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जीवन में कोई भी हो समस्या, ये उपाय हमेशा आएगा आपके काम

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सनातन धर्म में यूं तो 33 कोटी देवी देवता माने जाते हैं। लेकिन इनमें से प्रमुख देवों को सप्ताह के वार के अनुसार स्थान दिया गया है। यानि सप्ताह का हर दिन सनातन धर्म में किसी न किसी एक विशेष देव या देवी को समर्पित किया गया है। या यूं माने कि हर दिन के कोई न कोई कारक देव देवी हैं।

मान्यता के अनुसार इस निश्चित दिन निश्चित देव या देवी का पूजन खास लाभ देता है, साथ ही वे अपने कारक दिन ज्यादा जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं। पंडित सुनील शर्मा के अनुसार हर देवी या देवता की कुछ निश्चित चीजें भी हैं, जिन्हें उन्हें काफी प्रिय मानी जातीं हैं। वहीं कुछ दिन एक से ज्यादा देवों को भी समर्पित हैं।

जानिये सप्ताह में किस देव का कौन सा दिन…
1. सोमवार : भगवान शिवशंकर कारक ग्रह चंद्र : रंग सफेद
2. मंगलवार : श्री हनुमान व देवी कारक ग्रह मंगल : रंग गेरुआ
3. बुधवार : श्रीगणेश कारक ग्रह बुध : रंग हरा
4. गुरुवार : श्री हरि विष्णु व मां सरस्वती कारक ग्रह बृहस्पति: रंग पीला या सफेद
5. शुक्रवार : मां लक्ष्मी व मां दुर्गा कारक ग्रह शुक्र : रंग गुलाबी या लाल
6. शनिवार : शनिदेव व हनुमान जी व काली मां ग्रह शनि कारक ग्रह शनि: रंग काला
7. रविवार : सूर्य देव व कारक ग्रह सूर्य : केसरिया

सप्ताह में दिन के अनुसार...
1. सोमवार यानि भगवान शिव का दिन: दूध,दही, गंगा जल आदि फूलों में बेलपत्र
2. मंगलवार यानि हनुमान जी या मां दुर्गा: लड्डू का भोग व सिंदूर का चोला, जबकि देवी मां पर चढ़ाएं लाल फूल गुलाब छोड़कर।
3. बुधवार यानि श्रीगणेश जी: हरी दूब पुष्प व मोदक।
4. गुरुवार यानि श्री हरी विष्णु या मां सरस्वती — भगवान विष्णु के लिए पीत यानि पीले वस्त्र व पीले फूल और पीली ही मिठाई। जबकि मां सरस्वती की पूजा में श्वेत वस्त्र का उपयोग शुभ माना जाता है।

5. शुक्रवार यानि मां लक्ष्मी या दुर्गा : दोनों का पूजन तकरीबन एक समान ही है, केवल मां लक्ष्मी में मां लक्ष्मी की आरती व पूजा जबकि मां दुर्गा में मां दुर्गा की आरती व पूजा। इस दिन मुख्य रूप से लाल रंग की अधिकता महत्व रखती है।
वैसे तो देवी का मुख्य दिन शुक्रवार माना जाता है, लेकिन ये मुख्य रूप से मां लक्ष्मी का दिन है। वहीं मां दुर्गा को मंगलवार, शुक्रवार या शनिवार इन तीनों दिनों में आसानी से प्रसन्न किया जा सकता है।
6. शनिवार यानि शनिदेव या हनुमान जी या मां काली: शनि पर तेल चढ़ाइये, मां काली की पूजा व हनुमान जी की पूजा भी विशेष लाभ देती है। इस दिन काले या नीले वस्त्र का महत्व है।
7. रविवार यानि सूर्य देव का दिन: इस दिन सूर्य को जल तो सबसे खास है ही साथ ही गुलाबी या लाल रंग की अधिकता के अलावा इस दिन भोजन में मीठे का खास महत्व माना जाता है।

जानिये मां दुर्गा के बारे में…
हिन्दू धर्म में मां दुर्गा का स्थान देवियों में लगभग सबसे सर्वोच्च है, जिन्हें कई नामों से जाना जाता है। मान्यता यह भी है कि पूरे संसार की रचना देवी दुर्गा ने ही की है। वहीं सभी देवियों को मां दुर्गा का ही रूप माना गया है।

दुर्गा यानि शक्ति…पुराणों के अनुसार मां दुर्गा की पूजा करने सबसे कठिन माना गया है, वहीं यह भी माना जाता है कि यदि कोई व्यक्ति पूरे मन-लग्न से देवी की पूजा करता है तो उसे किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता है!

