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कांग्रेसियों को सीएम जयराम की नसीहत, जमीन पर रहिये वरना लोग जमीन में गाड़ देते हैं

हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। इस पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि सदन का इतिहास गौरवमयी रहा है। आज जैसी घटना इतिहास में पहले कभी नहीं हुई। देश के अन्य राज्यों की विधानसभा में भी राज्यपालों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं हुआ। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि नेतृत्व विफल हुआ इसी वजह से लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत लड़ने की क्षमता नहीं है। देश में कांग्रेस साफ हुई और हाल के चुनाव में भी पंचायत में जमीन नहीं थी, इसलिए ऐसा बर्ताव हुआ।  उन्होंने कहा कि कांग्रेस में हर कोई पद के लिए लड़ रहा है। दल में भी कुछ लोग साथ नहीं थे। बजट सत्र के पहले दिन कभी नहीं हुआ कि नियम 67 को मूव किया गया हो। राज्यपाल, संविधान से लड़ाई वो भी इस ऐतिहासिक सदन में। राज्यपाल के साथ ऐसा व्यवहार पूरे देश में कभी नहीं हुआ जो आज यहां हुआ है। जिस कल्चर को ये सदन में लाने का प्रयास कर रहे, उससे जाहिर है कि इनकी जमीन खिसक गई है, इसलिए ऐसा कर रहे हैं। सीएम ने कहा कि जमीन पर रहिये वरना जमीन में गाड़ देते हैं लोग।  हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के पहले विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने 11 बजे अभिभाषण पढ़ना शुरू किया। ठीक 14 मिनट बाद कांग्रेस सदस्यों ने सदन में नारेबाजी शुरू कर दी। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने महंगाई का मुद्दा उठाया। अग्निहोत्री ने राज्यपाल के अभिभाषण को झूठ का पुलिंदा बताया।  बजट सत्र के पहले दिन क्या हुआ  बजट सत्र में ऐसा पहली बार हुआ कि राज्यपाल के अभिभाषण में विपक्ष ने हंगामा किया। जब राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय राजभवन जाने लगे तो कांग्रेस विधायक विधानसभा के काउंसिल चैंबर गेट पर गाड़ी रोककर नारेबाजी करने लगे। इस दौरान विधानसभा उपाध्यक्ष हंसराज और कांग्रेस विधायकों में धक्का मुक्की भी हो गई।  11 बजकर 16 मिनट पर सदन को सोमवार 2 बजे तक के स्थगित किया गया, लेकिन 12 बजकर 50 मिनट पर दोबारा सत्र बुला लिया गया। नियम 346 के तहत सदन को फिर से बुलाया गया।  विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार ने कहा, नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री और सहयोगियों ने राज्यपाल का अपमान किया। विपक्ष ने परंपराओं को तोड़ा है। विपक्ष ने राज्यपाल का रास्ता रोका और अभिभाषण का प्रतियां फेंकी।  वहीं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि आज का दिन शर्मसार कर देने वाला है। ये हमला संविधान पर है। सुरेश भारद्वाज ने सदन में प्रस्ताव दिया कि राज्यपाल का रास्ता रोकने वाले कांग्रेस विधायकों मुकेश अग्निहोत्री, हर्षवर्धन चौहान, सतपाल सिंह रायजादा, सुंदर सिंह ठाकुर और विनय कुमार को निलंबित किया जाए।  इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री, हर्षवर्धन चौहान, सतपाल सिंह रायजादा, सुंदर सिंह ठाकुर और विनय सिंह को 20 मार्च तक निलंबित कर दिया।  आपको बता दें कि 26 फरवरी से लेकर 6 मार्च तक बजट सत्र चलेगा। सत्र के लिए 900 से ज्यादा सवाल आए हैं। 6 मार्च को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर बजट पेश करेंगे। ये उनके कार्यकाल का चौथा बजट है। बजट सत्र में 17 बैठकें होंगी।

हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। इस पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि सदन का इतिहास गौरवमयी रहा है। आज जैसी घटना इतिहास में पहले कभी नहीं हुई। देश के अन्य राज्यों की विधानसभा में भी राज्यपालों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं हुआ।

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि नेतृत्व विफल हुआ इसी वजह से लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत लड़ने की क्षमता नहीं है। देश में कांग्रेस साफ हुई और हाल के चुनाव में भी पंचायत में जमीन नहीं थी, इसलिए ऐसा बर्ताव हुआ।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस में हर कोई पद के लिए लड़ रहा है। दल में भी कुछ लोग साथ नहीं थे। बजट सत्र के पहले दिन कभी नहीं हुआ कि नियम 67 को मूव किया गया हो। राज्यपाल, संविधान से लड़ाई वो भी इस ऐतिहासिक सदन में। राज्यपाल के साथ ऐसा व्यवहार पूरे देश में कभी नहीं हुआ जो आज यहां हुआ है। जिस कल्चर को ये सदन में लाने का प्रयास कर रहे, उससे जाहिर है कि इनकी जमीन खिसक गई है, इसलिए ऐसा कर रहे हैं। सीएम ने कहा कि जमीन पर रहिये वरना जमीन में गाड़ देते हैं लोग।

हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के पहले विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने 11 बजे अभिभाषण पढ़ना शुरू किया। ठीक 14 मिनट बाद कांग्रेस सदस्यों ने सदन में नारेबाजी शुरू कर दी। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने महंगाई का मुद्दा उठाया। अग्निहोत्री ने राज्यपाल के अभिभाषण को झूठ का पुलिंदा बताया।

बजट सत्र के पहले दिन क्या हुआ

बजट सत्र में ऐसा पहली बार हुआ कि राज्यपाल के अभिभाषण में विपक्ष ने हंगामा किया। जब राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय राजभवन जाने लगे तो कांग्रेस विधायक विधानसभा के काउंसिल चैंबर गेट पर गाड़ी रोककर नारेबाजी करने लगे। इस दौरान विधानसभा उपाध्यक्ष हंसराज और कांग्रेस विधायकों में धक्का मुक्की भी हो गई।

11 बजकर 16 मिनट पर सदन को सोमवार 2 बजे तक के स्थगित किया गया, लेकिन 12 बजकर 50 मिनट पर दोबारा सत्र बुला लिया गया। नियम 346 के तहत सदन को फिर से बुलाया गया।

विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार ने कहा, नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री और सहयोगियों ने राज्यपाल का अपमान किया। विपक्ष ने परंपराओं को तोड़ा है। विपक्ष ने राज्यपाल का रास्ता रोका और अभिभाषण का प्रतियां फेंकी।

वहीं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि आज का दिन शर्मसार कर देने वाला है। ये हमला संविधान पर है। सुरेश भारद्वाज ने सदन में प्रस्ताव दिया कि राज्यपाल का रास्ता रोकने वाले कांग्रेस विधायकों मुकेश अग्निहोत्री, हर्षवर्धन चौहान, सतपाल सिंह रायजादा, सुंदर सिंह ठाकुर और विनय कुमार को निलंबित किया जाए।

इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री, हर्षवर्धन चौहान, सतपाल सिंह रायजादा, सुंदर सिंह ठाकुर और विनय सिंह को 20 मार्च तक निलंबित कर दिया।

आपको बता दें कि 26 फरवरी से लेकर 6 मार्च तक बजट सत्र चलेगा। सत्र के लिए 900 से ज्यादा सवाल आए हैं। 6 मार्च को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर बजट पेश करेंगे। ये उनके कार्यकाल का चौथा बजट है। बजट सत्र में 17 बैठकें होंगी।

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