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बारिश से बेहाल दिल्ली, 19 सालों का टूटा रिकॉर्ड, यूपी-महाराष्ट्र में भी तबाही

बारिश से बेहाल दिल्ली, 19 सालों का टूटा रिकॉर्ड, यूपी-महाराष्ट्र में भी तबाही

दिल्ली के जो लोग इस साल मॉनसून की देरी को लेकर परेशान थे, वही लोग अब मना रहे हैं कि मॉनसून जल्द वापस चला जाए। पिछले 24 घंटों में देश की राजधानी दिल्ली इतनी बारिश हुई है कि 19 सालों का रिकॉर्ड टूट गया। बुधवार को पिछले 19 सालों में सितंबर के महीने में होनेवाली सर्वाधिक बारिश रिकॉर्ड की गई। बुधवार मौसम विभाग के मुताबिक 24 घंटों में पांचवीं बार सर्वाधिक बारिश हुई और विभाग को ऑरेंज एलर्ट जारी करना पड़ा है। IMD के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में हर साल सितंबर में औसतन 125.1 मिमी बारिश होती है। लेकिन दिल्ली में इस महीने के पहले दिन ही, पूरे महीने की 90 फीसदी बारिश हो गई। आलम ये है कि ज्यादातर इलाके जलभराव और ट्रैफिक जाम से जूझ रहे हैं।

यूपी में क्या है हाल? दिल्ली ही नहीं, उत्तर प्रदेश में भी बुधवार को भारी बारिश (Heavy rain UP) का कहर देखने को मिला. नोएडा, ग्रेट नोएडा और गाजियाबाद जैसी एनसीआर (NCR) के इलाकों में भी कई घंटों बारिश हुई। इसके अलावा मथुरा और आगरा में भी जोरदार बारिश की वजह से सड़कों पर कई फीट तक पानी भर गया। मथुरा में सड़कों पानी भरने की वजह से जगह-जगह वाहन फंस गए। कुछ जगहों पर तो गाड़ियां पूरी तरह डूब जा रही हैं। लोग बड़ी मुश्किल से पैदल सड़क पार कर पा रहे हैं। कई इलाकों में घरों के अंदर पानी भर गया है। स्कूल जाने के पहले दिन, तमाम बच्चों और अभिभावकों को भी परेशानी हुई। ऑफिस जाने वाले लोगों को भारी बारिश और जलभराव से जूझना पड़ा।

महाराष्ट्र में भी भारी बारिश महाराष्ट्र के जलगांव में बारिश के चलते कई इलाके जलमग्न हो गए हैं। इससे शहर का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। भारी बारिश के कारण कई वाहन मलबे में दब गए हैं। मूसलाधार बारिश के कारण जलगांव जिले के कई इलाके, घर और सड़कें जलमग्न हो गयी हैं।

क्या कहता है मौसम विभाग? भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक अगस्त महीने में सामान्य से 24 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई थी लेकिन सितम्बर में सामान्य से अधिक बारिश होने का अनुमान है। IMD के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि सितम्बर में मध्य भारत के कई हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है। मानसून की कमी अब नौ प्रतिशत रह गई है और सितम्बर के दौरान अच्छी वर्षा होने से इसमें और कमी आ सकती है।

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