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हिमाचली मुंडा पांचवीं फेल, डेढ़ साल की उम्र में खो दी थी मां, अब हौसले ने बना दिया हीरो

हिमाचली मुंडा पांचवीं फेल, डेढ़ साल की उम्र में खो दी थी मां, अब हौसले ने बना दिया हीरो

लहरों से डर कर नैया पार नहीं होती और कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। जिला बिलासपुर ने नौजवान युवा श्याम ने इस कहावत को चरितार्थ किया है। छोटी सी उम्र से ही जीवन की कठिन परिस्थितियों को पार करते हुए आज श्याम अपनी एक अलग पहचान बना चुके हैं। लोग उन्हें हिमाचली मुंडा के नाम से जानते हैं। श्याम ने सोशल मीडिया पर अपनी लोकल भाषा का प्रयोग करते हुए गांव के रहन-सहन सहित ग्रामीण परिवेश को लेकर वीडियो बनाकर लाखों दर्शकों को अपना मुरीद कर दिया है। कभी श्याम अकेला था और आज वह लाखों दिलों की धड़कन बन गया है। सोशल मीडिया पर उनके लाखों फॉलोअर हैं। जो लगातार उनकी वीडियो को देखते हैं और पसंद करते हैं।

जिला बिलासपुर के हरलोग के पास स्थित गैहरा गांव के रहने वाले 25 वर्षीय श्याम का जन्म जिला सोलन के लौहारघाट में हुआ। करीब डेढ़-दो वर्ष की उम्र में माता का स्वर्गवास हो गया और पांचवी कक्षा में वह फेल हो गए। जिसके बाद उनके पिता ने स्कूल छुड़वा दिया। करीब 11 वर्ष की उम्र में श्याम ने 1000 रुपये में किसी के घर पर नौकर का काम करना शुरू किया। लोगों के घर में काम करते हुए प्राइवेट पढ़ाई की और पहले आठवीं, फिर 10वीं व 12वीं कक्षा की पढ़ाई पूरी की। इसी बीच वह हरलोग आ गए। यहां वह श्रवण कुमार व मीरा देवी ने उन्हें अपना बेटा बना लिया। श्याम ने लॉकडाउन में घर व खेतों में काम करते हुए वीडियो बनाई। जिसे दर्शकों ने पसंद किया और धीरे-धीरे वीडियो बनाने का सिलसिला शुरू हो गया। कुछ ही महीनों में श्याम लोकल भाषा में कई वीडियो बना चुके हैं।


बिलासपुर में दिव्य हिमाचल से खास बातचीत करते हुए श्याम (हिमाचली मुंडा) ने बताया कि बचपन से उन्हें एक्टिंग करने का शौक था और वह एक अभिनेता बनना चाहते थे। टीवी पर किसी हीरो को एक्टिंग करते हुए देखते, तो मन में आता कि कभी वह भी टीवी नजर आएं। यदि किसी फिल्म या टीवी सीरियल में काम करने का मौका मिलता है, तो वह अपना बेस्ट देने की कोशिश करेंगे। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने वीडियो बनाना शुरू किया, तो शुरूआती दौर में कई दर्शकों की नकारात्मक टिप्पणियां कमेंट के जरिए आती थी। लेकिन उन्होंने वीडियो बनाना नहीं छोड़ा क्योंकि कुछ दर्शक ऐसे थे, जो उन्हें अपने कमेंट और संदेशों के माध्यम से वीडियो बनाने के लिए प्रोत्साहित करते थे। श्याम दिहाड़ी-मजदूरी करके अपना जीवन यापन कर रहे हैं।

जीवन में कभी हार मत मानो

हिमाचली मुंडा श्याम ने कहा कि जीवन में कभी हार मत मानो। हमें जीवन में जो भी करना है, वह अकेले ही करना है, कोई किसी को साथ नहीं देता। कठिन परिस्थितियों में हम हार मान लेते हैं और अपने जीवन को समाप्त करने की कोशिश करते हैं। हमें विकट परिस्थितियों से लडऩा चाहिए और हार नहीं माननी चाहिए, क्योंकि जिंदगी बहुत ही कीमती है। समय का कुछ पता नहीं होता, इंसान कहां से कहां पहुंच जाए, साथ ही उन्होंने नशे की गर्त में फंस रहे युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया है।

साढ़े पांच लाख से अधिक दर्शकों ने देखा इंटरव्यू

हाल ही में दिव्य हिमाचल टीवी पर हुए श्याम के स्पेशल इंटरव्यू को अभी तक करीब साढ़े पांच लाख से अधिक दर्शक देख चुके हैं। हजारों दर्शकों द्वारा इंटरव्यू को लाइक करने सहित सैंकड़ों लोगों के माध्यम से इसे शेयर किया जा चुका है। दिव्य हिमाचल की टीम हमेशा प्रदेश की लोक संस्कृति और यहां युवा कलाकारों को प्रोमोट करने की कोशिश करती है।

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