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यह जड़ी- बूटी बुढ़ापे में भी ला देता है जवानी वाला जोश, जानें इस्तेमाल करने की विधि

यह जड़ी- बूटी बुढ़ापे में भी ला देता है जवानी वाला जोश, जानें इस्तेमाल करने की विधि

आजकल भले ही रोगों को दूर करने के लिए कई तरह की चिकित्सा पद्धति आ गई हो. लेकिन पहले सिर्फ जड़ी- बूटियों के जरिए लोगों को रोगों से छुटकारा मिल जाती थी. जी हां, इलाज के लिए पहले सिर्फ और सिर्फ जड़ी- बूटी यानी आयुर्वेद एक सहारा था. जिसमें इलाज के लिए प्रकृति में मौजूद पेड़- पौधे, फूल पत्तियां, बीज जैसे चीजों का इस्तेमाल किया जाता था. यह तो जैसे- जैसे समय आगे बढ़ता गया लोगों ने तरह-तरह के आविष्कार किए और हमारे सामने आज कई तरह की चिकित्सा पद्धति मौजूद है. लेकिन शायद कई बार आपने यह भी देखा होगा कि कई रोगों के इलाज के लिए अभी भी जड़ी- बूटियां ही कारगर होती है.

यह जड़ी- बूटी बुढ़ापे में भी ला देता है जवानी वाला जोश, जानें इस्तेमाल करने की विधि
हमारे आसपास मौजूद कई पेड़- पौधे कई तरह के रोगों से छुटकारा दिलाने कारगर साबित होते हैं. जैसे डायबिटीज की बीमारी के लिए जामुन का बीज काफी लाभदायक होता है. उसी तरह आपके आसपास एक और ऐसा भी पौधा मौजूद है जिसमें कई औषधीय गुण होते हैं.

जी हां, हम जिस पौधे के बारे में बात कर रहे हैं अक्सर हमारे घर, आंगन, बगीचे, खेतों में पैरों तले कुचल दिया जाता है. इस पौधे का नाम है पुनर्नवा. पुनर्नवा का मतलब होता है फिर से नया जीवन देने वाला. क्या आपको मालूम है कि पुनर्नवा का पौधा हर साल दोबारा से नया हो जाता है. इसलिए ही इसे पुनर्नवा कहा जाता है.

आपको बता दें कि पुनर्नवा गर्मी के मौसम में सूख जाता है और बरसात के मौसम में इसमें फिर से नए पौधे आने लगते हैं. इसे कई नामों से जाना जाता है. साठी, साट, गदह पूर्णा, बिषखपरा, गुजराती में साटोड़ी, मराठी में घेटूली और अंग्रेजी में हॉगवीड नाम से जाना जाता है.

पुनर्नवा स्वाद में कड़वा, तीखा, कसैला और खारा होता है. लेकिन इस पौधे में काफी औषधीय गुण मौजूद होते हैं. इसका प्रयोग कई बीमारियों को दूर करने के लिए किया जाता है.

1 .शक्ति वर्धक है पुनर्नवा आयुर्वेद की मानें तो इस पौधा में कई औषधीय गुण होने के साथ-साथ शक्तिवर्धक गुण भी मौजूद होते हैं. कहते हैं इसे सेवन करने से बुढ़ापे में भी मनुष्य को जवानी जैसी ताकत मिलती है. पुनर्नवा को रोजाना एक चम्मच खाने के साथ या फिर सब्जी में मिलाकर खाने से जल्दी बुढ़ापा नजर नहीं आता है. क्योंकि इससे शरीर के सभी अंगों में नई कोशिकाओं का निर्माण होता है.इसके नियमित इस्तेमाल करने से सेक्स पावर में भी इजाफा होता है.

2 .पथरी को करें दूर- पुनर्नवा ना सिर्फ आपकी किडनी को स्वस्थ रखता है बल्कि जिन्हें किडनी में पथरी की समस्या हो उनके लिए भी यह बहुत फायदेमंद होता है. इसके लिए प्रतिदिन पुनर्नवा के पौधों का काढ़ा बनाकर पीना चाहिए.

3 .अस्थमा के लिए है फायदेमंद- 500 ग्राम हल्दी के साथ 3 ग्राम पुनर्नवा के जड़ का पाउडर बना लें. इसका प्रयोग प्रतिदिन गर्म पानी के साथ करें. ऐसा नियमित करने से अस्थमा में लाभ होता है.

4 .त्वचा से जुड़ी समस्या- किसी भी प्रकार के त्वचा संबंधित समस्याओं के लिए पुनर्नवा काफी फायदेमंद होता है. इसके जड़ को तेल के साथ गर्म करके मालिश करने से त्वचा से संबंधित रोग दूर हो जाते हैं.

5 .अन्य बीमारियां- इन सबके अलावा पुनर्नवा और भी कई बीमारियों को दूर करने में मददगार होता है. इसे रोगों से लड़ने से लेकर कैंसर के इलाज तक में उपयोग किया जाता है. अनिद्रा को दूर भगाने, आंखों के फुला, कफ, सेक्स से जुड़ी समस्या इत्यादि को दूर करने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है.

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