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Krishna Janmashtami 2021: जन्माष्टमी के दिन भूलकर भी न करे ये 5 काम, नहीं तो हो जाएंगा अनर्थ

Krishna Janmashtami 2021: जन्माष्टमी के दिन भूलकर भी न करे ये 5 काम, नहीं तो हो जाएंगा अनर्थ

इस बार कृष्ण जन्माष्टमी 30 अगस्त 2021 को मनाया जा रहा है। हालांकि, पंचाग के अनुसार जन्माष्टमी इस बार 30 अगस्त 2021 को पड़ रहा है, लेकिन धार्मिक मान्यता के मुताबिक भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को जन्में भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव इस बार एक दिन पहले यानि की 30 अगस्त को मनाया जाएगा। जन्माष्टमी, श्री कृष्ण को समर्पित एक बहुत ही बड़ा पर्व है जिसे उनके भक्त पूरी श्रद्धा, उमंग और उत्साह से मनाते हैं। इस दिन जहां लोग भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए व्रत और पूजा करते हैं वहीं कुछ बातें ऐसी भी हैं जिनका जन्माष्टमी पर ख़ास ध्यान रखना चाहिए। तो आइए जानते हैं इस दिन किन चीज़ों को करना वर्जित माना गया है।

न करें ये काम 1. जन्माष्टमी पर भूलकर भी तुलसी के पत्तों को नहीं तोड़ना चाहिए। तुलसी भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है। कहते हैं माता तुलसी विष्णु जी से विवाह करना चाहती थीं। विष्णु जी को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए तुलसी जी ने कठोर तपस्या भी की थी। हालांकि, तुलसी के पत्ते विष्णु जी की पूजा में चढ़ाए जाते हैं इसलिए एक दिन पहले ही आप तुलसी के पत्तों को तोड़कर रख सकते हैं।

2. भगवान कृष्ण के लिए उनके सभी भक्त एक समान ही हैं चाहे अमीर हो या फिर गरीब। सुदामा, जो उनके सबसे करीबी दोस्तों में से एक थे वह बहुत ही गरीब थे किन्तु फिर भी वह श्री कृष्ण को बहुत ही प्रिय थे। इसलिए किसी भी गरीब का अपमान करना श्री कृष्ण को अप्रसन्न कर सकता है। गरीबों का अपमान करने से केवल श्री कृष्ण ही नहीं बल्कि शनि देव भी क्रोधित होते हैं, ख़ास तौर पर जन्माष्टमी के दिन। इसलिए भूलकर भी किसी निर्धन का दिल न दुखाएं। हो सके तो जन्माष्टमी पर गरीबों में अपने सामर्थ्य अनुसार दान करें।

3. जन्माष्टमी पर पेड़ों को काटना भी अशुभ माना गया है। इस दिन हमें उतने पेड़ लगाने चाहिए जितने हमारे परिवार के सदस्य हैं। इससे घर और परिवार में सुख और शांति बनी रहती है, साथ ही ढेरों खुशियां भी आती है। महाभारत के आठवें अध्याय में श्री कृष्ण ने स्वयं कहा है कि वह हर चीज़ में वास करते हैं और हर चीज़ उनमें वास करती है इसलिए जन्माष्टमी पर हमें किसी को भी नुकसान पहुंचाने के बारे में सोचना भी नहीं चाहिए।

4. इस दिन मांसाहारी भोजन खाना वर्जित माना गया है। पूरे चतुर्मास के दौरान मांस मछली का सेवन नहीं करना चाहिए। चतुर्मास पूरे चार माह का होता है यह समय भगवान विष्णु की निद्रा का समय होता है और उनकी अनुपस्तिथि में भगवान शिव उनकी सभी ज़िम्मेदारियां उठाते हैं। जन्माष्टमी पर शराब का सेवन भी नहीं करना चाहिए।

5. इस दिन गायों का अपमान नहीं करना चाहिए। क्योंकि गाय भगवान श्री कृष्ण को बहुत प्रिय थी। ऐसी मान्यता है कि जो भी गाय की पूजा करता है उसे श्री कृष्ण का आशीर्वाद ज़रूर प्राप्त होता है। वहीं दूसरी ओर गायों का अपमान करने वाले को कृष्ण कभी माफ़ नहीं करते हैं। जन्माष्टमी पर गौशाले में दान करना चाहिए। इसके अलावा किसी भी घायल गाय की सेवा कर उसे भोजन कराने से श्री कृष्ण प्रसन्न होते हैं।

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