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घर की इस दिशा में रखें तिजोरी, छप्पर फाड़ के बरसेगा धन

घर की इस दिशा में रखें तिजोरी, छप्पर फाड़ के बरसेगा धन

आप भले ही किसी महल में ही क्यों न रहते हों, अगर उस महल में कुछ भी वास्तु के विपरीत है तो आपको जीवनभर परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। वास्तु शास्त्र में दिशाओं का महत्व बताया गया है। अगर कुछ भी वास्तु के अनुरूप नहीं होता है तो उसका प्रभाव व्यक्ति के जीवन पड़ता है। आप वास्तु के अनुसार सही दिशा का उपयोग करके जीवन में उन्नति पा सकते हैं।

उत्तर दिशा – भगवान कुबेर की दिशा उत्तर दिशा को माना जाना है, इस दिशा में अलमारी और तिजोरी रखना काफी शुभ होता है। इस दिशा में और कुछ भी न रखें।

पूर्वी दिशा – सूर्य देव और इंद्र देव पूर्व दिशा के स्वामी होते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, इस दिशा के स्थान को खाली रखना चाहिए। घर बनवाते समय इस बाद का विशेष ध्यान रखें कि, घर में सूर्य की किरणें जरूर आएं।

दक्षिण दिशा – घर का सबसे भारी सामान दक्षिण दिशा (East direction) में ही रखना चाहिए। इस दिशा को कभी भी खाली न छोड़े। इस दिशा में गलती से भी बाथरूम या फिर टॉयलेट न बनवाएं। इससे घर की सुख शांति प्रभावित होती है।

पश्चिम दिशा – घर में टॉयलेट या बाथरूम बनवाने के लिए पश्चिम दिशा सबसे बेहतर दिशा है। इस दिशा में आप रसोईघर भी बनवा सकते हैं। एक बात का विशेष ध्यान रखें कि, इस दिशा में कभी भी बाथरूम और किचन सटाकर न बनाएं।

ईशान कोण – भगवान शिव शंकर का स्थल ईशान कोण (Northeast) को माना गया है। ये दिशा पूजा स्थल बनवाने के लिए सबसे अधिक उपयुक्त है। इस दिशा का स्वामी गुरु को माना जाता है।

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