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Welcome to आयुष्मान भारत-योजना के तहत 10 लाख तक का मुफ्त इलाज

Welcome to आयुष्मान भारत-योजना के तहत 10 लाख तक का मुफ्त इलाज

आयुष्मान भारत योजना Ayushman Bharat yojana , इस योजना के नाम में ही इसका उद्देश्य छुपा हुआ है | बड़े-बुजुर्ग जब भी किसी दूसरे व्यक्ति को आशीर्वाद देते हैं तो इसी शब्द का उपयोग करते है। आयुष्मान भव:, यानी कि स्वस्थ रहने और लंबी आयु का कामना करना।

इस योजना का उद्देश्य भी यही है की सभी देशवासियों के स्वास्थ्य रहने और लंबी आयु की कामना करना है। आज हम आपको इस लेख मे इसी योजना के बारे मे सम्पूर्ण जानकारी देने वाले है कि किस प्रकार से कोई भी व्यक्ति इस योजना का लाभ उठा सकते है। इस लेख मे हम आपको बताने वाले है कि आयुष्मान भारत योजना क्या है ? और आप इस योजना का लाभ उठाने के लिए किस प्रकार आवेदन कर सकते है।

Ayushman Bharat yojana को जन आरोग्य योजना के नाम से भी जाना जाता गई ! इस योजना की शुरुआत वर्तमान प्रधानमंत्री जी के द्वारा 14 अप्रैल 2018 को भीमराव अम्बेडकर की जयंती के मौके पर छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले से की थी।

इस योजना की घोषणा 2014 के बजट में पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली ने की थी। लेकिन अब इस योजना का नाम मोदी केयर भी पड चूका है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह है की इसके द्वारा लगभग दस करोड़ गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर पिछड़े परिवारों को पांच लाख रुपये तक स्वास्थ्य बीमा दिया जाये ताकि देश में किसी भी व्यक्ति की मृत्यु उस बीमारी से न हो जिस बीमारी का इलाज हो।

आयुष्मान भारत के नाम से मशहूर यह योजना दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थ केयर योजना है, जिसके द्वारा सभी गरीब लोग अपना इलाज मुफ्त में करवा सकते है।

आयुष्मान भारत योजना की मुख्य बाते

इस योजना का लाभ लेने वाले अपना इलाज फ्री में करवा सकते है। इस योजना का लाभ वही लोग उठा सकते है जिन्हे वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर गरीबी रेखा से निचे रखा गया हो । अगर आपका नाम इस लिस्ट में है , तभी आप इस योजना का लाभ ले पाओगे अन्यथा नहीं आप इसकी जानकारी Mera.pm.jay.gov.in वेबसाइट से भी प्राप्त कर सकते है।

इस योजना का लाभ लेने वाले व्यक्ति सरकारी अस्पतालों के अलावा निजी अस्पतालों में भी इलाज फ्री करवा सकते है | इसके लिए आपको इस योजना का आवेदन प्रकिर्या द्वारा कार्ड बनवाना होगा,तभी आप इस योजना का लाभ प्राप्त कर पाओगे।

Ayushman Bharat yojana में लगभग सभी प्रकार की बीमारी के इलाज को शामिल किया गया है , जिसमे योजना का लाभ लेने वाले लोगो के लिए 1354 पैकेज है, इस योजना के द्वारा बायपास , घुटना बदलना , स्टंट डालने जैसे इलाज भी हो सकते है इसके अलावा महिलाओ के लिए गर्भावस्था देखभाल , इत्यादि।

मातृ स्वास्थ्य सेवाएँ, नवजात शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को शामिल किया गया है, यही नहीं इस योजना के द्वारा आप मानसिक बीमारी डैंटल हेल्थ केयर और बुजर्गो के लिए इमरजेन्सी चिकित्सा सुविधाएं शामिल है।
कुछ बीते आकड़ो के अनुसार इस योजना के द्वारा 39 लाख लोगो को फायदा पंहुचा है। जिसकी वजह से लोगो ने 12 हजार करोड़ रूपये बचाये है, जिनमे 6100 करोड़ रूपये गंभीर बीमारीयों के इलाज की वजह से बचे है। आपकी जानकारी के लिए बता दे की इस योजना को दो हिस्सों में बांटा गया है पहला हिस्सा में पांच लाख रूपये का स्वास्थ्य बीमा कवर है ,जबकि दूसरे हिस्से में हेल्थ वेलनेस सेंटर जिसके माध्यम से रोगी को इलाज के लिए दवाइयाँ मुफ्त जाती है | आयुष्मान भारत योजना के द्वारा मरीजों के लिए होने वाले वाले खर्च को राज्य और केंद्र सरकार आपस में बांटती है।

आयुष्मान भारत योजना में आने वाला खर्च

इस योजना के अंतर्गत आने वाला खर्च इस साल तक़रीबन पांच हजार करोड़ रूपये का होगा। यही नहीं आने वाले साल यह खर्च बढ़कर दस हजार करोड़ रूपये का हो जाएगा। एक अनुमान के मुताबिक इस साल लगभग आठ करोड़ लोग इस योजना का लाभ ले सकते है।

आने वाले वर्षो में यह संख्या 10 करोड़ लोगो तक भी पहुंच जाएगी। शुरूआती वर्ष में होने वाले पांच हजार करोड़ के खर्च में केंद्र सरकार द्वारा तीन हजार करोड़ रूपये का खर्च उठाया जाएगा।

