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IPL 2021: कभी धोनी और वॉर्न को जिताई ट्रॉफी, नोटों की हुई बारिश, अब गुमनामी की जिंदगी जी रहे हैं ये 5 क्रिकेटर

IPL 2021: कभी धोनी और वॉर्न को जिताई ट्रॉफी, नोटों की हुई बारिश, अब गुमनामी की जिंदगी जी रहे हैं ये 5 क्रिकेटर

IPL 2021 का आगाज 9 अप्रैल से होने जा रहा है। इस बार कई नए खिलाड़ियों को नीलामी में खरीदा गया है तो कुछ पर किसी भी फ्रेंचाइजी ने दांव नहीं लगाया। हालांकि ऐसा पहली बार नहीं हुआ कि कुछ खिलाड़ियों की बोली ना लगी हो, बल्कि इससे पहले भी कई ऐसे खिलाड़ी रहे हैं, जिन्होंने आईपीएल के 1-2 सीजन में तो धमाकेदार प्रदर्शन किया, लेकिन बाद में या तो कोई खरीददार नहीं मिला या फिर किसी को खरीद भी लिया गया तो उन्हें पूरे सीजन में एक या दो मैच खेलने का मौका मिला। हुआ यूंकि बाद में टीमों के मालिकों ने उन पर विश्वास नहीं जताया और कई बल्लेबाज और गेंदबाज देखते ही देखते गुमनामी के अंधेरे में खो गए। 

आइए जानते हैं ऐसे ही 5 होनहार खिलाड़ियों के बारे में।


पॉल वल्‍थाटी दाएं हाथ के इस बल्‍लेबाज ने 2011 में किंग्‍स इलेवन पंजाब के लिए जबरदस्‍त बल्‍लेबाजी की थी। वल्‍थाटी Paul Valthaty चेन्‍नई सुपर किंग्‍स के खिलाफ 63 गेंद में नाबाद 120 रन उड़ाकर सुर्खियों में आए थे। उस सीजन उन्‍होंने 483 रन बनाए थे और वे सबसे ज्‍यादा रन बनाने वाले बल्‍लेबाजों में छठे नंबर पर रहे थे। लेकिन अगले साल वल्‍थाटी का बल्‍ला नहीं चला। धीरे-धीरे वे आईपीएल से ही गायब हो गए। पिछले साल वे टी20 मुंबई लीग में खेले थे और अब क्रिकेट की कोचिंग भी देते हैं।


स्‍वप्निल असनोदकर शेन वॉर्न की कप्तानी में राजस्थान रॉयल्स ने वर्ष 2008 में पहले आईपीएल में खिताब जीता था। उस गोवा के छोटे कद के बल्‍लेबाज स्‍वप्निल असनोदकर (Swapnil Asnodkar) का बड़ा योगदान था। उन्होंने ग्रीम स्मिथ के साथ पारी की शुरुआत करते हुए कड़ी बड़ी साझेदारियां की थीं। आईपीएल के पहले सीजन में उन्होंने 9 मैचों में 133.47 की स्ट्राइक से 311 रन बनाए थे। लेकिन अगले सीजन वे नहीं चले और आईपीएल से गुम हो गए। अब वे क्लब क्रिकेट खेलते हैं।


कामरान खान उत्‍तर प्रदेश के इस बाएं हाथ के तेज गेंदबाज की कहानी काफी अनोखी है। मुंबई में एक टी20 टूर्नामेंट में जबरदस्‍त प्रदर्शन के चलते उन्‍हें राजस्‍थान रॉयल्‍स का कॉन्‍ट्रेक्‍ट मिला। शेन वॉर्न उनसे काफी प्रभावित थे। 2009 के आईपीएल में कामरान खान (Kamran Khan) ने अपने अनोखे एक्‍शन से बल्‍लेबाजों को परेशान किया। लेकिन बाद में उनका एक्‍शन संदेह के दायरे में आ गया और उन्‍हें क्रिकेट से दूर होना पड़ा। कामरान ने अपना एक्‍शन सुधारा लेकिन 2011 में सहारा पुणे वॉरियर्स के लिए वे कुछेक मैच ही खेल सके और क्रिकेट के पर्दे से गायब हो गए इसके बाद उन्‍हें कभी कॉन्‍ट्रेक्‍ट नहीं मिला।


मनप्रीत गोनी पंजाब के लंबे चौड़े तेज गेंदबाज मनप्रीत गोनी (Manpreet Gony) ने आईपीएल के पहले सीजन में चेन्‍नई सुपरकिंग्‍स के लिए कमाल की बॉलिंग की। उन्‍होंने पहले ही सीजन में 17 विकेट निकाले और बल्‍ले से भी कुछ अच्‍छी पारियां खेलीं। इसके बाद उन्‍हें भारतीय टीम में भी चुना गया। लेकिन हांग कांग और बांग्‍लादेश के खिलाफ मैचों में वे नाकाम रहे। इसके बाद से उनका कॅरियर ग्राफ गिरता गया। 2013 में किंग्‍स इलेवन पंजाब ने मनप्रीत गोनी को खरीदा। लेकिन कुछ खास असर पैदा नहीं कर पाए।
मनविंदर बिस्‍ला कोलकाता नाइटराइडर्स को 2012 के फाइनल में जीत दिलाने वाले मनविंदर बिस्‍ला (Manvinder Bisla) हरियाणा के रहने वाले हैं। उनकी आईपीएल में शुरुआत 2009 में डेक्‍कन चार्जर्स के साथ हुई थी। लेकिन 2011 से 2014 के दौरान कोलकाता नाइटराइडर्स के लिए खेलकर वे काफी मशहूर हुए। 2012 के फाइनल में तो 48 गेंद में 89 रन की पारी से उन्‍होंने चेन्‍नई सुपरकिंग्‍स के आईपीएल जीतने की हैट्रिक के सपने को तोड़ दिया था। लेकिन 2014 के बाद केकेआर ने उन्‍हें अलग कर दिया। 2015 में आरसीबी ने उन्‍हें खरीदा लेकिन वे 2 ही मैच खेल पाए। 2016 और 2017 में उन्‍हें किसी ने नहीं खरीदा।





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