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हिमाचल के चौपाल की बेटी, TV अभिनेत्री रुबीना दिलैक़ बनी बिग बॉस-14 की विजेता

हिमाचल के चौपाल की बेटी, TV अभिनेत्री रुबीना दिलैक़ बनी बिग बॉस-14 की विजेता

2006 में मिस शिमला का खिताब जीतने वाली रुबीना दिलैक ने बिग बॉस सीजन-14 की विजेता बनकर हिमाचल प्रदेश का नाम चमकाया है। छोटे पर्दे की मशहूर कलाकार रुबीना के पैतृक गांव चौपाल के शंठा में रातभर नाटियों का दौर चला, लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी। शिमला में लोगों ने पटाखे फोड़कर जश्न मनाया  हिमाचल की बेटी के खिताब जीतते ही सोशल मीडिया में बधाइयों का दौर शुरू हो गया। रुबीना दिलैक ने साल 2006 में मिस शिमला का ताज जीतकर मॉडलिंग की दुनिया में कदम रखा था। 

इसके बाद 2008 में रुबीना ने छोटे पर्दे पर कदम रखा। पूर्व प्रधान देवत योगेश अजटा ने कहा कि रुबीना की जीत से चौपाल के साथ-साथ पूरे प्रदेश का नाम देशभर में चमका है। रुबीना टीवी इंडस्ट्री का जाना-माना चेहरा हैं। रुबीना ने लोकप्रिय टीवी सीरियल ‘शक्ति : अस्तित्व के अहसास की’ में सौम्या सिंह का किरदार निभाया था। छोटी बहू सीरियल में राधिका का किरदार निभाया, उसके बाद ‘सास बिना ससुराल’ समेत कई धारावाहिकों में काम किया। रुबीना का जन्म शिमला में 26 अगस्त 1987 को हुआ था। उनके पिता का नाम गोपाल और माता का नाम शकुंतला दिलैक है। मूल रूप से शिमला जिले के चौपाल की देवठी पंचायत के शंठा गांव की रुबीना दिलैक के पति का नाम अभिनव शुक्ला है। 

उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा शिमला में से पूरी की। बाद में सेंट बीड्स कॉलेज से स्नातक की। रुबीना की जीत से पूरा गांव और क्षेत्र जश्न में डूबा है। नाटियों(लोकनृत्य व गायन)से लेकर आतिशबाजी का दौर चला रहा। 

रुबीना जल्द ही अपने गृह क्षेत्र के लोगों को धन्यवाह बोलने शिमला आएंगी। बिग बॉस ग्रैंड फिनाले में शामिल हुए रुबीना के पिता गोपाल दिलैक ने अमर उजाला से खास बातचीत में यह जानकारी दी। 

गोपाल ने बताया कि बिग बॉस ग्रैंड फिनाले में शामिल होने के लिए वह अपनी पत्नी शकुंतला और बेटी ज्योतिका के साथ मुंबई में हैं। रुबीना ने बिग बॉस में जीत दिलाने के लिए देश-विदेश के अपने प्रशंसकों के साथ ही प्यार और आशीर्वाद के लिए हिमाचल के लोगों का आभार जताया है।

वादा किया है कि जल्द ही शिमला आकर रुबीना अपने प्रशंसकों को थैंक्स बोलेगी। रुबीना शिमला जिले के चौपाल क्षेत्र की रहने वाली हैं। पिता गोपाल दिलैक भाषा एवं संस्कृति विभाग से सेवानिवृत्त हुए हैं।


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