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मुझे सौरव गांगुली को मनाने में 10 दिन लगे, किरण मोरे ने बताई MS Dhoni के डेब्‍यू की कहानी

मुझे सौरव गांगुली को मनाने में 10 दिन लगे, किरण मोरे ने बताई MS Dhoni के डेब्‍यू की कहानी

भारतीय टीम के पूर्व मुख्‍य चयनकर्ता किरण मोरे (Kiran More) ने बताया कि महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) को विकेटकीपिंग कराने के लिए मनाने के लिए उन्‍हें सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) को 10 दिन तक मनाना पड़ा.

एक प्रोग्राम में बातचीत के दौरान पूर्व विकेटकीपर किरण मोरे (Kiran More) ने कहा, “हमें एक विकेटकीपर बल्‍लेबाज की तलाश थी. उस वक्‍त फॉर्मेट बदल रहा था. हमें एक पावर-हिटर बल्‍लेबाज चाहिए था. एक ऐसा खिलाड़ी जो छठे-सातवें नंबर पर बल्‍लेबाजी करते हुए टीम के लिए 40 से 50 रन जोड़ सके. राहुल द्रविड़ ने विकेटकीपर बल्‍लेबाज के तौर पर 75 वनडे मैच खेले थे. उन्‍होंने 2003 का विश्‍व कप भी खेला. ऐसे में हमें एक विकेटकीपर की तलाश थी.”

किरण मोरे (Kiran More) ही वो शख्‍स हैं जिन्‍होंने राष्‍ट्रीय स्‍तर पर धोनी की प्रतिभा को समझा था. उन्‍होंने कहा, “मेरे साथी की महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) पर पहले नजर पड़ी. इसके बाद मैं उनके खेल को देखने के लिए गया. केवल उनके खेल को देखने के लिए मैंने फ्लाइट पकड़ी. पूरी टीम ने 170 रन बनाए थे जिसमें 130 रन धोनी के थे. उसने सभी गेंदबाजों की धुनाई की. हम चाहते थे कि फाइनल मैच में धोनी ही विकेटकीपर के तौर पर टीम में खेले.”






महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) को इंडिया ए की तरफ से केन्‍या दौरे पर मौका मिला, जहां उन्‍होंने सात मैचों में दो शतक और एक शतक की मदद से 362 रन बनाए.

किरण मोरे (Kiran More) ने कहा, “उस समय हमारी सौरव गांगुली और दीपदास गुप्‍ता से काफी चर्चा हुई. गुप्‍ता उस वक्‍त खेलते थे और वो कोलकाता से आते थे. ऐसे में सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) को ये समझाने में 10 दिन लग गए कि वो विकेटकीपिंग की जिम्‍मेदारी दीपदास गुप्‍ता की जगह महेंद्र सिंह धोनी को दे दें.’

“आपको एक लोगों के लिए मौके बनाने होंगे जो अलग लगते हैं और मैच विनर की तरह लगते हैं. धोनी एक पूरे पैकेज की तरह थे. बस ये एक मौके की बात थी जो उन्‍हें चाहिए था. ये एक जुआ खेलने की तरह है. आपको सही घोड़े पर दांव लगाना होगा. हमने सही जगह दांव लगाया. उस दिन हम खुद के लिए गेम जीत गए.”

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