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IPL 2021 में नहीं होगा सॉफ्ट सिग्नल का नियम, 90 मिनट में पूरी करनी होगी एक पारी

IPL 2021 में नहीं होगा सॉफ्ट सिग्नल का नियम, 90 मिनट में पूरी करनी होगी एक पारी

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने आईपीएल 2021 सत्र की शुुरुआत से पहले एक और बड़ा फैसला लेते हुए इस पूरे सत्र में सॉफ्ट सिग्नल आउट नियम को हटा दिया और साथ ही एक पारी को खत्म करने पर समय की पाबंदी लगा दी है। ये संशोधन एक अप्रैल से लागू होंगे।


बीसीसीआई ने संशोधित खेल शर्ताें को सभी आईपीएल फ्रेंचाइजियों के बीच साझा कर दिया है, जिसके मुताबिक अब गेंदबाजी टीम को किसी भी हाल में खेल के 90वें मिनट में 20 ओवर पूरे करने होंगे। इससे पहले आईपीएल में 20वां ओवर 90वें मिनट में शुरू करना अनिवार्य था।

बीसीसीआई ने सभी टीमों को भेजे मेल में कहा, ' मैच के समय को नियंत्रित करने के उपाय के रूप में प्रत्येक पारी में 20वें ओवर को अब 90वें मिनट में खत्म करना अनिवार्य किया गया है, जबकि इससे पहले 20वां ओवर 90वें मिनट या उससे पहले शुरू होना जरूरी था। अब आईपीएल मैचों में औसतमन न्यूनतम ओवर रेट 14.11 ओवर प्रति घंटा (टाइम आउट समय के बगैर) होगी। इस हिसाब से निर्बाध मैचों में पारी की शुरुआत होने के बाद 20वां ओवर 90 मिनट (85 मिनट का खेल समय और पांच मिनट का टाइम आउट समय) के भीतर समाप्त होना चाहिए, जबकि विलंबित या बाधित मैचों में दोनों पारियों में 90 मिनट के अधिकतम समय को चार मिनट 15 सेकेंड के लिए कम कर दिया जाएगा। '

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बीसीसीआई ने आईपीएल में सॉफ्ट सिग्नल के नियम को भी हटा दिया है। नए नियम के अनुसार ऑन-फील्ड अंपायर के सॉफ्ट सिग्नल आउट देने के फैसले का थर्ड अंपायर के फैसले पर कोई असर नहीं पड़ेगा। बीसीसीआई ने इस बारे में कहा, ' थर्ड अंपायर के फैसले में ऑन-फील्ड अंपायर का सॉफ्ट सिग्नल आउट देने का फैसला लागू नहीं होगा। ऑन-फील्ड अंपायरों को निर्णय लेने के लिए थर्ड अंपायर से सहायता की आवश्यकता होती है, लेकिन इससे पहले बॉलर्स एंड पर खड़े अंपायर को लेग अंपायर के साथ परामर्श करने के बाद एक निर्णय लेना चाहिए। इसके बाद यह तीसरे यानी टीवी अंपायर का निर्णय होगा कि बल्लेबाज कैच आउट हुआ है, गेंद बाउंस हुई या बल्लेबाज ने जानबूझकर क्षेत्ररक्षण में बाधा पहुंचाई है या नहीं। '

उल्लेखनीय है कि भारतीय कप्तान विराट कोहली ने हाल ही में संपन्न इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज के दौरान सॉफ्ट सिग्नल आउट नियम के खिलाफ आपत्ति जताई थी। यहां तक कि उन्होंने पगबाधा फैसलों में अंपायर कॉल्स नियम पर भी सवाल उठाया था। बीसीसीआई के आगामी आईपीएल सत्र में सॉफ्ट सिग्नल आउट नियम को हटाने के फैसले को इससे भी जोड़कर देखा जा रहा है।

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बीसीसीआई ने आईपीएल में ऑन फील्ड अंपायरों द्वारा शॉर्ट रन कॉल नियम में भी बदलाव करते हुए इसकी जिम्मेदारी भी तीसरे अंपायर को दे दी है। इसके मुताबिक थर्ड अंपायर अब ऑन फील्ड अंपायर के शॉर्ट रन कॉल के फैसले को बदल सकता है। पिछले आईपीएल सत्र में किंग्स इलेवन पंजाब और दिल्ली कैपिटल्स के बीच हुए मैच में इस मामले को लेकर काफी विवाद हुआ था।

क्या होता है सॉफ्ट सिग्नल का नियम?
दरअसल कोई भी शंका के समय मैदानी अंपायर अपना फैसला सुनाकर इसमें तीसरे अंपायर की मदद मागता है। लेकिन उससे पहले मैदानी अंपायर को खुद बताना पड़ता है कि उसका क्या फैसला है। अगर तीसरे अंपायर को कोई पुख्ता सबूत मिलता है तो ही मैदानी अंपायर के फैसले को पलटा जाता है अन्यथा नहीं।

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