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हाय रे प्रधानी! महिला हुई सीट, तो ब्रह्मचारी ने दन से रचा ली शादी

हाय रे प्रधानी! महिला हुई सीट, तो ब्रह्मचारी ने दन से रचा ली शादी

उत्तर प्रदेश के गांवों में कहा जाता है कि ये प्रधानी कुछ भी करवा सकती है. अब जब पंचायत चुनाव की तारीखों की घोषणा हो गई है और आरक्षण का भी मामला सलट गया है, तब ऐसी ही खबरें सामने आ रही हैं. अब मामला बलिया से सामने आया है. जहां प्रधानी के चक्कर में प्रत्याशी ने शादी ना करने प्रण तोड़ दिया. 45 साल की उम्र में ब्रह्मचर्य छोड़कर, घर में नई दुल्हनिया लेकर आ गए.

सीट हुई महिला, तो दन से कर ली शादी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, करण छपरा गांव के रहने वाले हाथी सिंह लंबे समय से गांव-समाज की सेवा करने में जुटे हुए थे. इस चक्कर में शादी-ब्याह भी नहीं किया. इस बार प्रधानी का माहौल भी बनाने लगे थे. तभी आरक्षण लिस्ट आ गई. सब किए धरे पर पानी फिर गया. दरअसल, उनकी सीट महिला के लिए आरक्षित हो गई.

आरक्षण लिस्ट के साथ समस्या एक और थी. हाथी ने शादी न करने का व्रत ले रखा था. लेकिन समर्थकों इस बार डट गए. अंत में हाथी सिंह ने 26 मार्च को शादी कर ली. खास बात है कि इस समय खर मास चल रहा, जिसमें शादी करना अशुभ माना जाता है. लेकिन उन्होंने नामांकन से पहले शादी कर ली. उनकी पत्नी ने ग्रेजुएशन कर रखा है और प्रधानी की तैयारी शुरू कर दी गई है.

पहली बार नहीं हुआ ऐसा उत्तर प्रदेश में एक से बढ़कर वीर पड़े हुए हैं. हाल ही में एक खबर सामने आई थी, जिसमें प्रत्याशी ने चुनाव लड़ने के लिए अंतरजातीय विवाह कर लिया. लेकिन बेचारे की किस्मत ऐसी फूटी थी कि हाईकोर्ट के फैसले के बाद एक बार फिर सीट बदल गई. इनकी पूरी कहानी पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें-

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