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हिमाचल में 1 सितंबर से फिर थमेंगे निजी बसों के पहिए, यहां पढ़ें- अब क्या नया माजरा खड़ा हो रहा

हिमाचल में 1 सितंबर से फिर थमेंगे निजी बसों के पहिए, यहां पढ़ें- अब क्या नया माजरा खड़ा हो रहा

हिमाचल में एक बार फिर से निजी बसों के पहिए थम सकते हैं और बसें खड़ी हो सकती हैं। दरअसल, प्रदेश की जयराम सरकार निजी बस ऑपरेटर्स की मांगों को लेकर गंभीरता से विचार नहीं कर रही है।

प्रदेश निजी बस ऑप्रेटर्ज संघ के पदाधिकारियों ने कहा है कि सरकार की बेरुखी के कारण प्रदेश के निजी बस ऑपरेटर्स अपने आपको ठगा-सा महसूस कर रहे हैं। ऐसी बेरुखी के कारण प्रदेश के निजी बस ऑपरेटर्स दोबारा से संघर्ष का रास्ता अपना सकते हैं।

31 अगस्त तक टैक्स माफ नहीं हुआ तो 1 सितम्बर से शुरू होगा आंदोलन

निजी बस ऑपरेटर्स संघ को लोगों का कहना है कि कि यदि 31 अगस्त तक प्रदेश सरकार द्वारा निजी बस ऑपरेटर्स को दिए गए आश्वासनों पर अमलीजामा नहीं पहनाया गया तो निजी बस ऑपरेटर्स संघर्ष का बिगुल बजाएंगे। 15 दिन के अंदर सरकार ने अगर निजी बस ऑपरेटर्स के हित में कोई फैसला नहीं किया गया तो 1 सितम्बर से निजी बस ऑप्रेटर हड़ताल पर चले जाएंगे।

टैक्स की राशि बढ़कर 75 से 80 प्रतिशत हो रही

संघ के पदाधिकारियों की तरफ से कहा गया कि सरकार के आश्वासन के बावजूद प्रदेश के निजी बस ऑपरेटर्स ने जनता की सेवा के लिए बसों को रूट परमिट पर चलाया जबकि निजी बस ऑपरेटर्स अपनी बसें चलाने में सक्षम नहीं थे। जब सरकार ने 50 प्रतिशत टैक्स माफ किया तो उसके बाद सीएम एवं परिवहन मंत्री ने आश्वासन दिया था कि 50 प्रतिशत जो टैक्स माफ किया गया है।

उसको स्वीकार करें और निकट भविष्य में निजी बस ऑप्रेटर्ज की और मांगों पर भी विचार किया जाएगा और आश्वासन दिया था कि 100 प्रतिशत टैक्स माफ किया जाएगा। ऑपरेटर्स ने आरोप लगाया कि सरकार ने 50 प्रतिशत टैक्स माफ किया है लेकिन उसमें भी जुर्माना लिया जा रहा है और टैक्स की राशि बढ़कर 75 से 80 प्रतिशत हो रही है, जोकि तर्कसंगत नहीं है।
15 अगस्त की घोषणाओं में थी आस, परिवहन मंत्री ने दिया था आश्वासन

बस ऑपरेटर्स ने कहा कि पिछले दिनों प्रदेश निजी बस ऑप्रेटर्ज संघ के पदाधिकारी परिवहन मंत्री विक्रम ठाकुर से मिले और उन्होंने कहा था कि 15 अगस्त को प्रदेश के मुख्यमंत्री निजी बस ऑपरेटर्स के हित में कोई बड़ी घोषणा करेंगे, जिसमें कि 100 प्रतिशत टैक्स माफ करने की घोषणा भी हो सकती है लेकिन प्रदेश के निजी बस ऑपरेटर्स के हित में कोई भी घोषणा मुख्यमंत्री द्वारा नहीं की गई, जिससे प्रदेश के निजी बस ऑपरेटर्स में रोष व्याप्त है।

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