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हल्के में ना लें ब्लैडर पेन, इन 4 समस्याओं की ओर करता हैं इशारा

हल्के में ना लें ब्लैडर पेन, इन 4 समस्याओं की ओर करता हैं इशारा

अक्सर देखा जाता हैं कि कई लोगों कभीकभार ब्लैडर पेन की समस्या होती हैं जिसे वे सहन करने की कोशिश करते हैं और कभी-कभी होने की वजह से गंभीर भी नहीं लेते हैं। देखा गया है कि जब महिलाओं को मूत्राशय में दर्द होता है, तो वे इसकी गंभीरता का मूल्यांकन नहीं करतीं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ब्लैडर पेन को नजरअंदाज करना खतरनाक साबित हो सकता है। जी हां, ब्लैडर पेन कई बड़ी समस्याओं की ओर इशारा करता हैं जिन्हें समय रहते ना जाना जाए तो सेहत को बड़ा नुकसान हो सकता हैं। आज इस कड़ी में हम आपको बताने जा रहे हैं कि ये ब्लैडर पेन किन समस्याओं की ओर इशारा करता हैं। इन्हें जान जल्द आपको अपने डॉक्टर्स की सलाह एक बार तो अवश्य लेनी चाहिए।

यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) इसको ब्लैडर इंफेक्शन भी कहा जाता है और यह पुरुषों से ज्यादा महिलाओं में होता है। इसका कारण होता है कि महिलाओं का यूरेथरा कीटाणुओं वाली जगह जैसे वेजाइना के ज्यादा पास होता है। यह किसी भी उम्र में हो सकता है। महिलाओं में लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं लेकिन आम तौर पर मांसपेशियों में दर्द, पेट में दर्द, थकान और कमजोरी शामिल है। इसके लिए आप अपने डॉक्टर को दिखाएं और वह आप को एंटी बायोटिक्स दे देंगे।

रिप्रोडक्टिव सिस्टम में बदलाव (Changes in Your Reproductive System) ब्लैडर पेन आप की वेजाइना की त्वचा के पतली होने के कारण भी हो सकता है। मेनोपॉज के दौरान अक्सर ऐसा होता है। मेनोपॉज के कारण वेजाइना के आस पास वाले टिश्यू नष्ट हो जाते हैं। इस कारण भी ब्लैडर में इंफेक्शन हो सकता है। आप इसके बारे में अपने डॉक्टर से अवश्य बात करें। वह इसके लक्षणों को ठीक करने के लिए कुछ दवाइयां दें देंगे।

ब्लैडर कैंसर (Bladder Cancer ब्लैडर कैंसर बहुत ही कम होता है, खास कर महिलाओं में। इसके लक्षणों में पेशाब करते समय दर्द होना या पेशाब में खून आना आदि शामिल हैं। इसके उपचार में कीमो थेरेपी या सर्जरी आदि शामिल है। कुछ केस में तो ब्लैडर के सभी हिस्सों को रिमूव कर दिया जाता है। यह कुछ महिलाओं में भी हो जाता है परन्तु महिलाओं में पुरुषों के मुकाबले बहुत कम ब्लैडर कैंसर पाया जाता है। अतः इसके लक्षण दिखते ही आप को डॉक्टर से उपचार लेने में किसी भी तरह की देरी नहीं करनी चाहिए।

इंटर स्टिशल सिटिसिस (interstitial cystitis) यह एक ऐसी स्थिति होती है जिसमें ब्लैडर की वाल इरिटेट और सूजन हो जाती है। इसके लक्षणों में हल्का फुल्का दर्द शामिल होता है। मासिक धर्म इस दर्द को और अधिक बढ़ा देते हैं। यदि इसके साथ साथ ही यूटीआई हो जाता है तो आप के लक्षण और अधिक बिगड़ जाते हैं। इसके कारण स्ट्रेस या डाइट में बदलाव आदि हो सकता हैं। दवाइयां या फिजिकल थेरेपी से इसे ठीक किया जा सकता है।

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