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क्या सच में खत्म हुआ इन 5 सीनियर खिलाड़ियों का ODI करियर

क्या सच में खत्म हुआ इन 5 सीनियर खिलाड़ियों का ODI करियर

हर क्रिकेट खिलाड़ी की यही तमन्ना होती है कि वो अपने देश के लिये तीनों फोर्मट्स की क्रिकेट खेले, लेकिन कुछ खिलाड़ी ही इस तरह की क्रिकेट खेलने में सक्षम होते हैं जो अपनी प्रतिभा को क्रिकेट के सभी फॉर्मेट में ढाल लेते हैं. भारत के लिए विराट कोहली और रोहित शर्मा इसके बड़े उदाहरण हैं.

हालांकि कुछ प्लेयर्स ऐसा नहीं कर पाते हैं और किसी एक फ़ॉर्मेट में खेलने के काबिल रह जाते हैं, तो चलिए इसी आधार पर टीम इंडिया के 5 ऐसे खिलाड़ियों के बारे में जानते हैं जो वनडे क्रिकेट और टी20 में अपनी जगह गंवा चुके हैं लेकिन टेस्ट क्रिकेट में अब भी बने हुए हैं.

1. अजिंक्य रहाणे भारतीय क्रिकेट में अजिंक्य रहाणे एक बड़े खिलाड़ी के रूप में जाने जाते हैं जिन्होंने टीम इंडिया के लिए सभी फॉर्मेट में क्रिकेट खेली है, 2011 में डेब्यू करने वाले रहाणे ने भारत के लिए 90 वनडे और 20 टी20 मैचों में शिरकत की है लेकिन वर्तमान समय में इस खिलाड़ी को टेस्ट स्पेशलिस्ट के तौर पर देखा जाता है.

रहाणे को चयनकर्ता लगभग हर टेस्ट सीरीज में खेलने का मौका देते हैं लेकिन वनडे और टी20 में इनकी अनदेखी की गयी है, टी20 क्रिकेट में रहाणे को 2016 से एक भी मौका नहीं दिया गया हैं और इसके साथ ही वनडे क्रिकेट में भी उन्हें 2018 से टीम इंडिया में जगह नहीं दी गयी है, इस रणनीति को देख कर लगता है रहाणे अब शायद ही कभी वनडे क्रिकेट या टी20 खेलते नजर आयें.

2. ईशांत शर्मा सीनियर तेज़ गेंदबाज़ गेंदबाज ईशांत शर्मा ने करियर की शुरुआत बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट मैच से शुरू की थी और उसी के अगले महीने ईशांत को वनडे में डेब्यू करने का मौका मिला, ईशांत अबतक 80 वनडे मैच खेल चुके हैं जिसमें वो 115 विकेट चटकाने में सफल रहे हालांकि टी20 क्रिकेट में शर्मा इतने सफल नहीं रहे.

ईशांत का वनडे करियर देखा जाए तो अच्छा कहा जा सकता है लेकिन चयनकर्ताओं ने इन्हें 2016 से एक भी वनडे मैच में खेलने का मौका नहीं दिया है. गौर करें तो ईशांत की गेंदबाजी में वह खूबी है कि वह किसी भी फॉर्मेट में खेलने में सक्षम हैं, ईशांत को टीम इंडिया अब टेस्ट क्रिकेट के लिए इस्तेमाल कर रही है जहां वह 100 से अधिक टेस्ट खेल चुके हैं जिसमें 300 विकेट भी वो अपने नाम कर चुके हैं.

3. रविचन्द्रन अश्विन रविचंद्रन अश्विन लगभग एक दशक से टीम इंडिया के लिए खेल रहे हैं, एक समय था जब टीम इंडिया बिना इस खिलाड़ी के मैदान पर अधूरी नजर आती थी, लेकिन अश्विन अब वनडे और टी20 क्रिकेट में 2017 के बाद टीम से दूर कर दिए गए हैं और आज मात्र टेस्ट क्रिकेट खेलने के लिए उपयोग में लाये जाते हैं.

अगर अश्विन के वनडे और टी20 करियर पर गौर करें तो शानदार अश्विन ने 111 वनडे और 46 टी20 मैच खेले हैं जिनमे इन्होंने क्रमश 150 व 52 विकेट चटकाए हैं, लेकिन इस खिलाड़ी को अब इन फ़ॉर्मेट्स में खेलने की उम्मीद न के बराबर है, हालांकि अश्विन टेस्ट में आगे भी खेलते नजर आ सकते हैं. गौरतलब है कि टेस्ट क्रिकेट में ये सीनियर ऑलराउंडर 400 विकेट पूरे करने वाला भारत का तीसरा खिलाड़ी बन चुका है.

4. ऋद्धिमान साहा इंग्लैंड टेस्ट दौरे पर साहा को टीम में जगह मिली है, लेकिन साहा के साथ एक समस्या ये रही कि जब तक एमएस धोनी क्रिकेट में बन रहे ऋद्धिमान साहा को कभी वनडे या टी20 क्रिकेट में ज्यादा मौके नहीं बन सके, यहाँ तक कि धोनी के संन्यास लेने के बाद ही इस खिलाड़ी को टेस्ट क्रिकेट में भी खलेने के मौके मिल सके.

2010 में डेब्यू करने वाले साहा ओ मात्र 9 वनडे खेलने का मौका मिला जबकि टी20 में इन्हें चयनकर्ताओं ने कभी पसंद नहीं किया, टीम इंडिया में साहा को टेस्ट क्रिकेट में वैल्यू किया जाता है लेकिन सीमित ओवरों में इन्हें 2014 से ही नजरअंदाज किया जा रहा है, इसलिए यह कहना गलत नहीं कि वनडे क्रिकेट में साहा का करियर लगभग खत्म हो चुका है.

5. उमेश यादव तेज गेंदबाज उमेश यादव को इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज में तो खेलने का मौका नहीं मिला था लेकिन इस बार चयनकर्ताओं ने इंग्लैंड टूर के लिए स्क्वाड में शामिल किया है, उमेश यादव ने टीम इंडिया के लिए 48 टेस्ट, 75 वनडे एवं 7 टी20 मैच खेले हैं और जिसमें वह क्रमश 148, 106 एवं 9 विकेट लेने में कामयाब रहे.

लेकिन बदकिस्मती से उमेश को भी पिछले दो सालों से सीमित ओवरों एवं छोटे प्रारूप में खेलने के लिए मौका नहीं मिला है, उमेश यादव को भी यही समझा जाने लगा है कि वह लम्बे प्रारूप में ही क्रिकेट खेल सकते हैं, इसलिए कहा जा सकता है कि उमेश यादव सीमित ओवरों में अब और खेलते दिखाई नहीं देंगे.

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