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कांगड़ा के शाहपुर की बोह घाटी, पहले और अब: रुलेहड़ गांव के हाल बयां करती ये तस्वीर

कांगड़ा के शाहपुर की बोह घाटी, पहले और अब: रुलेहड़ गांव के हाल बयां करती ये तस्वीर

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा (Kangra) जिले में 12 जुलाई को जल प्रलय आया. ऐसा जल प्रलय कि सदियों तक याद रखा जाएगा. कांगड़ा के शाहपुर की बोह घाटी (Boh, Valley) के रुलेहड़ गांव में घाटी पर बने कई घरों का नामोंनिशान मिट गया है. अब एक तस्वीर सामने आई है. जो दिखाती है कि बादल फटने (Cloud Burst) वाली जगह पर कितने घर थे और अब कितने बचे हैं. तस्वीर के अनुसार, पहले घाटी में 20 से 25 घर दिख रहे हैं, लेकिन अब अब केवल 10 के करीब ही घर बचे हैं. ऐसे में अनमान लगाया जा सकता है कि घटना कितनी भयानक रही होगी.
अब तक 9 शव मिले, एक लापता घटना के बाद से ही मौके पर से गुरुवार तक 9 शव मिल चुके हैं. गुरुवार को एक शव मिला था, जो कि सभाष चंद का था. वह 75 वर्षीय थे. इससे पहले, भीमसेन के परिवार के पांचों शव मिल गए थे. उनका, उनकी बेटी, दो बेटों और पत्नी का शव मिलने के बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया है. वहीं, हादसे में 30 साल के शिव की भी मौत हो गई है. शिव पांच दिन पहले ही पिता बने थे और उनकी पत्नी ने टांडा में दूसरे बेटे को जन्म दिया था.

पहले दिन पांच लोग रेस्क्यू घटना के पहले दिन सोमवार को केवल पांच लोगों को रेस्क्यू किया गया था. एक ही परिवार के ये पांच सदस्य हैं. 8 साल की वंशिका की फोन कॉल की वजह से यह पूरा परिवार मलबे से निकाला गया था. वंशिका ने अपने टीचर सुरिंदर को फोन पर अपने और परिवार के मलबे में दबने की जानकारी दी थी

कांगड़ा में अब तक 11 मौतें, 2 लापता 
12 जुलाई को हिमाचल में हुई बारिश में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है. 11 मौतें कांगड़ा, एक-एक मौत शिमला और कुल्लू जिले में हुई है. कुल्लू में हामटा पास में 23 साल की एमबीबीएस स्टूंडेट नाले में बह गई थी. शिमला में कार सवार लैंडस्लाइड की चपेट में आया था. वहीं, कांगड़ा में बोह के अलावा, करेरी लेक और नगरोटा बगवां में दो मौतें हुई हैं, जिनमें पंजाब के सूफी गायक भी शामिल हैं.

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