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ठंड में हाथ पैरों का रंग बदलना इस गंभीर बीमारी के लक्षण हो सकते हैं

ठंड में हाथ पैरों का रंग बदलना इस गंभीर बीमारी के लक्षण हो सकते हैं

ठंडो में भारत की लगभग 80% महिलाओं को इस बीमारी से गुजरना पड़ता है। आपने अक्सर देखा होगा कि ठंड में हाथों की उंगलियां सुन हो जाती हैं और हाथ रूखे पड़ जाते हैं इस बीमारी को "रेनॉड" कहते हैं। ऐसा अक्सर हाथों की उंगलियों पैरों की उंगलियों मैं होता है।

अब बहुत ठंड आने वाली है तो चलिए जानते हैं इस बीमारी के बारे में यह कौन सी बीमारी है और इसके पीछे कारण क्या है।

रेनॉड डिजीज एक ऐसी बीमारी है जिसमें ब्लड सप्लाई कम हो जाती है यह ज्यादातर हाथ और पैरों की उंगलियां नाक कान और कभी-कभी निपल्स में होती है।

ब्लड सप्लाई कम होने की वजह से हमें हाथ और पैरों में झनझनाहट होती है। कभी-कभी थोड़ा थोड़ा दर्द होता है और जलन महसूस होती है।

इस बीमारी में स्किन एकदम सफेद हो जाती है जैसे जैसे ब्लड सप्लाई वापस शुरू होती है तो इसके नीली दिखने लगती है नॉर्मल होने पर लाल हो जाती है।

इस बीमारी के कुछ ड्राइवर हैं इनमें सबसे आम है ठंड और स्ट्रेस।

"रेनॉड" डिजीज क्यों होती है।

कारण समझने के लिए यह समझना जरूरी है कि रेनॉल्ट डिजीज कितने तरह की होती है। यह दो प्रकार की होती है।

प्राइमरी रेनॉड डिजीज और सेकेंडरी रेनॉड डिजीज प्राइमरी से नौ डिजिट में सारी उंगलियों पर असर नही पड़ता है।

सेकेंडरी रेनॉड़ डिजीज की बात करें तो इसमें हाथ पैरों की पूरी उंगलियों पर असर पड़ता है। यह बीमारी उन लोगों को ज्यादा होती है जो सिगरेट पीना केमिकल के संपर्क में आ जाते हैं और कई बार दवाइयों का साइड इफेक्ट भी हो जाता है.

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