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21 की उम्र में देश पर क़ुर्बान हुए अंकुश के पिता का छलका दर्द, सरकार की घोषणएं नहीं हुई पूरी

21 की उम्र में देश पर क़ुर्बान हुए अंकुश के पिता का छलका दर्द, सरकार की घोषणएं नहीं हुई पूरी

जिला के कडोहता गांव के रहने वाले शहीद अंकुश ठाकुर, जिन्होंने 21 साल की उम्र में शहादत पाई थी, उनके पिता अनिल ठाकुर की आंखों से आज आंसू छलक गए। छलके भी क्यों ना जो वायदे सरकार के मंत्रियों द्वारा किए गए थे, वह आज तक पूरे नहीं हुए। खुद शहीद के पिता को सरकारी दफ्तरों में जाकर सरकारी बाबुओं को वायदे याद दिलाने पड़ रहे हैं, लेकिन अभी तक सरकार द्वारा दफ्तर में बैठे बड़े अधिकारियों द्वारा इन वायदों पर कोई अमल नहीं किया गया।

16 जून 2020 को गलवान घाटी में हुई चीनी भारतीय सैनिकों के बीच मुठभेड़ में जिला के कड़ोहता गांव के अंकुश ठाकुर को शहादत पायी थी। शहीद के पिता और भोरंज क्षेत्र के लोगों ने उपायुक्त हमीरपुर से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपा। शहीद के पिता अनिल कुमार ने बताया की अंकुश‌ ठाकुर जब शहीद हुए तो प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने घोषणाएं की थी, लेकिन अभी तक एक भी घोषणा पूरी नहीं हुई।

अंकुश ठाकुर को शहीद हुए एक वर्ष होने को आया है, लेकिन अभी तक एक भी घोषणा पुरी नहीं हुई है। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री और उपायुक्त हमीरपुर से मांग की है कि जो भी घोषणाएं की गई है, उन्हें जल्द से जल्द पुरा किया जाये। और जो भी कार्य होगा उसके लिए एक स्पैशल कमेटी बनायी जाए। जो इस कार्य की गुणवता की देख रेख कर सके। ताकि शहीद के नाम पर अच्छा रोड़ बन सके। इस मौके पर शशी पाल , कड़ोहता पंचायत के पूर्व प्रधान, विक्रम चंन्द, राज, लक्षित पटियाल, ऋतिक व अन्य भोरंज की जनता मौजुद रही।

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