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हिमाचल: चलती कार पर गिरी गाय, नदी में समाई कार, पति की मौत, पत्नी लापता

हिमाचल: चलती कार पर गिरी गाय, नदी में समाई कार, पति की मौत, पत्नी लापता

हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के भरमौर-पठानकोट एनएच पर ढकोग के समीप चलती कार पर पहाड़ी से गाय गिर गई। इससे ऑल्टो कार (एचपी-46-5050) अनियंत्रित होकर गहरी खाई में लुढ़ककर रावी नदी में समा गई। यह हादसा सोमवार दोपहर बाद करीब पौने तीन बजे हुआ। हादसे में पति की मौत हो गई, जबकि महिला लापता है। मृतक की पहचान पवन कुमार (39) पुत्र नेत्र सिंह निवासी रैहला डाकघर गरिमा के रूप में हुई है। उनकी पत्नी अनीता देवी (34) लापता हैं। कार को रावी नदी में गिरता देख आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। पुलिस को भी घटना की सूचना दी।पुलिस, होमगार्ड, अग्निशमन विभाग की टीमों ने सर्च ऑपरेशन चलाया।

व्यक्ति का शव बरामद कर लिया गया है, जबकि देर शाम तक महिला का कोई पता नहीं चला था। भरमौर थाने से पुलिस और गृहरक्षकों की टीम, खड़ामुख से अग्निशमन विभाग के जवान और एसडीएम भरमौर मनीष सोनी मौके पर पहुंचे थे। टीम ने ग्रामीणों की मदद से रावी में गिरी कार को निकालने के प्रयास तेज किए। पानी के तेज बहाव में गिरी कार तक पहुंचने के लिए संयुक्त टीम को मानव शृंखला बनाकर रस्सी के सहारे पहुंचना पड़ा। डीएसपी अभिमन्यु वर्मा ने बताया कि ढकोग के पास हादसे में एक व्यक्ति की मौत हुई है, जबकि महिला लापता है। सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। प्रत्यक्ष दर्शी के मुताबिक गाड़ी पर गाय गिरने से चालक ने वाहन से संतुलन खोया। पूर्व वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी ने प्रभावित परिवार के प्रति सांत्वना जताई है। भरमौर के विधायक जियालाल कपूर ने भी दुख जताया है।

खड़ामुख से भरमौर तक सफर खतरनाक

उधर, भरमौर-पठानकोट एनएच पर खड़ामुख से भरमौर तक सफर खतरे से खाली नहीं है। 17 किमी के हिस्से में कई जगह पैरापिटों का नामोनिशान तक नहीं है। इतना ही नहीं, कई जगह बीच सड़क में ही निर्माण सामग्री रेत और बजरी रखवा दी गई है। इसके चलते चालकों को हर समय हादसे का खतरा बना रहता है। कई बार इन जगहों पर दोपहिया वाहन चालक चोटिल भी हो चुके हैं। बावजूद इसके एनएच प्रबंधन ने समस्या के समाधान करने की जहमत नहीं उठाई है।

गौरतलब है कि एक माह पहले भरमौर-पठानकोट एनएच पर खड़ामुख के पास जलविद्युत परियोजना में कार्यरत दो व्यक्ति रात को ड्यूटी कर घर लौट रहे थे लेकिन, खड़ामुख पुल से कुछ ही दूर जाने पर उनकी कार अनियंत्रित हो गई। एनएच किनारे पैरापिट न होने से कार सीधे जलाशय में समा गई और दोनों कार सवारों की मौत हो गई। बावजूद, इसके अभी तक एनएच प्रबंधन ने एनएच किनारे पैरापिट नहीं लगवाए हैं। खड़ामुख से खणी तक एनएच किनारे पर कई जगह पैरापिट नहीं लगाए गए हैं।

सुरेश कुमार, नरेश कुमार, प्रताप चंद, अंबिया राम, अशोक कुमार, नारायण सिंह, उमेश कुमार आदि ने कहा कि खड़ामुख-भरमौर एनएच पर कई जगह एनएच किनारे पैरापिट नहीं हैं। प्रबंधन की लापरवाही कभी भी लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ सकती है। उन्होंने एनएच प्रबंधन के अधिशासी अभियंता से एनएच किनारे से रेत-बजरी को हटवाने सहित संवेदनशील जगह पर पैरापिट लगवाने की मांग की है। एनएच प्रबंधन के अधिशासी अभियंता राजीव कुमार ने कहा कि खड़ामुख-भरमौर एनएच पर कई जगह लोग निर्माण सामग्री रखवा देते हैं, जिसे हटवाया जा रहा है। कहा कि पैरापिट का कार्य जल्द शुरू करवाया जा रहा है।

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