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जाते-जाते किस मामले में धोनी को पछाड़ गए बीजे वॉटलिंग?

जाते-जाते किस मामले में धोनी को पछाड़ गए बीजे वॉटलिंग?

बीजे वॉटलिंग. क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल लेकिन सबसे कम चर्चा में रहने वाले विकेटकीपर्स में से एक. न्यूज़ीलैंड के लिए 75 टेस्ट मैच खेलने वाले वॉटलिंग अब टेस्ट क्रिकेट से रिटायर हो रहे हैं. साउथैम्प्टन में खेला जा रहा वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल उनके टेस्ट करियर का आखिरी मैच है. अपने इस आखिरी मैच में वॉटलिंग ने एक बड़ी लिस्ट में भारतीय दिग्गज महेंद्र सिंह धोनी को पछाड़ दिया.

भारत की पहली पारी में दो कैच लेने वाले वॉटलिंग ने दूसरी पारी में तीन कैच लपके. इनमें से दो कैच तो उन्होंने उंगली डिसलोकेट होने के बाद लिए. इन पांच कैचों के साथ वह टेस्ट में सबसे ज्यादा कैच लेने वाले विकेटकीपर्स की लिस्ट में सातवें नंबर पर पहुंच गए. वॉटलिंग ने WTC फाइनल में शुभमन गिल, विराट कोहली, अजिंक्य रहाणे और दो बार रविंद्र जडेजा के कैच लिए. इसके साथ ही अब वॉटलिंग के नाम 127 टेस्ट पारियों में 257 कैच हैं. जबकि महेंद्र सिंह धोनी के नाम 166 पारियों में 256 कैच थे.


ओवरऑल लिस्ट की बात करें तो साउथ अफ्रीका के मार्क बाउचर टॉप पर हैं. बाउचर ने 281 पारियों में 532 कैच लिए थे. जबकि दूसरे नंबर पर मौजूद ऑस्ट्रेलिया के एडम गिलक्रिस्ट के नाम 191 पारियों में 379 कैच हैं. तीसरे नंबर पर भी एक ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज ही हैं. इयान हीली ने 224 पारियों में 366 कैच लिए थे. चौथे नंबर पर मौजूद रॉड मार्श ने 182 पारियों में 343 कैच लिए थे. टॉप-5 के आखिरी नाम जेफ डुजों ने 150 पारियों में 265 कैच लपके थे.

बात WTC फाइनल की करें तो पहली पारी में 32 रन से पिछड़ने वाली टीम इंडिया की दूसरी पारी और खराब रही. कीवी बोलर्स के आगे टीम इंडिया 170 रन पर ही सिमट गई. भारत के लिए ऋषभ पंत ने सबसे ज्यादा 41 रन बनाए. जबकि रोहित शर्मा के नाम 30 रन रहे. न्यूज़ीलैंड की तरफ से टिम साउदी ने सबसे ज्यादा चार विकेट निकाले. ट्रेंट बोल्ट के खाते में तीन जबकि काएल जेमिसन के नाम दो विकेट रहे. एक विकेट नील वैग्नर को मिला.

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