इसी तरह आने वाले वर्ष में यह संख्या तीन हजार से बढ़कर सात हजार करोड़ तक पहुंच जाएगी। आपकी जानकरी के लिए बता दे यूपीए सरकार द्वारा वर्ष 2008 में शुरू की गई राष्टीय स्वास्थ्य योजना को भी आयुष्मान भारत योजना में जोड़ दिया गया है।

इस योजना के लिए आपका चयन कैसे होगा

इस योजना के द्वारा लोगो का चयन वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर किया जाएगा। जिसमे आधार कार्ड नंबर द्वारा गरीब आर्थिक रूप से कमजोर लोगो की सूची तैयार की जाएगी अगर आपका नाम इस सूची में आ जाता है, तो आपको इस योजना का लाभ लेने के लिए पहचान पत्र की जरूरत नहीं पड़ेगी।

आपका नाम इस योजना का लाभ लेने वाले लोगो की सूची में है या नहीं इसकी जानकारी आपको कैसे मिलेगी.

सूची में अपना नाम चेक करने के लिए आपको ऑफिसियल वेबसाइट पर जाना होगा। जिसे ओपन करने के बाद आपको होम पेज में एक बॉक्स दिखाई देगा यहां पर आपको अपना मोबाइल नंबर डालना है,

आप जो भी मोबाइल नंबर इसमें डालोगे उस पर एक ओटीपी आएगा, ओटीपी डालने के बाद आपको पता चल जाएगा कि आपका नाम इस योजना से जुड़ा है या नहीं आप 14555 पर कॉल करके भी यह पता लगा सकते है, कि आपका नाम इस योजना की सूची में है या नहीं या आप अपने नज़दीकी अस्पताल में जाकर भी चेक करवा सकते है।

योजना का लाभ अस्पताल में कैसे मिलेगा इस योजना के तहत लाभ लेने वाले परिवार को सबसे पहले अपने मरीज को अस्पताल में भर्ती करना होगा ! उसके बाद अस्पताल में अपने बीमा योजना के दस्तावेज़ दिखाने होंगे, जिसके आधार पर अस्पताल वाले आपको इस योजना का पूरा फायदा देंगे। आपके दस्तावेज़ों के आधार पर अस्पताल वाले बीमा कम्पनियो को सूचित करेंगे उसके बाद दस्तवेजो की सही पुष्टि हो जाने के बाद के बाद आपको अस्पताल में पैसे देने की जरूरत नहीं पड़ेगी ।

इस योजना का लाभ सरकारी अस्पतालों के अलावा निजी प्राइवेट अस्पतालों में भी ले सकते है ! इस योजना का लाभ ज्यादा से ज्यादा लोगो तक पहुंचाने के लिए अस्पतालों को इस योजना से जोड़ने का कार्य शुरू हो चूका है | यही नहीं देश में लोगो के इलाज करने के लिए अस्पतालों की कमी न हो इसके लिए सरकार देश के अंदर डेढ़ लाख से ज्यादा हेल्थ और वेलनेस सेंटर खोलने वाली है ताकि लोगो को इलाज करवाने में किसी भी प्रकार की कोई परेशानी न हो।

आयुष्मान भारत योजना के लाभ

भारत में ऐसी बहुत सी सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं रही है जिनके अंतर्गत अलग लग राज्यों में प्रति परिवार 30,000 रुपये से लेकर 3,00,000 रुपये तक की धन राशि मुहैया कराई जाती थी। जो लोगो में असमानता उत्पन करती थीं। लेकिन आयुष्मान भारत योजना लाभार्थियों को सूचीबद्ध माध्यमिक और तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रति परिवार प्रति वर्ष 5,00,000 रुपये तक का इलाज फ्री करवाती है। इस योजना के द्वारा लोगो को तहत निम्नलिखित उपचार निशुल्क उपलब्ध कराये जाते हैं।

मरीज़ों के इलाज के लिए चिकित्सिक परीक्षा, उपचार और परामर्श
मरीज के अस्पताल में भर्ती होने से पहले लगने वाला खर्च
रोगी के इलाज के लिए दवाइयाँ और चिकित्सा उपभोग
गैर-गहन और गहन स्वास्थ्य सेवाएँ
रोगी के इलाज के लिए नैदानिक और प्रयोगशाला जांच
चिकित्सा आरोपण सेवाएं (जहां आवश्यक हो)
रोगी के अस्पताल में रहने और खाने का खर्च
रोगी को उपचार के दौरान उत्पन्न होने वाली जटिलताएँ
रोगी के अस्पताल में भर्ती होने के बाद 15 दिनों तक की देखभाल का खर्च


किस राज्य में कितने सेंटर होंगे इस योजना को दो भागों में बांटा गया है पहला है। पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर और दूसरा है हेल्थ वेलनेस सेंटर इस योजना को सफल बनाने के लिए देश के सभी स्वास्थ्य केन्द्रो को जोड़ा जाएगा। यह पर इलाज के अलावा लोगो को मुफ्त दवाइयाँ भी मिलेगी।

राज्य खुलने वाले हेल्थ और वेलनेस सेंटरों की संख्या
छत्तीसगढ़ 1000
गुजरात में 1185
राजस्थान में 505
झारखंड में 646
मध्यप्रदेश में 700,
महाराष्ट्र में 1450,
पंजाब में 800,
बिहार में 643,
हरियाणा में 255।

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