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Raksha Bandhan 2021: 400 सालों बाद बन रहा है ऐसा संयोग, जानें क्या है शुभ मुहूर्त

Raksha Bandhan 2021: 400 सालों बाद बन रहा है ऐसा संयोग, जानें क्या है शुभ मुहूर्त

भाई बहन के अटूट प्रेम और बंधन को प्यार के धागे से बांधकर रखने वाला त्योहार रक्षाबंधन इस साल 22 अगस्त 2021, को मनाया जाएगा। ये त्योहार तो अपने आप में खास है ही, मगर इस साल एक संजोग भी बन रहा है जो इस दिन को और भी खास बनाने वाला है। रक्षा बंधन का त्योहार श्रावण मास में मनाया जाता है जिसे आमतौर पर सावन का महीना कहते हैं। एक बात और जानने वाली है कि राखी का त्योहार पूर्णिमा के दिन पड़ता है, जिसती वजह से इसे राखी पूर्णिमा भी कहते हैं।

लेकिन इस बार सैकड़ों सालों बाद एक ऐसा संजोग बनने वाला है कि पूर्णिमा पर धनिष्ठा संयोग भी बन रहा है। इसी के साथ शोभन योग भी इस साल के राखी को और खास बनाने वाला है। विद्वानों और ज्योतिषों का कहना है कि जिस तरह हर साल राखी के दिन सुबह से भद्रा लग जाता है, इस साल वैसा कुछ नहीं होने वाला है। इस साल का रक्षाबंधन का त्योहार राजयोग लेकर आने वाला है, और भद्रा का साया तक नहीं होगा। जिसकी वजह से बहनें अपने भाई को पूरे दिन में कभी भी राखी बांध सकती हैं।

इतना ही नहीं, इस साल रक्षाबंधन पर गजकेसरी योग भी बन रहा है। गजकेसरी योग वो होता है जिससे इंसान की महत्वकांक्षाएं पूरी होती हैं। ये एक ऐसा योग है जिससे मनुष्य की धन धान्य, संतान, समपत्ति सारी इच्छाएं पूरी होती हैं। इतना ही नहीं इस बार रक्षा बंधन पर गजकेसरी योग से सुख, समृद्धी और समाज में मान- सम्मान बढ़ाने वाला योग है। ज्योतिषविदों का कहना है कि जब चंद्रमा और गुरू कुंडली के केंद्र में एक दूसरे की ओर दृष्टि कर के बैठे हों तो ये लोगों के जीवन में गज केसरी का योग बनाता है।

लेकिन जानकारों का ये भी कहना है कि अगर आपकी कुंडली में गुरू यानी कि वृहस्पति और चंद्रमा कमजोर हो तो, ऐसे व्यक्ति को इस संयोग का लाभ नहीं मिलता। ज्योतिषों की मानें तो इस साल रक्षा बंधन पर ग्रहों द्वारा बनने वाला ऐसा दुर्लभ संयोग 474 सालों बाद बन रहा है। आखिरी बार 11 अगस्त 1547 को ये संजोग बना था। भाई बहन के रिश्ते के हिसाब से भी ये नक्षत्र काफी लाभदायी रहने वाला है।

वैसे तो इस साल आप दिन भर राखी बांध सकते हैं,
और बंधवा सकते हैं, मगर सबसे शुभ मुहूर्त 12 घंटे 13 मिनट तक रहने वाला है। वो समय है सुबह के 5.50 से शाम के 6.03 मिनट का। इसके बाद भद्रकाल अगली सुबह यानी 23 अगस्त को सुबह 5.34 से 6.12 तक रहेगा। वहीं शोभन योग सुबह 10.34 तक रहेगा, और धनिष्ठा योग शाम के 7.40 बजे तक होगा।

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