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Good News: अब मनरेगा में प्रधान-उपप्रधान भी लगा सकेंगे दिहाड़ी

पंचायत के मुखिया यानी प्रधान व उपप्रधान भी मनरेगा के तहत दिहाड़ी लगा सकेंगे। न्यायिक मामलों की सुनवाई के साथ-साथ अब पंचायत प्रतिनिधि मनरेगा में मजदूरी के लिए भी स्वतंत्र हैं। मनरेगा में वार्ड सदस्यों के नाम विकास कार्यों का मस्टररोल जारी होता है। वार्ड सदस्यों की मनरेगा में हाजिरी लगाए जाने का प्रावधान है लेकिन पंचायत प्रधान व उपप्रधानों का मनरेगा में काम करने को लेकर संशय था। हिमाचल प्रदेश राज्य सोशल यूनिट के डायरेक्टर का कहना है कि मनरेगा के तहत जॉबकार्ड बनवाने के बाद संबंधित पंचायत प्रधान और उपप्रधान यदि दिहाड़ी लगाने के इच्छुक हों तो कार्य कर सकते हैं। पंचायत प्रधानों को 150 व उपप्रधानों को सौ रुपए प्रतिदिन के हिसाब से सरकार मानदेय देती है। इस कारण अभी तक प्रधान और उपप्रधान मनरेगा में मजदूरी नहीं कर पा रहे थे। 

मनरेगा एक्ट 2005 के पैरा छह और शेड्यूल दो में इस तरह का प्रावधान है कि कोई भी जरूरतमंद पंजीकृत कामगार मनरेगा में मजदूरी कर सकता है। पंचायतों की मासिक तथा ग्रामसभाओं की बैठकों के दिन पंचायत प्रतिनिधि हाजिरी मनरेगा में नहीं लगा सकेंगे। जिला पंचायत अधिकारी अश्विनी कुमार ने बताया कि मनरेगा के तहत प्रधान, उपप्रधान भी दिहाड़ी लगा सकेंगे लेकिन उन्हें भी काम करना पड़ेगा। बिना काम मजदूरी देने का कोई प्रावधान नहीं है।

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