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15 अगस्त 1947 के आसपास हुए कुछ अहम घटनाक्रमों पर एक नजर

15 अगस्त 1947 के आसपास हुए कुछ अहम घटनाक्रमों

भारत आज अपना स्वतंत्रता दिवस मना रहा है. 15 अगस्त 1947 को भारत एक देश के रूप में स्वतंत्र हुआ था. 1947 में 20 फरवरी को ब्रिटेन के तत्कालीन प्रधानमंत्री क्लेमेंट एटली ने भारत को अलग राष्ट्र के रूप में स्वीकार किया था. जिसके बाद ब्रिटेन ने भारत को 30 जून, 1948 तक का समय नयी सरकार बनाने के लिए दिया था. 14 और 15 अगस्त 1947 को भारत और पाकिस्तान के रूप दो नए राष्ट्र का उदय हुआ था. लेकिन भारत और पाकिस्तान की आजादी अपने साथ कई समस्याओं को भी साथ लेकर आयी थी. भारतीय स्वतंत्रता से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें.
 
15 अगस्त 1957 की तारीख के आसपास जुड़े कुछ रोचक तथ्य

जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में बनी पहली सरकार में सभी विचारधारा के लोगों को जगह देने का प्रयास किया गया था. सरकार में डॉ. राजेन्द्र प्रसाद खाद्य एवं कृषि मंत्री बनाए गए थे. जगजीवन राम को श्रम मंत्री,डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी को उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री और अंबेडकर को विधि मंत्री का पद दिया गया था.

भारत और पाकिस्तान के रूप में दो देशों का गठन तो 14-15 अगस्त 1947 को कर दिया गया था. लेकिन उस दिन तक दोनों ही देशों के बीच कोई निश्चित सीमा रेखा नहीं तय हुई थी. दोनों ही देशों ने 17 अगस्त को को रेडक्लिफ लाइन की घोषणा की थी. हालांकि अभी भी भारत और पाकिस्तान के बीच कई जगहों पर सीमा को लेकर विवाद रहा है.

दुनिया में भारत के अलावा और भी तीन देश हैं जो 15 अगस्त को आजाद हुए थे. दक्षिण कोरिया, कांगों और बहरीन 15 अगस्त को ही अलग राष्ट्र के रूप में स्थापित हुए हैं. बहरीन को 15 अगस्‍त 1971 को ब्रिटेन से आजादी मिली थी. दक्षिण कोरिया को 15 अगस्‍त 1945 में जापान से आजादी मिली थी. और कांगों 15 अगस्‍त 1960 को फ्रांस से अलग हुआ था.

भारत जिस दिन आजाद हुआ था उस दिन भारत के कई राज्यों में हिंसा का दौर चल रहा था. बंगाल और पंजाब में विभाजन के कारण जमकर दंगे हुए थे. महात्मा गांधी उस समय आजादी के समारोह में हिस्सा लेने के बजाय दंगों को शांत करवाने के लिए प्रयासरत थे. महात्मा गांधी आज़ादी के दिन दिल्ली से हज़ारों किलोमीटर दूर बंगाल के नोआखली में थे.

हर स्वतंत्रता दिवस पर भारतीय प्रधानमंत्री लाल किले से झंडा फहराते हैं. लेकिन 15 अगस्त, 1947 को ऐसा नहीं हुआ था. लोकसभा सचिवालय के एक शोध पत्र के मुताबिक नेहरू ने 16 अगस्त, 1947 को लाल किले से झंडा फहराया था.

ऐसा माना जाता है कि 15 अगस्त 1947 का दिन आजादी के लिए तय करने में लार्ड माउंटबेटन की भी अहम भूमिका रही थी. इसी दिन जापान की सेना ने 1945 उनकी अगुवाई वाले ब्रिटेन की सेना के सामने आत्‍मसमर्पण कर दिया था. उनका मानना था कि ये दिवस उनके लिए सौभाग्‍यशाली रहा है.

भारत की आजादी के समय 562 रियासतों को एक-एक कर भारत में विलय करवाया गया. कई रियासतों ने आसानी से भारत के साथ आने का फैसला किया वहीं कुछ के लिए सरदार पटेल और वीपी मेनन को कुछ विशेष प्रयास करने पड़े थे. जूनागढ़ और हैदराबाद के निजाम ने देश के साथ आने से मना कर दिया था. जूनागढ़ में जनता ने विद्रोह कर दिया था वहीं हैदराबाद के निजाम को लगातार मनाने के बाद भी जब वो नहीं माना तो सरदार पटेल ने वहा सेना भेजने का निर्णय लिया था.

जब भारत आजाद हुआ था उस समय भारत के पास अपना राष्ट्रगान नहीं था. हालांकि रवींद्रनाथ टैगोर ने 1911 में ही जन गण मन लिख दिया था, लेकिन इसे 1950 में राष्ट्रगान के रूप में अपनाया गया था.

आजादी के समय भारत में 17 राज्य थे. भारत सरकार ने स्वतंत्रता के बाद अंग्रेज़ी राज के दिनों के 'राज्यों' को भाषा के आधार पर करने के लिये राज्य पुनर्गठन आयोग की स्थापना की थी. जस्टिस फजल अली की अध्यक्षता में 22 दिसम्बर, 1953 को पहले राज्य पुनर्गठन आयोग का गठन हुआ.

14-15 अगस्त की रात में भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को लॉर्ड माउंटबेटन ने प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई थी जिसके बाद नेहरू जी ने एतिहासिक भाषण दिया था.

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