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इस सितारे में मुरलीधरन को दिखते हैं सहवाग, कहा- वो आउट होने से नहीं डरता

इस सितारे में मुरलीधरन को दिखते हैं सहवाग, कहा- वो आउट होने से नहीं डरता

भारत और श्रीलंका (India vs Sri Lanka) के बीच रविवार 18 जुलाई से वनडे सीरीज की शुरुआत हो रही है. इस सीरीज के जरिए भारत के कई युवा खिलाड़ी पहली बार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रख सकेंगे. वहीं कई ऐसे खिलाड़ी भी हैं, जो टीम इंडिया (Team India) में अपनी जगह पक्की करने के लिए अच्छे प्रदर्शन का सबूत देंगे. युवा ओवर पृथ्वी शॉ (Prithvi Shaw) भी इनमें से एक हैं. शॉ की हालिया फॉर्म काफी अच्छी रही है और वह गेंदबाजों की खूब धुनाई कर रहे हैं. बतौर ओपनर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के कारण शॉ ने कई दिग्गजों को प्रभावित किया है और महान श्रीलंकाई स्पिनर मुथैया मुरलीधरन (Muttiah Muralitharan) भी अछूते नहीं हैं. मुरली ने तो पूर्व भारतीय दिग्गज वीरेंद्र सहवाग से भी उनकी समानता बता दी.

क्रिकेट इतिहास में सबसे ज्यादा विकेट झटकने वाले महान ऑफ स्पिनर मुरलीधरन का मानना है कि शॉ टेस्ट की बजाए वनडे और टी20 फॉर्मेट के लिए बेहतर बल्लेबाज हैं. मुरली ने क्रिकेट वेबसाइट ईएसपीएन-क्रिकइंफो से बात करते हुए कहा, "जहां तक पृथ्वी शॉ की बात है, तो जिस तरह से वह खेलता है, वह टेस्ट के मुकाबले वनडे और टी20 का बेहतर खिलाड़ी है. इससे मुझे वीरेंद्र सहवाग की याद आती है. वह काफी खतरे उठाता है और गेंदबाजी टीम को दबाव में डालता है."

शॉ की पारियों से भारत के पास जीतने के अवसर मुरली के मुताबिक, पृथ्वी शॉ की तेज बैटिंग और बड़ी पारियों खेलने की क्षमता के कारण भारत के पास जीत के अवसर और ज्यादा बढ़ जाते हैं. उन्होंने कहा, "अगर वह रन बनाता है, तो भारत के पास जीत के ज्यादा अवसर होंगे, क्योंकि वह कम समय में ही काफी ज्यादा रन बना सकता है. उसके पास प्रतिभा है और वह निडर है. उसे आउट होने का डर नहीं."

दिग्गज स्पिनर ने साथ ही टीम इंडिया को सुझाव भी दिया कि इस सीरीज में उन्हें शॉ को अपने अंदाज में ही खेलने के लिए बढ़ावा देना चाहिए, जबकि ओपनिंग में उनके जोड़ीदार शिखर धवन को सामान्य तरीके से ही बैटिंग करनी चाहिए.

टीम में जगह पक्की करना शॉ का लक्ष्य दाएं हाथ के बल्लेबाज पृथ्वी शॉ ने आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में अपनी तूफानी पारियों से हर किसी का ध्यान खींचा है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अभी तक वह इस सफलता को नहीं दोहरा सके हैं. 2020 में शॉ ने न्यूजीलैंड दौरे पर अपना वनडे डेब्यू किया था और 3 मैचों में सिर्फ 84 रन बना सके थे. उन्होंने पांच टेस्ट मैच भी खेले हैं, जिसमें एक शतक और दो अर्धशतक जमाए हैं. हालांकि टी20 में अभी तक उनका डेब्यू नहीं हुआ है और फिलहाल टीम में वापसी उनका पहला लक्ष्य है. ऐसे में तीन मैचों की वनडे सीरीज और तीन मैचों की ही टी20 सीरीज शॉ के लिए अहम साबित होगी.

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