यही नहीं बल्कि उनके मन की हर मुराद भी पूरी होती है और मां दुर्गा उनकी सदैव रक्षा करती है। दुर्गा मां की पूजा में सबसे महत्वपूर्ण ‘जपा पुष्प’ माना गया है यह उनका पसंदीदा फूल है जिसे चढ़ाकर आप अपनी कोई इच्छा पूरी कर सकते है, मां दुर्गा का जाप करते समय उन्हें ‘जपा पुष्प’ का फूल अर्पित करें, ऐसा करने से देवी प्रसन्न होती हैं।

बताया गया है कि मां को ये फूल चढाने से वह तुरंत प्रसन्न हो जाती हैं और वह जल्द ही आपकी मनोकामना सुन आपकी हर इच्छा पूरी कर देती हैं। अत: कहा जाता है कि यदि आपके जीवन में भी कोई परेशानी चल रही हो, तो मां दुर्गा के किसी भी मंत्र की एक माला का जाप करें।

मां दुर्गा का बीज मंत्र इस प्रकार है – “ॐ ह्रीं दुं दुर्गायै नम:” मान्यता है कि यदि आप पूरे मन से मां दुर्गा को याद कर मंत्र का जाप करते है तो जल्द ही आपकी इच्छा पूरी हो जाएगी।

मां दुर्गा का नाम जाप
शास्त्रों के अनुसार चाहे पृथ्वी लोक हो या कोई भी अन्य लोक, हर पापी मां दुर्गा के नाम से डरता है। इसलिए यदि भक्त सच्चे मन से केवल देवी का नाम भी ले, यानि कि उनके नाम का जाप करे तो उसके कई संकट दूर हो जाते हैं।

दुर्गा मंत्र
यदि जीवन में कोई परेशानी चल रही हो, तो मां दुर्गा के किसी भी मंत्र का एक माला का जाप करें। आप किसी ज्योतिषी या विशेषज्ञ से मां दुर्गा के मंत्र के बारे में जान सकते हैं, अन्यथा दुर्गा बीज मंत्र का जाप करें जो इस प्रकार है – “ॐ ह्रीं दुं दुर्गायै नम:”

मान्यता के अनुसार इस मंत्र का रोज़ाना एक माला यानि 108 बार जाप करना फलदायी सिद्ध होता है। शास्त्रीय मान्यता के अनुसार दुर्गा मंत्र रात्रि के समय अधिक असर दिखाते हैं, इसलिए संभव हो तो रात्रि में ही दुर्गा साधना करें।

जपा पुष्प
मां दुर्गा का जाप करते समय उन्हें ‘जपा पुष्प’ का फूल अर्पित करें। ऐसा करने से देवी प्रसन्न होती हैं।

चंडी पाठ या दुर्गा सप्तशती पाठ
मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए चंडी पाठ या फिर दुर्गा सप्तशती पाठ का बेहद महत्व बताया जाता है। अगर यह दोनों ही पाठ नियमानुसार पढ़ें जाएं तो उस पर मां दुर्गा की अपार कृपा होती है।

मां दुर्गा की पूजा विधि...
मां दुर्गा की प्रतिमा के सामने लाल कपड़ा, लाल चंदन,जपा पुष्प + गुडहल का फूल, कुछ पैसे आदि रखकर उसके सामने मां दुर्गा के मंत्र का जाप करना तुरंत फल प्रदान करता है।

पुराणों के अनुसार मां दुर्गा की पूजा के नियम कठिन अवश्य हैं, लेकिन जो भी भक्त इन्हें पूर्ण निष्ठा से करता है उसकी मुराद अवश्य पूरी होती है। मां दुर्गा अपने भक्तों की शत्रुओं एवं बुरी ताकतों से सदैव रक्षा करती हैं।

इनकी मदद करें
माना जाता है कि गरीब कन्याओं को खुश किया जाए, उन्हें भोजन-कपड़े इत्यादि दान किए जाएं तो ऐसा करने से देवी प्रसन्न होकर अपने भक्तों पर अपार कृपा करती हैं।

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