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Tokyo Olympics: सिंधु ने जीता ब्रॉन्ज मेडल, हॉकी टीम सेमीफाइनल में; भारत ने ऐसे किया डबल धमाका

Tokyo Olympics: सिंधु ने जीता ब्रॉन्ज मेडल, हॉकी टीम सेमीफाइनल में; भारत ने ऐसे किया डबल धमाका

टोक्यो: भारत की दिग्गज बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने लगातार दूसरे ओलंपिक में मेडल जीता और भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने सेमीफाइनल में जगह बनाकर 49 साल बाद कमाल कर दिखाया.टोक्यो ओलंपिक खेलों में रविवार का दिन भारत के लिए ऐतिहासिक बन गया.

सिंधु ने जीता दूसरा ओलंपिक मेडल 2016 रियो ओलंपिक की सिल्वर मेडल विजेता पीवी सिंधु ने रविवार को टोक्यो ओलंपिक में चीन की बिंग जियाओ को सीधे गेम में 21-13, 21-15 से हराकर महिला एकल स्पर्धा का ब्रॉन्ज मेडल जीता और ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गईं.

सिंधु के बाद भारतीय हॉकी टीम ने किया कमाल सिंधु के बाद हॉकी में भारत ने दम दिखाया और 49 साल बाद पुरुष हॉकी की टीम सेमीफाइनल में पहुंची. हॉकी में भारतीय टीम ने चार दशक बाद इतिहास दोहराया है. सेमीफाइनल में भारत का मुकाबला 3 अगस्त को बेल्जियम से होगा. बेल्जियम ने तीसरे क्वार्टर फाइनल मैच में स्पेन को 3-1 से हराया था.

भारत ने 1980 के मॉस्को ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीता था भारत ओलंपिक में 49 साल बाद सेमीफाइनल में पहुंची थी. इससे पहले मॉन्ट्रियल ओलंपिक (1972) में भारतीय टीम सेमीफाइनल में पहुंची थी. हालांकि भारतीय टीम ने 1980 के मॉस्को ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीता था, लेकिन उस दौरान भारत छह टीमों के पूल में दूसरे स्थान पर रहकर फाइनल का टिकट हासिल किया था.

टोक्यो ओलंपिक में भारतीय टीम के पास पदक जीतने का मौका ओलंपिक में भारत को आखिरी पदक 1980 में मॉस्को में मिला था, जब वासुदेवन भास्करन की कप्तानी में टीम ने गोल्ड मेडल जीता था. उसके बाद से भारतीय हॉकी टीम के प्रदर्शन में लगातार गिरावट आई और 1984 लॉस एंजेलिस ओलंपिक में पांचवें स्थान पर रहने के बाद वह इससे बेहतर नहीं कर सकी. लेकिन अब 41 साल बाद भारतीय टीम के पास पदक जीतने का बेहतरीन मौका है.

टोक्यो ओलंपिक में भारत के मेडल्स की संख्या पीवी सिंधु के ब्रॉन्ज मेडल से भारत के टोक्यो ओलंपिक में मेडल्स की संख्या दो हो गई है. इससे पहले भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने रजत पदक जीता था. भारत अभी पदक तालिका में संयुक्त 59वें स्थान पर है.

सिंधु ने रचा इतिहास पुरुषों में पहलवान सुशील कुमार (कांस्य- बीजिंग 2008, रजत- लंदन 2012) ने यह कारनामा किया था. पहलवान सुशील कुमार के बाद लगातार दो ओलंपिक पदक जीतने वाली सिंधु दूसरी भारतीय और पहली भारतीय महिला हैं. सुशील ने 2008 के बीजिंग ओलंपिक में कांस्य और 2012 के लंदन ओलंपिक में रजत पदक जीता था.

बैडमिंटन में ओलंपिक मेडल जीतने वाले शटलर

साइना नेहवाल -ब्रॉन्ज मेडल : लंदन ओलंपिक (2012)

पीवी सिंधु- सिल्वर मेडल: रियो ओलंपिक (2016)

पीवी सिंधु- ब्रॉन्ज मेडल: टोक्यो ओलंपिक (2020)

ब्रॉन्ज मेडल जीतने के बाद सिंधु का रिएक्शन

सिंधु ने ब्रॉन्ज मेडल जीतने के बाद कहा, ‘मैं काफी खुश हूं क्योंकि मैंने इतने वर्षों तक कड़ी मेहनत की है. मेरे अंदर भावनाओं का ज्वार उमड़ रहा था. मुझे खुश होना चाहिए कि मैंने ब्रॉन्ज मेडल जीता या दुखी होना चाहिए कि मैंने फाइनल में खेलने का मौका गंवा दिया. मैं सातवें आसमान पर हूं. मैं इस लम्हें का पूरा लुत्फ उठाऊंगी. मेरे परिवार ने मेरे लिए कड़ी मेहनत की है और काफी प्रयास किए जिसके लिए मैं उनकी आभारी हूं.’

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