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भारत के इस रिकॉर्ड के बारे में नहीं जानेंगे तो पड़ सकता है पछताना..

भारत के इस रिकॉर्ड के बारे में नहीं जानेंगे तो पड़ सकता है पछताना..

भारत ने बनाया एक नया रिकॉर्ड, सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा बनाकर गुजरात में किया गया स्थापित | शीघ्र ही बनाया जायेगा क्षेत्र को ट्यूरिज़्म स्पॉट | यदि विश्व की सबसे ऊँची प्रतिमा की बात की जाए तो यह रिकॉर्ड भारत के नाम हो गया है | अभी हाल में भारत ने गुजरात में विश्व की सबसे ऊँची प्रतिमा बनाकर स्थापित की है | इसे सरदार वल्लभ भाई पटेल के सम्मान में स्थापित किया गया है | जिसका नाम "स्टैच्यू ऑफ यूनिटी" रखा गया है |

देश के स्वतंत्रता आंदोलन के एक सुदृढ़ स्तंभ और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रमुख नेता सरदार वल्लभभाई पटेल ने स्वतंत्र भारत के प्रथम उप प्रधानमंत्री एवं गृहमंत्री थे | इसके साथ ही वे एक कुशल प्रशासक तथा दक्ष रणनीतिकार भी थे | उन्हीं के प्रयासों से पुरे भारत का एकीकरण किया गया | उनके जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि 565 देसी रियासतों का भारतीय संघ में विलय मानी जाती है। चूँकि उन्होंने भारत के एकीकरण करने जैसा मुश्किल काम किया था | इसीलिए उन्हें लौहपुरुष के नाम से भी जाना जाता है |

लोहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की यह प्रतिमा गुजरात में बहने वाली नर्मदा नदी पर स्थित सरदार सरोवर बांध से लगभग 3.5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह भारत की ही नहीं बल्कि पुरे विश्व की सबसे ऊँची प्रतिमा है | अभी तक सबसे ऊँची प्रतिमा चीन में स्थित स्प्रिंग टेंपल की बुद्ध की प्रतिमा (153 मीटर) थी | "स्टैच्यू ऑफ यूनिटी" न्यूयॉर्क में स्थित स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से लगभग दोगुनी ऊंची है और इसकी ऊंचाई 182 मीटर है |

इस प्रतिमा के लिए दावा किया गया है की तेज भूकंप और तूफ़ान में भी यह चट्टान की तरह खड़ी रहेगी | इसमें 100 सालो से भी अधिक समय तक जंग नहीं लगेगा | इस पर कांसे की परत चढ़ाई गयी है | इस पर जंग न लगे इसलिए इसे बनाने के लिए प्राचीन कला तकनीक भी काम में ली गयी है | इसे बनाने वाली कंपनी "लार्सन ऐंड टुब्रो" ने दावा किया है कि यह सिर्फ 33 महीने के रिकॉर्ड समय में बनकर तैयार हुई है। इस प्रतिमा के निर्माण में 2,989 करोड़ रुपये खर्च हुए है।

इसके नीचे एक म्यूजियम भी बनाया गया है जिसमे सरदार पटेल से जुडी कुछ चीजे भी रखी गयी है | अनुमान लगाया जा रहा है की इसे देखने देश-विदेश से पर्यटक काफी संख्या में आएंगे | इसलिए इसके आसपास के क्षेत्र को टूरिस्ट स्पॉट क्षेत्र घोषित किया गया है | "स्टैच्यू आफ यूनिटी" जहां राष्ट्रीय गौरव और एकता का प्रतीक है वहीं यह भारत के इंजीनियरिंग कौशल तथा परियोजना प्रबंधन क्षमताओं का सम्मान भी है।

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