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11 मार्च को है शिवरात्रि, भूलकर भी न करें ये काम, भगवान शिव होते हैं नाराज

11 मार्च को है शिवरात्रि, भूलकर भी न करें ये काम, भगवान शिव होते हैं नाराज

महाशिवरात्रि का पर्व फाल्गुन मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। इस बार शिवरात्रि का पर्व 11 मार्च 2021 को पड़ रहा है।

यह दिन भगवान शिव को मनाने और उनकी कृपा पाने के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। भगवान शिव केवल एक लोटा जल और बिल्वपत्र अर्पित करने से ही प्रसन्न हो जाते हैं इसलिए उन्हें भोलेनाथ और आशुतोष भी कहा जाता है। महाशिवरात्रि पर जो भी भक्त सच्ची श्रद्धा से व्रत और पूजन करते हैं, शिव जी उनके जीवन के सभी कष्टों को हर लेते हैं और सभी मनोकामनाओं की पूर्ति करते हैं, लेकिन शिवरात्रि के व्रत में कुछ बातों को ध्यान में रखना बहुत आवश्यक माना गया है। शिवपुराण में कुछ ऐसे कार्यों के बारे में बताया गया है जिन्हें महापाप माना जाता है। शिवरात्रि के दिन ये कार्य भूलकर भी नहीं करने चाहिए अन्यथा शिव जी नाराज होते हैं। जिससे आपको दंड का भागी बनना पड़ता है।

सनातन धर्म के अनुसार किसी भी समय दूसरों के लिए अपने मन में गलत भावना लाना या फिर किसी का बुरा करना आपको पाप का भागीदार बनाता है। यदि आप शिवरात्रि का व्रत रख नहीं भी रख रहे हैं तो भी इस दिन भूलकर भी किसी के बारे में न ही बुरा सोचें और न ही किसी का अहित करें। यदि आप ऐसा करते हैं तो आपको भगवान शिव की कृपा के बजाए उनके क्रोध का सामना करना पड़ता है।

धर्म शास्त्रों में कहा गया है कि कभी भी दूसरों के पति या पत्नी पर बुरी नजर रखना महापाप होता है। यदि आप कभी भी ऐसा कार्य करते हैं तो दंड के भागी बनते हैं और शिवरात्रि के दिन भूलकर भी ऐसा नहीं करना चाहिए। अपने मन में भी ऐसा भाव लाना पाप माना गया है।

सनातन धर्म में माता-पिता बुजुर्गों और स्त्रियों का सम्मान करना धर्म परायण माना गया है। शिवरात्रि के दिन भूलकर भी माता-पिता, गुरूजनों,पत्नी, पराई स्त्री, बड़े-बुजुर्गों या पूर्वजों का अपमान नहीं करना चाहिए। उनके लिए गलती से भी मुख से अपशब्द नहीं निकालने चाहिए। मदिरा पान करना और दान की हुई चीजें या धन वापस लेना भी महापाप की श्रेणी में आता है।

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