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कांगड़ा में बारिश ने मचाई तबाही: कैसे ताश के पत्तों की तरह बह गई गाड़ियां और घर 12 लोग लापता, एक महिला का शव बरामद

कांगड़ा में बारिश ने मचाई तबाही: कैसे ताश के पत्तों की तरह बह गई गाड़ियां और घर 12 लोग लापता, एक महिला का शव बरामद

कांगड़ा हिमाचल प्रदेश में मानसून के सक्रिय होने के साथ ही भूस्खलन और बाढ़ आने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। जिला कांगड़ा की बात की जाए तो यहां बाढ़ ने खूब कहर मचाया है। इस दौरान भारी बारिश से नदी नाले उफान पर आ गए हैं तो वहीं दूसरी तरफ भारी बारिश के कारण यहां आधा दर्जन घर बह गए हैं।

चपेट में आने से 12 लोग लापता हो गए हैं जबकि एक महिला मस्तो देवी पत्नी भीमो राम का शव बरामद किया गया है। इसके अलावा आसपास के घरों को सुरक्षा के दृष्टिगत खाली करवाया जा रहा है। बता दें सोमवार सुबह अप्पर धर्मशाला स्थित भागसूनाग में बादल फटने से भारी तबाही हुई है। धर्मशाला के साथ लगते चैतड़ू के पास बगली गांव में खड्ड में आई बाढ़ से छह परिवारों के घर बह गए।

महिला, लगातार दो घंटे तक पेड़ की शाखा से चिपकी रही

कांगड़ा जिले मांझी खड्ड में आज सुबह ही पयूंगला देवी पत्नी प्रताप चंद निवासी जमानाबाद अपने खेतों में धान की रोपाई करने गई थी। जिसके पीछे उसका बेटा ओर बहु भी खेतों में काम करने निकल गए, लेकिन जब महिला अपने खेतों में काम कर रही थी तभी मांझी खड्ड में तेज बहाव से पानी आ गया। उसके तमाम खेत बह गए। लेकिन उसने बड़ी सुझबूझ के साथ काम लिया और पेड़ पर चढ़ गई। महिला लगातार दो घंटे पेड़ से चिपक कर बैठी रही।

यह सब देखकर बहू-बेटे ने अपने गांव के लोगों को फोन किया पर खुद वहीं पर खड़े रहे। थोड़े ही समय में गांव के लोग डोन्डू नाला को लांघकर जिसका बहाव बहुत तेज था उसे पार करके मांझी खड्ड के पास पहुंचे तो देखा कि उसका बेटा ओर बहु एक तरफ खड़े हैं और पयूंगला देवी पेड़ पर चढ़ कर चिपक कर बैठी है।

काफी देर इंतजार करने के बाद लोगों ने रेस्क्यू शुरू किया और महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, पर महिला काफी सदमे में थी। उसका बेटा और बहु भी सुरक्षित थे। इसके अलावा समीरपुर निवासी जगी जो कि ग्रीनहाउस में फंसा था उसे भी लोगों ने सुरक्षित निकाल लिया। समीरपुर के लोगों की गऊशाला में फंसे पशुओं को भी परिवार ने लोगो के सहयोग से सुरक्षित निकाल लिया।

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