Breaking News

अकबर का आक्रांत सह चुके मंदिर में मुसलमान क्या कर रहे, स्थाई नियुक्ति की चल रही बात!

अकबर का आक्रांत सह चुके मंदिर में मुसलमान क्या कर रहे, स्थाई नियुक्ति की चल रही बात!

कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित देश के 51 शक्तिपीठों में एक मां ज्वाली देवी मंदिर से जुडी हुई एक बड़ी खबर सामने आ रही है। ये वही मंदिर है, जहां एक धर्म विशेष से ताल्लुक रखने वाले आक्रांता अकबर ने मां ज्वाला देवी की दिव्य ज्योति को बुझाने के लिए हर तरह के प्रयास कर डाले थे लेकिन वह सफल नहीं हो सका था। अब उसी मंदिर ट्रस्ट द्वारा मंदिर में अकबर के धर्म से ताल्लुक रखने वाले दो लोगों को नियुक्ति दी गई है। हालांकि ये नियुक्ति महीनों पहले दी गई थी लेकिन अब इसे स्थाई करने पर विचार क्या जा रहा है और इस संबंध में प्रक्रिया भी शुरू की जा चुकी थी।

भला हो विश्व हिंदू परिषद का जिन्होंने SDM ज्वालामुखी के समक्ष ज्ञापन सौंपकर इस मामले को उठाया और कार्रवाई करने की बात कही। इस मसले को लेकर विश्व हिंदू परिषद हिमाचल प्रदेश के प्रांत संगठन मंत्री नीजर दिनौरिया जी का कहना है कि हिन्दू मंदिरों की मूर्तियों से नफरत करने वाले, हिन्दू मंदिरों में नोकरी कैसे कर सकते हैं? मंदिरों का पैसा मूर्ति भंजकों पर क्यों लुटाया जा रहा है? माता ज्वालामुखी मन्दिर में 2 मुस्लिमों को नोकरी देना हिन्दुओं के आस्था पर चोट है।

बकौल नीरज, जिस मुस्लिम आक्रांता अकबर ने माता ज्वालादेवी की ज्योतियां बुझाने को टनों भारी तवों को रखवाकर माता के अस्तित्व को ही समाप्त करने कोशिश की,आज उन्हीं रक्तबीज मुसलमानों को मन्दिर ट्रस्ट में नोकरी देकर हिन्दू धार्मिक भवनाओं पर पुनःहमला किया जा रहा है,आस्था पर चोट बर्दाश्त नहीं करेंगें। उन्होंने आगे कहा कि हम 10-10 रूपए बचाकर घर बनाने की सोच रहे हैं औऱ वो लोग 10-10 बच्चे पैदा करके हमारा घर और मन्दिर कब्जा करने कि सोच कर रहे हैं।

सोचने वाले बात ये है कि जिस धर्म विशेष के लोगों द्वारा देश भर में मौजूद हजारों मंदिरों को तोड़कर उन्हें नास्तेनाबूत किया है, जिनकी पवित्र किताबों में काफिरों पर अत्याचार करने और मूर्तिपूजकों पर हमला करने और उनकी जान लेने की बात सिखाई गई है। उन्हें मंदिरों में नौकरी दी जा रही है। अब देखना ये होगा कि मंदिर प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठता है।

No comments