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5 खिलाड़ी जो भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के नहीं थे लायक

5 खिलाड़ी जो भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के नहीं थे लायक

भारत में क्रिकेट को धर्म की तरह पुजा जाता है, क्रिकेट के खिलाड़ी भारत में भगवान की तरह पुजे जाते हैं. कुछ खिलाड़ी ऐसे रहे हैं, जो भारत के लिए खेलने के लायक नहीं थे, लेकिन कुछ मैचों में शानदार प्रदर्शन कर के उन्होंने टीम इंडिया में जगह बना ली.

आज हम आपकों कुछ ऐसे ही खिलाड़ियों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो टीम इंडिया में जगह पाने के हकदार तो नहीं थे, लेकिन वो भारतीय टीम के लिए कुछ मैच खेलकर अपने नाम के आगे पूर्व खिलाड़ी का सम्मान लगवाने में सफल रहे.

5.वीआरवी सिंह बल्लेबाजी आलराउंडर के रूप में वीआरवी सिंह को भारतीय टीम में मौका मिला था. उनका घरेलू क्रिकेट में रिकॉर्ड बहुत ज्यादा अच्छा नहीं रहा था. लेकिन उसके बाद भी तेज गेंदबाजी आलराउंडर होने के नाते उन्हें टीम में खेलने का मौका मिल गया था. जिसका वो फायदा नहीं उठा पाए.

वीआरवी सिंह ने भारतीय टीम के लिए 5 टेस्ट मैच खेला. जिसमें बल्ले से मात्र 11.75 के औसत से 47 रन बनाये. जबकि गेंद के साथ उन्होंने 53.38 के औसत से 8 विकेट ही हासिल किये. 2 एकदिवसीय मैच में एक भी विकेट नहीं लिया और बल्ले से उन्होंने मात्र 8 के औसत से 8 रन बनाये.

विक्रम सिंह को आईपीएल में भी खेलने का मौका मिला था लेकिन वहां पर भी वो बल्ले और गेंद दोनों से अच्छा प्रदर्शन करने में नाकाम रहे. जिसके कारण उनका करियर बहुत छोटा ही रहा. लेकिन उसके बाद भी उन्हें पूर्व भारतीय खिलाड़ी का टैग मिल गया है.

4.सुदीप त्यागी तेज गेंदबाज सुदीप त्यागी को भी भारतीय टीम में खेलने का मौका मिल गया. घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में भी उन्होंने बहुत अच्छा प्रदर्शन नहीं किया था. लेकिन उसके बाद भी उन्हें भारतीय टीम में खेलने का मौका मिल गया. जिसे एक गलत फैसला कहा जा सकता है.

सुदीप त्यागी ने भारतीय टीम के लिए 4 एकदिवसीय मैच में 48 के औसत से मात्र 3 विकेट ही हासिल किये. जबकि 1 टी20 मैच में 10.5 की इकॉनमी रेट से रन दिया और एक भी विकेट अपने नाम नहीं किया. इस तरह से उन्हें खेलने का मौका मिला जबकि वो उस समय टीम में जगह पाने के लायक नहीं थे.

त्यागी आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेलते हैं. जबकि उसके कप्तान महेंद्र सिंह धोनी भारतीय टीम के भी उसी समय कप्तान थे. जिसके कारण उन्हें खेलने का मौका लगातार मिलता रहा है. जबकि उनसे अच्छे गेंदबाज को खेलने का मौका नहीं मिल पाया.

3.मनप्रीत गोनी एक और तेज गेंदबाज जिन्हें चेन्नई सुपर किंग्स के कोटे से भारतीय टीम में प्रवेश मिल गया था. महेंद्र सिंह धोनी के उस समय करीबी होने के कारण गोनी भारतीय टीम में खेलते हुए नजर आ गये. घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में उनका प्रदर्शन कभी भी लगातार अच्छा नहीं रहा था.

मनप्रीत गोनी ने भारतीय टीम के लिए 2 एकदिवसीय मैच खेला. जिसमें उन्होंने 38 के औसत से 2 विकेट अपने नाम किये. जबकि आईपीएल में उन्होंने 44 मैच खेलकर मात्र 37 विकेट ही हासिल किये थे. जबकि उनकी इकॉनमी इस बीच 8.7 की रही थी. जिसे अच्छा नहीं कहा जा सकता है.

गोनी घरेलू क्रिकेट में पंजाब के लिए खेलते हुए नजर आते थे. लेकिन वहां पर भी वो नियमित रूप से अच्छा प्रदर्शन करने में असफल रहे हैं. हाल के समय में ही उन्होंने क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया है. लेकिन उसके बाद भी उन्हें पूर्व भारतीय खिलाड़ी का टैग मिल गया.

2.एमएसके प्रसाद मन्नावा प्रसाद भी भारतीय टीम के लिए खेल गये लेकिन यदि उनके प्रदर्शन पर नजर डाले तो वो बहुत अच्छा नहीं कर पायें थे. ख़राब प्रदर्शन होने के कारण भी उन्हें लगातार टीम में मौके मिलते रहे. जिसका एक कारण उनका विकेटकीपर बल्लेबाज होना था. जिसका उन्हें फायदा मिला.

एमएसके प्रसाद के नाम से मशहूर मन्नावा ने भारत के लिए 6 टेस्ट मैच में 11.78 की औसत से 106 रन बनाये. जिसके बाद उन्हें 17 एकदिवसीय मैच में 14.56 के औसत से 131 रन बनाये. जिसमें एक अर्द्धशतक भी शामिल था. जिसके बाद से साफ हो जाता है की अन्य पारियों में उन्होंने कितने रन बनाये थे.

जिसके बाद पिछले कुछ सालो से वो भारतीय टीम के लिए मुख्य चयनकर्ता भी बन गये. जो खिलाड़ी टीम में खेलने के लायक नहीं था. वो मुख्य चयनकर्ता बन गया. जिसके कारण बीसीसीआई को बहुत ज्यादा ट्रोल भी किया गया.

1. गुरकीरत सिंह मान स्पिन आलराउंडर के रूप में गुरकीरत सिंह मान को टीम में जगह मिल गयी थी. 
उन्हें रविंद्र जडेजा का विकल्प बनकर टीम में शामिल किया गया था. लेकिन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वो टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाएं जिसके बाद उन्हें टीम में मौके नहीं मिल पायें.


गुरकीरत सिंह मान ने 3 एकदिवसीय मैच भारत के लिए खेलते हुए 6.5 के औसत से 13 रन बनाये और गेंद के साथ भी उन्होंने 6.8 के इकॉनमी रेट से रन जरुर दिए लेकिन एक भी विकेट अपने नाम किये. जिसके कारण बाद में उन्हें कभी खेलने का मौका नहीं मिल पाया है.

मान का आईपीएल में करियर भी बहुत ज्यादा बड़ा नहीं रहा है. हालाँकि पिछले कुछ समय से मान अच्छा खेलते हुए नजर आ रहे हैं. आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की टीम को भी अपने इस खिलाड़ी ने आईपीएल 2020 में बहुत अच्छे प्रदर्शन की भी उम्मीद होगी.

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